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21 फरवरी 2020 को मिला था इटली में पहला कोरोना मरीज, जानिए उस वक्त की पूरी कहानी

सभी जानते हैं कि इटली स्वास्थ्य सेवाओं में बेहद मजबूत होने के बावजूद कोरोना वायरस ने देश में भारी तबाही मचाई है। जिस तरह की तस्वीरें इटली से आई थीं, उससे पता चलता था कि लोगों के मन में कोरोना वायरस के डर किस कदर असर डाला था।

इटली ने एक साल पहले पहली बार एशिया के बाहर स्थानीय रूप से प्रसारित कोरोना वायरस संक्रमण की चौंकाने वाली पुष्टि की थी। देश में उस समय 150 किमी के दायरे में लगातार कोरोना के मामले निकल रहे थे।

इटली में कोरोना वायरस पहला का पहला मामला लोम्बार्डी क्षेत्र के औद्योगिक शहर कोडोग्नो में पाया गया था। इसके बाद लोगों में डर बैठ गया और वे मेडिकल की दुकानों पर मास्क ढूढने लगे थे।

21 फरवरी 2020 की शाम में शराब के लिए मशहूर वेनेटो क्षेत्र के वीओ शहर में 77 वर्षीय सेवानिवृत्त व्यक्ति एड्रियानो ट्रेविसन की मौत हो गई थी। उस समय कोरोना से यह पहली मौत थी, इसके बाद हर किसी के मन में खतरे की घंटी बजने लगी थी।

डॉ. कार्लो ने कहा कि वेनेटो क्षेत्र के एड्रियानो ट्रेविसन की मौत ने हमको झकझोर के रख दिया। उनको आसपास के लोग अच्छे जानते थे और वह एक स्थानीय बार में रोज कार्ड खेलने जाते थे। मौत के दस दिन पहले ट्रेविसन को हृदय से जुड़ी समस्या को लेकर अस्पताल में भर्ती किया गया था, जिन्हें दवाओं से ठीक नहीं किया जा सकता था। उनका किसी चीन से कोई संपर्क नहीं था। लेकिन उनकी मौत कोरोना वायरस से हुई।

इसके बाद इटली में कोरोना का प्रकोप बढ़ता ही चला गया। यूरोप और दुनिया में इटली कोरोना से प्रभावित होने वाल पहला देश था, जहां साल के 2020 की शुरुआत में कोविड के सबसे ज्यादा मामले थे। घनी आबादी वाला लोम्बार्डी कम समय में ही कोरोना का केंद्र बन गया था।

स्थानीय मेयर गियुलियानो मार्टिनी स्कूलों और गैर-व्यावसायिक गतविधियों को विराम देने का आदेश दिया। साथ ही वहां काम करने लोगों से कुछ दिनों तक काम न करने की गुजारिश भी की। 

वहीं उन्होंने स्थानीय स्वयंसेवक समूहों से कहा था कि वे शहर में खाने की चीजों और दवाओं की आपूर्ति को पूरा करने में मदद करें। उस समय शहर के तीन डॉक्टरों को एकांतवास में रखा गया था क्योंकि वे कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में थे। मार्टिनी का कहना है कि यह एक युद्ध फिल्म की तरह था। हम पूरी तरह से अकेले थे। 

वायरोलॉजिस्ट एंड्रिया क्रिसांती के मुताबिक उस वक्त यह महामारी नई थी और लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। 27 फरवरी को नाक के द्वारा लोगों का कोरोना परीक्षण के लिए स्वाब लिया गया इसके बाद पता चला कि लगभग तीन फीसदी लोग कोरोना से संक्रमित हैं। कोरोना के आंकड़े को देखते हुए हमें वेनेटो और लोम्बार्डी दोनों क्षेत्रों में लॉकडाउन घोषित कर देना चाहिए था, लेकिन फैसला लेने वालों को इस बीमरी की गंभीरता का अंदाजा नहीं था।

दुनियाभर में कोरोना वायरस अब तक 20 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। इटली में अब तक 2,780,882 कोरोना के केस मिल चुके हैं। 95,235 लोग जान गंवा चुके हैं और 2,303,199 लोग कोरोना से रिकवर भी हो चुके हैं। एक साल के बाद अब इटली और कोरोना से प्रभावित उसके शहर इस डर से बाहर निकल रहे हैं। 

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arvind007

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