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corona vaccination: टीका लगाने में अमेरिका, ब्रिटेन सबसे आगे, यूरोप के अमीर देश पिछड़े

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कोवि़ड-19 महामारी को पूरी तरह से खत्म करने कि लिए आज विश्व में कोरोना टीकाकरण तेजी के साथ किया जा रहा है। विश्व में अमेरिका में सबसे तेज कोरोना वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। अमेरिका में अबतक लगभग 3.60 करोड़ (करीब 10 प्रतिशत) लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। ब्रिटेन दुनिया में दूसरे नंबर पर बना हुआ है। यहां अभी तक 1.14 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया गया है। 

हैरान करने वाली बात यहा है कि यूरोप के कुछ देश बहुत अमीर होते हुए भी कोरना वैक्सीनेशन की रेस में बहुत पीछे रह गए हैं। यहां तक कि वे टॉप-5 देशों की लिस्ट में भी नहीं हैं। जर्मनी में अब तक 3 प्रतिशत से भी कम आबादी को वैक्सीन दी गई है। वैक्सीनेशन के मामले में पीछे रहने के कारण ही कुछ समय पहले यूरोपियन यूनियन की आलोचना भी की गई थी।

स्पेन में ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की पहली खेप पहुंची
स्पेन में ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन की पहली खेप पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस वीकेंड पर वैक्सीन के 1.96 लाख डोज उसे मिल गए हैं। इसके साथ ही जल्द देश में टीकाकरण की शुरुआत कर दी जाएगी। 

स्पेन के स्वास्थ्यकर्मियों को सबसे पहले वैक्सीन लगाई जाएगी, जिन्होंने लॉकडाइन से समय फ्रंट पर रहकर लोगों की सेवा और उनका इलाज किया है। यहां 18 से 55 साल के लोगों पर एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाएगा।

स्पेन को इस महीने कुल 18.10 लाख वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। यहां एस्ट्रेजेनेका के साथ फाइजर और मॉडर्ना वैक्सीन को भी मंजूरी मिली है। तीनों वैक्सीनों के करीब 40 लाख डोज लगाए जाएंगे। 4.67 करोड़ आबादी वाले स्पेन में कोरोना के 29.71 लाख केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 61,386 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

जर्मनी में अब तक केवल तीन प्रतिशत लोगों का टीकाकरण
जर्मनी में अब तक 30 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। देश की सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरण रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि कुल 32.69 लाख लोगों को टीका लग चुका है।

इनमें 22.87 लाख लोगों को पहला और 9.81 लाख लोगों को दूसरा डोज दिया गया है। अभी तक केवल देश की 2.8 प्रतिशत आबादी को ही कवर किया गया है।

इटली में नए रेड जोन बनाए जाने में आई तेजी
इटली में कोरोना के ब्रिटेन, ब्राजील और साउथ अफ्रीकी वैरिएंट के मरीज मिलने के बाद तेजी से नए रेड जोन बनाए गए हैं। यहां लोगों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगाई गई है। सिर्फ जरूरी काम और मेडिकल से जुड़ी जरूरतों के लिए ही बाहर जाने की इजाजत है। ये नियम केवल 21 फरवरी तक के लिए लगाए गए हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को बताया कि हाल में 44 सैंपल में ब्रिटेन और ब्राजील के वैरिएंट का पता लगाया गया था। इटालियन हेल्थ इंस्टीट्यूट के मुताबिक, इनकी वजह से 2 राज्यों में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इटली में करीब 25 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई गई है।

दुनिया में अब तक 10.68 करोड़ लोग कोरोना वायरस से हुए संक्रमित
दुनिया में अब तक 10 करोड़ 68 लाख 18 हजार से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 7 करोड़ 85 लाख 63 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। 23 लाख 30 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। अभी 2 करोड़ 57 लाख मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। इनमें करीब 1 लाख की हालत गंभीर है।

 

 

कोवि़ड-19 महामारी को पूरी तरह से खत्म करने कि लिए आज विश्व में कोरोना टीकाकरण तेजी के साथ किया जा रहा है। विश्व में अमेरिका में सबसे तेज कोरोना वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। अमेरिका में अबतक लगभग 3.60 करोड़ (करीब 10 प्रतिशत) लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। ब्रिटेन दुनिया में दूसरे नंबर पर बना हुआ है। यहां अभी तक 1.14 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया गया है। 

हैरान करने वाली बात यहा है कि यूरोप के कुछ देश बहुत अमीर होते हुए भी कोरना वैक्सीनेशन की रेस में बहुत पीछे रह गए हैं। यहां तक कि वे टॉप-5 देशों की लिस्ट में भी नहीं हैं। जर्मनी में अब तक 3 प्रतिशत से भी कम आबादी को वैक्सीन दी गई है। वैक्सीनेशन के मामले में पीछे रहने के कारण ही कुछ समय पहले यूरोपियन यूनियन की आलोचना भी की गई थी।

स्पेन में ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की पहली खेप पहुंची

स्पेन में ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन की पहली खेप पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस वीकेंड पर वैक्सीन के 1.96 लाख डोज उसे मिल गए हैं। इसके साथ ही जल्द देश में टीकाकरण की शुरुआत कर दी जाएगी। 

स्पेन के स्वास्थ्यकर्मियों को सबसे पहले वैक्सीन लगाई जाएगी, जिन्होंने लॉकडाइन से समय फ्रंट पर रहकर लोगों की सेवा और उनका इलाज किया है। यहां 18 से 55 साल के लोगों पर एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाएगा।

स्पेन को इस महीने कुल 18.10 लाख वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। यहां एस्ट्रेजेनेका के साथ फाइजर और मॉडर्ना वैक्सीन को भी मंजूरी मिली है। तीनों वैक्सीनों के करीब 40 लाख डोज लगाए जाएंगे। 4.67 करोड़ आबादी वाले स्पेन में कोरोना के 29.71 लाख केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 61,386 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

जर्मनी में अब तक केवल तीन प्रतिशत लोगों का टीकाकरण

जर्मनी में अब तक 30 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। देश की सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरण रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि कुल 32.69 लाख लोगों को टीका लग चुका है।

इनमें 22.87 लाख लोगों को पहला और 9.81 लाख लोगों को दूसरा डोज दिया गया है। अभी तक केवल देश की 2.8 प्रतिशत आबादी को ही कवर किया गया है।

इटली में नए रेड जोन बनाए जाने में आई तेजी

इटली में कोरोना के ब्रिटेन, ब्राजील और साउथ अफ्रीकी वैरिएंट के मरीज मिलने के बाद तेजी से नए रेड जोन बनाए गए हैं। यहां लोगों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगाई गई है। सिर्फ जरूरी काम और मेडिकल से जुड़ी जरूरतों के लिए ही बाहर जाने की इजाजत है। ये नियम केवल 21 फरवरी तक के लिए लगाए गए हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को बताया कि हाल में 44 सैंपल में ब्रिटेन और ब्राजील के वैरिएंट का पता लगाया गया था। इटालियन हेल्थ इंस्टीट्यूट के मुताबिक, इनकी वजह से 2 राज्यों में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इटली में करीब 25 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई गई है।

दुनिया में अब तक 10.68 करोड़ लोग कोरोना वायरस से हुए संक्रमित

दुनिया में अब तक 10 करोड़ 68 लाख 18 हजार से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 7 करोड़ 85 लाख 63 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। 23 लाख 30 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। अभी 2 करोड़ 57 लाख मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। इनमें करीब 1 लाख की हालत गंभीर है।

 

 

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arvind007

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