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Covid-19 Bulletin: देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 2.2 लाख से भी कम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 12 Jan 2021 04:23 PM IST

स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण
– फोटो : एएनआई (फाइल)

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देश में कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। यहां स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होंने बताया कि देश में अब कोरोना के 2.2 लाख से भी कम सक्रिय मरीज रह गए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल दो राज्य ऐसे हैं जहां सक्रिय मामले 50 हजार से ज्यादा हैं। ये दो राज्य महाराष्ट्र और केरल हैं। केरल में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 63,547 और महाराष्ट्र में 53,463 है। मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना के कुल 1.04 करोड़ मामले सामने आए हैं। इनमें से 2.16 लाख सक्रिय मामले हैं। वहीं, देश में कोरोना के चलते 1.51 लाख लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही अब तक 18.2 करोड़ जांच की गई हैं।

देश में कोरोना वायरस वैक्सीनों को उपयोग की अनुमति को लेकर भूषण ने कहा कि दो कोविड-19 वैक्सीनों- कोविशील्ड और कोवाक्सिन- को आपात उपयोग की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा दोनों वैक्सीनों की सुरक्षा और प्रतिरक्षाजनकता सिद्ध हुई है। देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 जनवरी से होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया है।

कोरोना की इन वैक्सीनों पर भी भारत में चल रहा है काम
जायडस कैडिला के दूसरे चरण का ट्रायल दिसंबर में पूरा हो गया था। इसके तीसरे चरण के ट्रायल चल रहे हैं। रूस की वैक्सीन स्पुतनिक वी के तीसरे चरण के ट्रायल चल रहे हैं। तीसरी संभावित वैक्सीन बायोलॉजिकल ई की है जिसके पहले चरण के ट्रायल दिसंबर में शुरू हुए थे जो अभी जारी हैं। इसके दूसरे चरण के ट्रायल मार्च में शुरू हो सकते हैं। चौथी वैक्सीन पुणे की कंपनी जेनोवा की है, इसके पहले चरण के ट्रायल की शुरुआत हो गई है।

भारत और दुनिया की अन्य वैक्सीनों की कीमतों में अंतर
भूषण ने भारत और दुनिया की अन्य वैक्सीनों की कीमतों में अंतर की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 1431 रुपये है। मॉडर्ना की वैक्सीन की एक खुराक की संभावित कीमत 2348 से 2715 रुपये तक रहेगी। सिनोफार्म की वैक्सीन की एक खुराक के लिए 5650 रुपये से भी अधिक दाम चुकाने होंगे। सिनवैक बायोटेक की वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 1027 रुपये है। जबकि भारत में कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत 200 रुपये प्रति खुराक रखी गई है।

देश में कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। यहां स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होंने बताया कि देश में अब कोरोना के 2.2 लाख से भी कम सक्रिय मरीज रह गए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल दो राज्य ऐसे हैं जहां सक्रिय मामले 50 हजार से ज्यादा हैं। ये दो राज्य महाराष्ट्र और केरल हैं। केरल में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 63,547 और महाराष्ट्र में 53,463 है। मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना के कुल 1.04 करोड़ मामले सामने आए हैं। इनमें से 2.16 लाख सक्रिय मामले हैं। वहीं, देश में कोरोना के चलते 1.51 लाख लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही अब तक 18.2 करोड़ जांच की गई हैं।

देश में कोरोना वायरस वैक्सीनों को उपयोग की अनुमति को लेकर भूषण ने कहा कि दो कोविड-19 वैक्सीनों- कोविशील्ड और कोवाक्सिन- को आपात उपयोग की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा दोनों वैक्सीनों की सुरक्षा और प्रतिरक्षाजनकता सिद्ध हुई है। देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 जनवरी से होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया है।

कोरोना की इन वैक्सीनों पर भी भारत में चल रहा है काम

जायडस कैडिला के दूसरे चरण का ट्रायल दिसंबर में पूरा हो गया था। इसके तीसरे चरण के ट्रायल चल रहे हैं। रूस की वैक्सीन स्पुतनिक वी के तीसरे चरण के ट्रायल चल रहे हैं। तीसरी संभावित वैक्सीन बायोलॉजिकल ई की है जिसके पहले चरण के ट्रायल दिसंबर में शुरू हुए थे जो अभी जारी हैं। इसके दूसरे चरण के ट्रायल मार्च में शुरू हो सकते हैं। चौथी वैक्सीन पुणे की कंपनी जेनोवा की है, इसके पहले चरण के ट्रायल की शुरुआत हो गई है।

भारत और दुनिया की अन्य वैक्सीनों की कीमतों में अंतर

भूषण ने भारत और दुनिया की अन्य वैक्सीनों की कीमतों में अंतर की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 1431 रुपये है। मॉडर्ना की वैक्सीन की एक खुराक की संभावित कीमत 2348 से 2715 रुपये तक रहेगी। सिनोफार्म की वैक्सीन की एक खुराक के लिए 5650 रुपये से भी अधिक दाम चुकाने होंगे। सिनवैक बायोटेक की वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 1027 रुपये है। जबकि भारत में कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत 200 रुपये प्रति खुराक रखी गई है।


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