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Gold Price: उच्च स्तर से करीब 10 हजार रुपये नीचे पहुंचा सोना वायदा, जानिए आज कितनी है कीमत

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भारत में सोने और चांदी की वायदा कीमत में गिरावट आज भी जारी रही। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.2 फीसदी फिसलकर 46145 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो आठ महीने में सबसे कम है, जबकि चांदी वायदा एक फीसदी गिरकर 68,479 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। अगस्त 2020 में सोना 56200 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। आज यह उच्च स्तर से करीब 10 हजार रुपये नीचे है। भारत में सोने की दरें इस वर्ष अब तक लगभग आठ फीसदी यानी 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हैं।

वैश्विक बाजारों में इस साल तीन फीसदी की गिरावट
वैश्विक बाजारों में आज सोना 0.4 फीसदी गिरकर 1,769.03 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इस साल इसमें तीन फीसदी की गिरावट
आई है। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 1.1 फीसदी की गिरावट के साथ 26.71 डॉलर प्रति औंस रह गई। इस सप्ताह इसमें अब तक 2.5 फीसदी की गिरावट आई है। प्लैटिनम 2.4 फीसदी फिसलकर 1,244.19 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पैलेडियम 0.7 फीसदी नीचे 2,334.58 डॉलर हो गया।

जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 45 फीसदी बढ़ा निवेश
भारत में, जनवरी में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में 625 करोड़ रुपये का निवेश किया गया, जो इससे पिछले महीने के मुकाबले 45 फीसदी ज्यादा था। निवेशकों को उम्मीद है कि आगे जाकर सोने का बाजार अच्छा रहेगा। साझा कोष कंपनीयों के संघ एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक स्वर्ण ईटीएफ में निवेश दिसंबर के अंत में 14,174 करोड़ रुपये के मुकाबले जनवरी के अंत में 22 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,481 करोड़ रुपये हो गया। नवंबर 2020 में इस तरह की योजनाओं से 141 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई थी। दिसंबर में इसे 431 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश देखने को मिला। मॉर्निंगस्टार इंडिया के सहायक निदेशक- शोध मैनेजर, हिमांशु श्रीवास्तव, ने कहा कि सोने की कीमतें पिछले साल अगस्त में हुए गए सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे आ गई हैं। जनवरी के महीने में भी इसकी कीमतों में काफी गिरावट आई है।

आर्थिक सुधार से इस साल बढ़ सकती है सोने की मांग
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के उबरने के साथ भारत में 2021 के दौरान उपभोक्ता भावनाओं में सुधार हो रहा है और सोने की मांग सकारात्मक दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर में धनतेरस के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि आभूषणों की मांग औसत से कम थी, लेकिन इसमें पिछले साल की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून 2020) के निचले स्तर के मुकाबले काफी सुधार हुआ। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि कुछ समय के लिए अपनी पूर्ण क्षमता के मुकाबले सुस्त बनी रहेगी, लेकिन पिछले कुछ समय से सोने की कीमतों में स्थिरता के चलते उपभोक्ताओं के लिए खरीद के अवसर बढ़ेंगे। डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक चीन जैसे देशों में आर्थिक सुधार की संभावना है, जिसे 2020 की शुरुआत में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। 

भारत में सोने और चांदी की वायदा कीमत में गिरावट आज भी जारी रही। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.2 फीसदी फिसलकर 46145 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो आठ महीने में सबसे कम है, जबकि चांदी वायदा एक फीसदी गिरकर 68,479 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। अगस्त 2020 में सोना 56200 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। आज यह उच्च स्तर से करीब 10 हजार रुपये नीचे है। भारत में सोने की दरें इस वर्ष अब तक लगभग आठ फीसदी यानी 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हैं।

वैश्विक बाजारों में इस साल तीन फीसदी की गिरावट

वैश्विक बाजारों में आज सोना 0.4 फीसदी गिरकर 1,769.03 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इस साल इसमें तीन फीसदी की गिरावट

आई है। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 1.1 फीसदी की गिरावट के साथ 26.71 डॉलर प्रति औंस रह गई। इस सप्ताह इसमें अब तक 2.5 फीसदी की गिरावट आई है। प्लैटिनम 2.4 फीसदी फिसलकर 1,244.19 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पैलेडियम 0.7 फीसदी नीचे 2,334.58 डॉलर हो गया।

जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 45 फीसदी बढ़ा निवेश

भारत में, जनवरी में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में 625 करोड़ रुपये का निवेश किया गया, जो इससे पिछले महीने के मुकाबले 45 फीसदी ज्यादा था। निवेशकों को उम्मीद है कि आगे जाकर सोने का बाजार अच्छा रहेगा। साझा कोष कंपनीयों के संघ एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक स्वर्ण ईटीएफ में निवेश दिसंबर के अंत में 14,174 करोड़ रुपये के मुकाबले जनवरी के अंत में 22 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,481 करोड़ रुपये हो गया। नवंबर 2020 में इस तरह की योजनाओं से 141 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई थी। दिसंबर में इसे 431 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश देखने को मिला। मॉर्निंगस्टार इंडिया के सहायक निदेशक- शोध मैनेजर, हिमांशु श्रीवास्तव, ने कहा कि सोने की कीमतें पिछले साल अगस्त में हुए गए सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे आ गई हैं। जनवरी के महीने में भी इसकी कीमतों में काफी गिरावट आई है।

आर्थिक सुधार से इस साल बढ़ सकती है सोने की मांग

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के उबरने के साथ भारत में 2021 के दौरान उपभोक्ता भावनाओं में सुधार हो रहा है और सोने की मांग सकारात्मक दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर में धनतेरस के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि आभूषणों की मांग औसत से कम थी, लेकिन इसमें पिछले साल की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून 2020) के निचले स्तर के मुकाबले काफी सुधार हुआ। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि कुछ समय के लिए अपनी पूर्ण क्षमता के मुकाबले सुस्त बनी रहेगी, लेकिन पिछले कुछ समय से सोने की कीमतों में स्थिरता के चलते उपभोक्ताओं के लिए खरीद के अवसर बढ़ेंगे। डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक चीन जैसे देशों में आर्थिक सुधार की संभावना है, जिसे 2020 की शुरुआत में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। 

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arvind007

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