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‘सुलझेगी लाइफ इंश्योरेंस की गुत्थी’ वेबिनार में हुई खास चर्चा, विशेषज्ञों ने बताईं अहम बातें

पिछले एक साल से हम सभी कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। इसका हमारी जीवनशैली, हमारे आर्थिक निर्णयों पर काफी प्रभाव पड़ा है। इस महामारी ने हमें ढेरों चीजों पर सोचने पर विवश किया है। जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण है भविष्य की प्लानिंग। इस महामारी ने हमें अपने व अपनों के भविष्य के बारे में सोचने पर काफी विवश किया है। बाजार में अलग-अलग प्रकार के लाइफ इंश्योरेंस प्लान उपलब्ध रहेंगे, जिनका चयन करते समय आपको काफी सावधान रहना होगा। आर्थिक दायित्वों के आधार पर आपको पर्याप्त लाइफ कवर लेना चाहिए। अक्सर ऐसा देखा गया है कि बिना सही जानकारी के अधिकतर लोग गलत लाइफ इंश्योरेंस प्लान खरीद लेते हैं। जो आगे चलकर उनके लिए मुश्किलें पैदा करता है।

महामारी के बाद से हर व्यक्ति के लिए लाइफ इंश्योंरेंस का महत्व काफी बढ़ गया है। हर व्यक्ति काफी सोच समझकर अपने लिए इंश्योरेंस कवर का चयन करता है। लेकिन फिर भी लोगों के मन में इसे लेकर ढेरों भ्रम हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अमर उजाला ने पीएनबी मेटलाइफ के साथ ‘सुलझेगी लाइफ इंश्योरेंस की गुत्थी’ वेबिनार का आयोजन किया, जिसमें विशेषज्ञों ने अपनी राय दी।

कोरोना काल में बढ़ा इंश्योरेंस का महत्व- आशीष कुमार श्रीवास्तव
इस वेबिनार में पीएनबी मेटलाइफ के एमडी एवं सीईओ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने हिस्सा लिया और बताया कि मेटलाइफ के वैश्विक सर्वे के मुताबिक, 50 फीसदी से ज्यादा लोगों का कहना है कि उन्हें इंश्योरेंस की ज्यादा जरूरत है। भारत में भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है। कोरोना काल में इसका महत्व और भी बढ़ा है। 

बाजार में ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से कईं उत्पाद
शुरू में काफी लोग टर्म इंश्योंरेंस खरीद रहे थे। अब जैसे-जैसे कोरोना का असर थोड़ा कम हो रहा है, वैसे ही लोगों में गारंटीड उत्पादों की मांग बढ़ रही है। आपकी जरूरत के अनुसार बाजार में काफी उत्पाद हैं। इसमें आपको टैक्स में भी छूट मिलती है। मेरे हिसाब से आपकी वार्षिक आय का 10 से 12 गुना तक आपकी इंश्योरेंस होनी चाहिए। आईआरडीए ने लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ सरल मानक टर्म इंश्योरेंस उत्पाद पेश किए हैं। 

बजट में हुआ प्रावधान
जीवन की अवस्था और जरूरतों के हिसाब से नागरिकों के लिए इंश्योरेंस अहम है। कॉर्पोरेट कवर तो कंपनियां अपने कर्मचारियों को उपलब्ध कराती ही हैं, लेकिन मेरे हिसाब से आपको आपकी लाइफ इंश्योरेंस कवर को भी रीविजिट करना चाहिए। इसलिए कॉर्पोरेट कवर आमूमन तब तक के लिए होता है जब तक आप उस कंपनी के साथ बने रहते हैं, इसलिए आपको पहले से ही अपना खुद का इंश्योरेंस कवर भी लेना चाहिए। बजट 2021 में अहम घोषणा हुई है कि इंश्योरेंस में 74 फीसदी एफडीआई की अनुमति दी जाएगा, ये मेरे हिसाब से बहुत अहम कदम है। इससे कंपनियों को कैपिटल मिलेगा। इस क्षेत्र को आगे बढ़ाना सभी के लिए अच्छा है। 

बैंक से इंश्योरेंस खरीदना और भी आसान- स्वरूप कुमार साहा
पंजाब नेशनल बैंक, लखनऊ जोनल ऑफिस के चीफ जनरल मैनेजर स्वरूप कुमार साहा ने बताया कि किसी बैंक से लाइफ इंश्योरेंस खरीदना कितना आसान होता है। उन्होंने कहा कि चूंकि बैंकों की पहुंच अधिक होती है, इसलिए बैंक से इंश्योरेंस खरीदना और भी आसान होता है। मौजूदा समय में पीएनबी की 11,000 शाखाएं और 18 करोड़ ग्राहक हैं। इन शाखाओं के जरिए हम पूरे देश में उत्तम कस्टमर सर्विसेज दे रहे हैं। हम ग्राहकों को समझते हैं और उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सेवाएं मुहैया कराते हैं। हम ई-ब्रांच फैसिलिटी भी उपलब्ध कराते हैं, जिससे ग्राहक अपनी पॉलिसी की स्तिति खुद ट्रैक कर सकते हैं।

सभी तरह के बैंक ग्राहकों के लिए उपलब्ध है ग्रुप इंश्योरेंस
पंजाब नेशनल बैंक के कईं तरह के ग्राहक हैं। हमारे ग्रुप प्लान में हम रिटेल एमएसएमई लोन लेने वालों को क्रेडिट लाइफ प्लान उपलब्ध कराते हैं। वहीं सेविंग बैंक ग्राहकों के लिए सुरक्षा प्लान उपलब्ध कराते हैं। हमारी विभिन्न साखाओं से ग्रुप इंश्योरेंस खरीदना काफी आसान हो चुका है। डॉक्यूमेंशेन काफी कम है और क्लेम की सुविधा भी काफी आसान और तेज है। इसका दूसरा बड़ा आकर्षण कम प्रीमियम है। सभी तरह के बैंक ग्राहकों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस उपलब्ध है। 

निवेश से पहले लें सलाहकार से परामर्श
लोगों की धारणा है कि लाइफ इंश्योरेंस को कम उम्र में ही लेना ठीक है क्योंकि तब दायित्व कम होते हैं और पैसे कमाने के अवसर भी अधिक होते हैं। कम उम्र में आप बचत भी कर सकते हैं और आपकी जोखिम लेने की क्षमता भी अधिक होती है। जोखिन और रिटर्न निवेश के लिए अहम होते हैं। निवेश से पहले आपको योग्य सलाहकार से परामर्श भी लेना चाहिए। बैंक इंश्योरेंस वितरण का एक बहुत जरूरी माध्यम बना रहेगा क्योंकि बैंकों की पहुंच काफी ज्यादा है और ग्राहक बैंकों पर भरोसा करते हैं। ग्राहकों के लिए एक छत के नीचे सभी वित्तीय समाधान उपलब्ध हैं। 

उत्तर प्रदेश में लोगों ने दिखाई दिल्चस्पी- ललित जायसवाल
पीएनबी मेटलाइफ यूपी के इंश्योरेंस मैनेजर ललित जायसवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लोगों ने जीवन बीमा खरीदने में कितनी दिल्चस्पी दिखाई है। कोरोनाकाल में लोगों को वैल्यू ऑफ लाइफ का पता चला है। लोगों में काफी जागरूकता आई है और लोगों का मानना है कि अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा के लिए जीवन बीमा का महत्व काफी अधिक है। हमने डिजिटली लोगों से संपर्क किया। कोविड-19 के बावजूद हमने बीमा देनें में तीन से चार गुणा की वृद्धि की है। लाइफ इंश्योरेंस का उद्देश्य केवल परिवार की सुरक्षा ही नहीं है, बल्कि इससे कईं अधिक है क्योंकि ये आपके पूरे भविष्य को सुरक्षित रखता है। 

इन मानदंडों का रखें ध्यान
कोरोना काल में लोगों ने अपनी जरूरतों का विश्लेषण करना शुरू किया है। इससे गारंटीड प्लान से हम अपनी जरूरतों को बहुत आसानी से पूरा कर सकते हैं। जब पहले से ही गारंटीड रिटर्न के बारे में पता होता है, तो हमें मानसिक रूप से भी सुकून मिलता है कि आर्थिक रूप से मेरी जिंदगी सुरक्षित है। बीमा कराते समय हम अपने उद्देश्यों को ध्यान में रखते हैं। हमें किस्त के भुगतान व रिटर्न सहित सभी पहलुओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके साथ ही नॉमिनी का कारक भी अहम है। इन मानदंडों को हमें नहीं भूलना चाहिए। 

सभी के लिए बेहद अहम है टर्म इंश्योरेंस- आलोक भटनागर
इंश्योरेंस विजडम कैपिटल के प्रेसीडेंट आलोक भटनागर ने इस दौरान बताया कि आम नागरिकों को कौन सा बीमा लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन सबसे ज्यादा टर्म इंश्योरेंस बिकती है। टर्म इंश्योरेंस में आपको एकमुश्त राशि मिलती है, इसलिए ये सभी के लिए बेहद अहम है। पहले अधिकतर लोगों की यह सोच थी कि 60 साल की उम्र के बाद उनकी पेंशन आनी ही है। लेकिन अब ज्यादातर लोगों के पास 50 साल की उम्र के बाद रोजगार की गारंटी नहीं है। ऐसे में इंश्योरेंस फंड मैनेजमेंट टूल के रूप में काफी लाभदायक होता है। क्योंकि इसके तहत आपको निश्चित रूप से पैसे मिलते हैं और रिटर्न भी मिलता है। अपने उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए हमें पोर्टपोलियो निश्चित करना चाहिए। म्यूचुअल फंड और एफडी की तुलना में 

10 सालों में पांच लाख करोड़ तक होगा डिजिटल इंश्योरेंस का आकार
कोरोना काल की शुरुआत में मृत्यु दर ज्यादा थी, तब टर्म इंश्योरेंस की मांग अधिक थी। डिजिटल सर्च में टर्म इंश्योरेंस में 40 से 50 फीसदी की वृद्धि देखी गई। जबकि 2010 में लोगों को डिजिटली आकर्षित करना मुस्किल था। 2020 में डिजिटल माध्यम से ग्राहकों को आकर्षित करना आसान हो गया। इसकी प्रक्रिया भी काफी आसान हुई। 10 साल पहले डिजिटल इंश्योरेंस का आकार एक साल में पांच करोड़ रुपये था क्योंकि लोग डिजिटली इंश्योरेंस की खरीद कम करते थे। 2020 में यह 17 हजार करोड़ हो गया है और आने वाले 10 सालों में इसका आकार चार से पांच लाख करोड़ होने की संभावना है। ऐसे में इंश्योरेंस खरीदने के लिए डिजिटल माध्यम सबसे अधिक उपयोगी होगा। इससे इंश्योरेंस को काफी बढ़ावा मिलेगा और सरकार, अर्थव्यवस्था, आम लोगों सहित सभी को फायदा होगा। 

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arvind007

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