Uttar Pradesh

Corona Cases in Ballia: कोरोना से बलिया के सीएमओ डॉ जितेंद्र पाल का निधन

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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से सीएमओ डॉ. जितेंद्र पाल सिंह की रविवार देर मौत हो गई। उनका लखनऊ के पीजीआई में उपचार चल रहा था। बीते सोमवार को कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई के लिए रेफर किया था।
कोरोना काल के शुरुआती दौर में मार्च 2019 में डॉ. जितेंद्र पाल सिंह की बलिया में तैनाती हुई थी। इसके पूर्व वे कुशीनगर में वरिष्ठ चिकित्सक के पद पर कार्यरत थे। सीमित समय में ही डॉक्टर बाल कर्मचारियों और जिले के लोगों में काफी लोकप्रिय हो गए थे।

डॉक्टर पाल के निधन से स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा जगत में शोक की लहर है। स्वास्थ विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात दो बजे अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और डॉक्टर जब तक स्थिति संभालते उनकी मौत हो गई।

कोरोना से एक और की हुई मौत, आठ मिले नए मरीज
बलिया में कोरोना के संक्रमित मरीजों का मिलना लगातार जारी है। रविवार को आई रिपोर्ट में आठ नए मरीज पाए गए हैं। जबकि बेरूआरबारी के असेगा निवासी एक वृद्ध की कोरोना से मौत होने की पुष्टि हुई है। इस प्रकार जिले में अब 101 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। जिले में अब कुल मरीजों की संख्या 7147 हो गई है। इसमें 6993 लोग उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं, जबकि एक्टिव केस की संख्या 53 है।

बलिया में पहले चरण में 10319 स्वास्थ्यकर्मियों को लगेगी वैक्सीन
कोविड-19 टीकाकरण के लिए शासन के गाइडलाइन के अनुसार बलिया में सर्वे आरंभ हो गया है। जनपद में कोरोना टीकाकरण के लिए चार फेज में बांटा गया है। पहले फेज में सरकारी एवं प्राइवेट स्वास्थ्य कर्मी, दूसरे फेज में पुलिस, सफाईकर्मी एवं अन्य रहेंगे। जबकि तीसरे फेज में 50 से ऊपर वाले गंभीर रोगी रहेंगे।

वहीं, चौथे फेज में 50 से नीचे वाले सभी लोगों को शामिल किया गया है। इसके तहत प्रथम फेज में सरकारी 9239 और प्राइवेट 1080 लोगों की सूची तैयार कर ली गई है। इनका मोबाइल नंबर, आधार कार्ड को छोड़कर अन्य आईडी, पिनकोड आदि अपलोड किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से सीएमओ डॉ. जितेंद्र पाल सिंह की रविवार देर मौत हो गई। उनका लखनऊ के पीजीआई में उपचार चल रहा था। बीते सोमवार को कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई के लिए रेफर किया था।

कोरोना काल के शुरुआती दौर में मार्च 2019 में डॉ. जितेंद्र पाल सिंह की बलिया में तैनाती हुई थी। इसके पूर्व वे कुशीनगर में वरिष्ठ चिकित्सक के पद पर कार्यरत थे। सीमित समय में ही डॉक्टर बाल कर्मचारियों और जिले के लोगों में काफी लोकप्रिय हो गए थे।

डॉक्टर पाल के निधन से स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा जगत में शोक की लहर है। स्वास्थ विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात दो बजे अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और डॉक्टर जब तक स्थिति संभालते उनकी मौत हो गई।


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arvind007

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