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58 साल में पहली बार नगालैंड विधानसभा में गूंजा राष्ट्रगान

नागालैंड विधानसभा
– फोटो : सोशल मीडिया

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नागालैंड विधानसभा ने राज्य गठन के 58 साल में पहली बार देश के राष्ट्रगान के साथ सत्र की शुरुआत की। यह इतिहास करीब एक सप्ताह पहले उस समय रचा गया, जब 13वीं विधानसभा के सातवें सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान के साथ की गई।

नागालैंड राज्य 1 दिसंबर, 1963 को अस्तित्व में आ गया था। जनवरी, 1964 में पहली बार विधानसभा चुनाव के बाद निर्वाचित सरकार अस्तित्व में आई और 11 फरवरी, 1964 को पहली विधानसभा गठित हुई। इसके बावजूद राज्य की विधानसभा में कभी ‘जन गण मन’ की धुन नहीं गूंजी थी।

हालांकि विधानसभा आयुक्त डॉ. पीजे एंटनी का कहना है कि विधानसभा में राष्ट्रगान गाने पर किसी तरह की रोक नहीं थी। लेकिन इसके बावजूद यहां राष्ट्रगान क्यों नहीं गाया जाता था, इसे लेकर कोई आदेश मौजूद नहीं है। इस बार विधानसभा स्पीकर शारिंगेन लोंगकुमेर ने राज्यपाल के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान बजवाने का निर्णय लिया और इसके लिए मुख्यमंत्री नेफियू रियो के नेतृत्व वाली सरकार की सहमति ली गई। इसके बाद 12 फरवरी को 7वें सत्र की शुरुआत से पहले राज्यपाल के आने पर पहली बार राष्ट्रगान बजाया गया और मास्क पहने हुए सभी विधायकों ने एक साथ खड़े होकर इसका सम्मान भी किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
नागालैंड विधानसभा भवन में पहली बार ‘जन गण मन’ गूंजने और सभी विधायकों के सावधान की मुद्रा में खड़े होकर उसे सम्मान देने के इस ऐतिहासिक नजारे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो गया है। इसे बहुत सारी हस्तियों ने शेयर करते हुए खुशी जताई है।

नागालैंड विधानसभा ने राज्य गठन के 58 साल में पहली बार देश के राष्ट्रगान के साथ सत्र की शुरुआत की। यह इतिहास करीब एक सप्ताह पहले उस समय रचा गया, जब 13वीं विधानसभा के सातवें सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान के साथ की गई।

नागालैंड राज्य 1 दिसंबर, 1963 को अस्तित्व में आ गया था। जनवरी, 1964 में पहली बार विधानसभा चुनाव के बाद निर्वाचित सरकार अस्तित्व में आई और 11 फरवरी, 1964 को पहली विधानसभा गठित हुई। इसके बावजूद राज्य की विधानसभा में कभी ‘जन गण मन’ की धुन नहीं गूंजी थी।

हालांकि विधानसभा आयुक्त डॉ. पीजे एंटनी का कहना है कि विधानसभा में राष्ट्रगान गाने पर किसी तरह की रोक नहीं थी। लेकिन इसके बावजूद यहां राष्ट्रगान क्यों नहीं गाया जाता था, इसे लेकर कोई आदेश मौजूद नहीं है। इस बार विधानसभा स्पीकर शारिंगेन लोंगकुमेर ने राज्यपाल के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान बजवाने का निर्णय लिया और इसके लिए मुख्यमंत्री नेफियू रियो के नेतृत्व वाली सरकार की सहमति ली गई। इसके बाद 12 फरवरी को 7वें सत्र की शुरुआत से पहले राज्यपाल के आने पर पहली बार राष्ट्रगान बजाया गया और मास्क पहने हुए सभी विधायकों ने एक साथ खड़े होकर इसका सम्मान भी किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

नागालैंड विधानसभा भवन में पहली बार ‘जन गण मन’ गूंजने और सभी विधायकों के सावधान की मुद्रा में खड़े होकर उसे सम्मान देने के इस ऐतिहासिक नजारे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो गया है। इसे बहुत सारी हस्तियों ने शेयर करते हुए खुशी जताई है।

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