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2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट का अनुमान, 2021 में होगी वृद्धि: संयुक्त राष्ट्र

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 26 Jan 2021 12:43 PM IST

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संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 और लॉकडाउन से प्रभावित 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9.6 फीसदी की गिरावट होने का अनुमान है। इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2021 में 7.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन और अन्य पाबंदियों से वायरस संक्रमण का प्रसार रुका नहीं, पर घरेलू उपभोग घट गया। 

वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.3 फीसदी का संकुचन 
विश्व की आर्थिक स्थिति और संभावनाओं पर इस बहुपक्षीय संगठन की रिपोर्ट वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन एंड प्रास्पेक्ट्स के ताजा संस्करण में कहा गया है कि 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था 4.3 फीसदी संकुचित हुई। यह संकुचन 2009 के ढाई गुना से ज्यादा है। 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.7 फीसदी की हल्की वृद्धि हो सकती है और उससे 2020 के नुकसान की किसी तरह से भरपाई हो सकेगी। 

भारतीय अर्थव्यवस्था में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया में सभी अर्थव्यवस्थाओं पर महामारी का गहरा असर पड़ा है और इस क्षेत्र में 8.9 फीसदी की आर्थिक गिरावट का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत में अपने इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा है और देश की अर्थव्यवस्था 2020 में करीब 10 फीसदी संकुचित हुई है। 

नहीं रुका महामारी का प्रसार 
रिपोर्ट में कहा गया है कि, ‘भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में घट कर 4.7 फीसदी रह गई थी और 2020 में इसमें 9.6 फीसदी गिरावट आ गई, क्योंकि राजकोषीय और मौद्रिक प्रोत्साहनों के बावजूद लॉकडाउन और अन्य नियंत्रणों के चलते घरेलू उपभोग घट गया, पर महामारी का प्रसार रुका नहीं।’ संयुक्त राष्ट्र महाचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि दुनिया इस समय 90 साल के दौर का सबसे बड़ा स्वास्थ्य और आर्थिक संकट झेल रही है। हम मौतों की बढ़ती संख्या से शोक दुखी हैं। 

विकसित देशों का श्रम बाजार तबाह
हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि आज हम जो निर्णय लेते हैं उससे हमारा सामूहिक भविष्य तय होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि 2021 के 7.3 फीसदी की तुलना में मंद हो कर 5.9 फीसदी पर आ जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 ने विकसित देशों के श्रम बाजार को तबाह कर दिया है। मध्य 2020 में नाइजीरिया में बेरोजगारी दर 27 फीसदी तथा भारत में 23 फीसदी तक पहुंच गई थी। चीन की वृद्धि दर 2020 में 2.3 तथा 2021 में 7.2 फीसदी रहने का अनुमान है।

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 और लॉकडाउन से प्रभावित 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9.6 फीसदी की गिरावट होने का अनुमान है। इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2021 में 7.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन और अन्य पाबंदियों से वायरस संक्रमण का प्रसार रुका नहीं, पर घरेलू उपभोग घट गया। 

वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.3 फीसदी का संकुचन 

विश्व की आर्थिक स्थिति और संभावनाओं पर इस बहुपक्षीय संगठन की रिपोर्ट वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन एंड प्रास्पेक्ट्स के ताजा संस्करण में कहा गया है कि 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था 4.3 फीसदी संकुचित हुई। यह संकुचन 2009 के ढाई गुना से ज्यादा है। 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.7 फीसदी की हल्की वृद्धि हो सकती है और उससे 2020 के नुकसान की किसी तरह से भरपाई हो सकेगी। 

भारतीय अर्थव्यवस्था में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया में सभी अर्थव्यवस्थाओं पर महामारी का गहरा असर पड़ा है और इस क्षेत्र में 8.9 फीसदी की आर्थिक गिरावट का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत में अपने इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा है और देश की अर्थव्यवस्था 2020 में करीब 10 फीसदी संकुचित हुई है। 

नहीं रुका महामारी का प्रसार 

रिपोर्ट में कहा गया है कि, ‘भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में घट कर 4.7 फीसदी रह गई थी और 2020 में इसमें 9.6 फीसदी गिरावट आ गई, क्योंकि राजकोषीय और मौद्रिक प्रोत्साहनों के बावजूद लॉकडाउन और अन्य नियंत्रणों के चलते घरेलू उपभोग घट गया, पर महामारी का प्रसार रुका नहीं।’ संयुक्त राष्ट्र महाचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि दुनिया इस समय 90 साल के दौर का सबसे बड़ा स्वास्थ्य और आर्थिक संकट झेल रही है। हम मौतों की बढ़ती संख्या से शोक दुखी हैं। 

विकसित देशों का श्रम बाजार तबाह

हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि आज हम जो निर्णय लेते हैं उससे हमारा सामूहिक भविष्य तय होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि 2021 के 7.3 फीसदी की तुलना में मंद हो कर 5.9 फीसदी पर आ जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 ने विकसित देशों के श्रम बाजार को तबाह कर दिया है। मध्य 2020 में नाइजीरिया में बेरोजगारी दर 27 फीसदी तथा भारत में 23 फीसदी तक पहुंच गई थी। चीन की वृद्धि दर 2020 में 2.3 तथा 2021 में 7.2 फीसदी रहने का अनुमान है।

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