Uttar Pradesh

सीएम योगी की भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, एक अधिशासी अभियंता निलंबित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
– फोटो : एएनआई

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के आरोपी पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इनमें एक अधिशासी अभियंता को निलंबित करने, एक एडीएम सहित तीन अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने  तथा एक उपजिलाधिकारी की दो वेतनवृद्धि स्थाई रूप से रोकते हुए परिनिंदा की कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार मनरेगा के अंतर्गत कार्यों की प्रगति अत्यंत खराब होने तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों व निर्देशों की अवहेलना के आरोपों में अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई खंड अलीगढ़ असलम अली (संबद्ध लघु सिंचाई विभाग मुख्यालय लखनऊ) को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। 

इनके खिलाफ एफआईआर भी होगी। असलम को लघु सिंचाई वृत्त मेरठ से संबद्ध कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई वृत्त प्रयागराज दिव्येंदु कुमार सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। 

इसी तरह मुख्यमंत्री ने होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती में गंभीर अनियमितता, कदाचार व अपकृत्य के लिए दोषी तत्कालीन उपजिलाधिकारी प्रयागराज (वर्तमान में उपजिलाधिकारी उन्नाव) दयाशंकर पाठक की दो वेतनवृद्धि स्थाई रूप से रोकते हुए परिनिंदित करने के आदेश दिए हैं। 
पाठक पर आरोप है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में शैक्षिक प्रमाणपत्रों के मिलान करने, आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित न करने तथा अंतिम परिणाम जारी करने से पहले परिणाम परीक्षण की जिम्मेदारी के निवर्हन में अनियमितता की।

इसके अलावा खाद्यान्न आपूर्ति में भ्रष्टाचार के मामले में फर्रुखाबाद के तत्कालीन अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंघल (वर्तमान में एडीएम वित्त एवं राजस्व बुलंदशहर) , तत्कालीन प्राचार्य डायट रजलामई फर्रुखाबाद भगवत प्रसाद पटेल (वर्तमान में डीआईओएस जालौन) तथा फर्रुखाबाद कोषागार के लेखाकार नीलेश कुमार कनौजिया के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इन पर शैक्षिक सत्र 2015-16 में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के  लिए खाद्यान्न आपूर्ति में भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के आरोपी पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इनमें एक अधिशासी अभियंता को निलंबित करने, एक एडीएम सहित तीन अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने  तथा एक उपजिलाधिकारी की दो वेतनवृद्धि स्थाई रूप से रोकते हुए परिनिंदा की कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार मनरेगा के अंतर्गत कार्यों की प्रगति अत्यंत खराब होने तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों व निर्देशों की अवहेलना के आरोपों में अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई खंड अलीगढ़ असलम अली (संबद्ध लघु सिंचाई विभाग मुख्यालय लखनऊ) को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। 

इनके खिलाफ एफआईआर भी होगी। असलम को लघु सिंचाई वृत्त मेरठ से संबद्ध कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई वृत्त प्रयागराज दिव्येंदु कुमार सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। 

इसी तरह मुख्यमंत्री ने होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती में गंभीर अनियमितता, कदाचार व अपकृत्य के लिए दोषी तत्कालीन उपजिलाधिकारी प्रयागराज (वर्तमान में उपजिलाधिकारी उन्नाव) दयाशंकर पाठक की दो वेतनवृद्धि स्थाई रूप से रोकते हुए परिनिंदित करने के आदेश दिए हैं। 

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arvind007

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