Uttar Pradesh

सेवा विस्तार को लेकर विवादों में घिरे एनसीजेडसीसी के निदेशक सुनील ग्रोवर

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सेवा विस्तार पर संस्कृति मंत्रालय और राजभवन के अलग-अलग आदेशों की वजह से एनसीजेडसीसी के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। कार्यकाल समाप्त होने के बाद राजभवन की ओर से जहां नए निदेशक की तलाश शुरू कर दी गई है और एनसीजेडसीसी निदेशक का दायित्व डीएम को सौंपने का आदेश जारी किया गया है, वहीं इस पत्रावली को दर किनार कर वह अभी भी निदेशक का काम देख रहे हैं। मजे की बात यह है कि संस्कृति मंत्रालय ने उनका कार्यकाल दो वर्ष के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन फाइल राजभवन में अटक गई है। इससे एनसीजेडसीसी में निदेशक को लेकर ऊहापोह की स्थिति बन गई है। 

एनसीजेडसीसी के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर का तीन वर्ष का कार्यकाल बीते 17 दिसंबर को पूरा हो गया। 31 दिसंबर को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इस संबंध में नए निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज भवन से जारी आदेश में कहा गया है कि नए निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है।

ऐसे में कार्यहित में एनसीजेडसीसी के निदेशक के दायित्वों के निर्वहन का कार्य नए निदेशक की नियुक्ति होने के साथ ही अग्रिम आदेशों तक जिलाधिकारी को सौंपा जाता है। राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी केयूर सी संपत की ओर से इस आदेश की प्रतियां डीएम के अलावा संस्कृति मंत्रालय के सचिव के नाम से भी जारी की गई हैं। उधर, संस्कृति मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी राजेश साहा की ओर से राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता को भेजे पत्र में ग्रोवर का कार्यकाल दो वर्ष के लिए बढ़ाने की बात कही गई है।  

साहा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री स्वतंत्र प्रभार के निर्देश पर एनसीजेडसीसी निदेशक का कार्यकाल बढ़ाया गया है, लेकिन राजभवन की ओर से संस्कृति मंत्रालय के पत्र पर अमल न किए जाने से मामला लटक गया है। इस संबंध में डीएम से संपर्क साधा गया लेकिन फोन पर उपलब्ध न होने की वजह से उनकी टिप्पणी नहीं मिल सकी।
 

  • मैं कला-संस्कृति के विकास के लिए अच्छा काम करना चाहता हूं। इसमें कुछ लोग रोड़ा डाल रहे हैं। मेरा कार्यकाल बढ़ाने संबंधी संस्कृति मंत्रालय का पत्र राजभवन को बीते महीने ही भेज दिया गया था। अभी तक पत्रावली स्वीकृत नहीं हो सकी है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही राजभवन की ओर से मेरा सेवा विस्तार पर मुहर लगा दी जाएगी। इंद्रजीत ग्रोवर, निदेशक-एनसीजेडसीसी।

सेवा विस्तार पर संस्कृति मंत्रालय और राजभवन के अलग-अलग आदेशों की वजह से एनसीजेडसीसी के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। कार्यकाल समाप्त होने के बाद राजभवन की ओर से जहां नए निदेशक की तलाश शुरू कर दी गई है और एनसीजेडसीसी निदेशक का दायित्व डीएम को सौंपने का आदेश जारी किया गया है, वहीं इस पत्रावली को दर किनार कर वह अभी भी निदेशक का काम देख रहे हैं। मजे की बात यह है कि संस्कृति मंत्रालय ने उनका कार्यकाल दो वर्ष के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन फाइल राजभवन में अटक गई है। इससे एनसीजेडसीसी में निदेशक को लेकर ऊहापोह की स्थिति बन गई है। 

एनसीजेडसीसी के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर का तीन वर्ष का कार्यकाल बीते 17 दिसंबर को पूरा हो गया। 31 दिसंबर को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इस संबंध में नए निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज भवन से जारी आदेश में कहा गया है कि नए निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है।

ऐसे में कार्यहित में एनसीजेडसीसी के निदेशक के दायित्वों के निर्वहन का कार्य नए निदेशक की नियुक्ति होने के साथ ही अग्रिम आदेशों तक जिलाधिकारी को सौंपा जाता है। राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी केयूर सी संपत की ओर से इस आदेश की प्रतियां डीएम के अलावा संस्कृति मंत्रालय के सचिव के नाम से भी जारी की गई हैं। उधर, संस्कृति मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी राजेश साहा की ओर से राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता को भेजे पत्र में ग्रोवर का कार्यकाल दो वर्ष के लिए बढ़ाने की बात कही गई है।  

साहा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री स्वतंत्र प्रभार के निर्देश पर एनसीजेडसीसी निदेशक का कार्यकाल बढ़ाया गया है, लेकिन राजभवन की ओर से संस्कृति मंत्रालय के पत्र पर अमल न किए जाने से मामला लटक गया है। इस संबंध में डीएम से संपर्क साधा गया लेकिन फोन पर उपलब्ध न होने की वजह से उनकी टिप्पणी नहीं मिल सकी।

 

  • मैं कला-संस्कृति के विकास के लिए अच्छा काम करना चाहता हूं। इसमें कुछ लोग रोड़ा डाल रहे हैं। मेरा कार्यकाल बढ़ाने संबंधी संस्कृति मंत्रालय का पत्र राजभवन को बीते महीने ही भेज दिया गया था। अभी तक पत्रावली स्वीकृत नहीं हो सकी है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही राजभवन की ओर से मेरा सेवा विस्तार पर मुहर लगा दी जाएगी। इंद्रजीत ग्रोवर, निदेशक-एनसीजेडसीसी।

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arvind007

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