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संयुक्त किसान मोर्चे का बयान-किसान ट्रैक्टर रैली में असामाजिक तत्व घुस आए और निंदनीय कृत्य किया

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किसान रैली के दौरान दिल्ली के कुछ इलाकों में बवाल के बीच संयुक्त किसान मोर्चे ने बयान जारी कर कहा है कि हमारे सारे प्रयासों के बावजूद कुछ संगठनों व लोगों ने तय रूट का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्य किया। रैली में असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ कर ली, अन्यथा आंदोलन शांतिपूर्ण था। हमने हमेशा कहा है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और इसका उल्लंघन आंदोलन को आघात पहुंचाएगा। 

 
हिंसा की घटनाओं से झाड़ा पल्ला
बयान में आगे कहा गया है कि हम गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित ट्रैक्टर रैली में किसानों के अभूतपूर्व समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। इसके साथ ही अवाांछित व अस्वीकार्य घटनाओं की हम निंदा करते हैं और खेद प्रकट करते हैं। मोर्चे ने कहा कि इन घटनाओं से वह खुद का अलग कर रहा है। उसका इनसे कोई संबंध नहीं है। 
 

बता दें, देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर नए कृषि कानून के खिलाफ दो महीने से आंदोलन कर रहे किसान आज दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं। ट्रैक्टर रैली के दौरान कई जगह किसान आंदोलन बेकाबू हो गया। किसानों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिल्ली में घुसकर लाल किले पर अपना झंडा फहरा दिया। राजधानी में कुछ जगहों पर किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच भिड़ंत हो गई।

दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली अब उग्र हो गया है। आईटीओ पर बवाल के बीच कई किसान लाल किले पर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि करीब दो दर्जन ट्रैक्टरों पर सवार सैकड़ों किसान लाल किला परिसर में पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया है। पुलिस ने लाल किला खाली करा दिया है। लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए हैं। लाल किला से कुछ घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया। नांगलोई व अन्य इलाकों में भी किसानों व पुलिस के बीच टकराव की खबर है। 

किसान रैली के दौरान दिल्ली के कुछ इलाकों में बवाल के बीच संयुक्त किसान मोर्चे ने बयान जारी कर कहा है कि हमारे सारे प्रयासों के बावजूद कुछ संगठनों व लोगों ने तय रूट का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्य किया। रैली में असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ कर ली, अन्यथा आंदोलन शांतिपूर्ण था। हमने हमेशा कहा है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और इसका उल्लंघन आंदोलन को आघात पहुंचाएगा। 

 

हिंसा की घटनाओं से झाड़ा पल्ला

बयान में आगे कहा गया है कि हम गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित ट्रैक्टर रैली में किसानों के अभूतपूर्व समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। इसके साथ ही अवाांछित व अस्वीकार्य घटनाओं की हम निंदा करते हैं और खेद प्रकट करते हैं। मोर्चे ने कहा कि इन घटनाओं से वह खुद का अलग कर रहा है। उसका इनसे कोई संबंध नहीं है। 

 

बता दें, देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर नए कृषि कानून के खिलाफ दो महीने से आंदोलन कर रहे किसान आज दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं। ट्रैक्टर रैली के दौरान कई जगह किसान आंदोलन बेकाबू हो गया। किसानों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिल्ली में घुसकर लाल किले पर अपना झंडा फहरा दिया। राजधानी में कुछ जगहों पर किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच भिड़ंत हो गई।

दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली अब उग्र हो गया है। आईटीओ पर बवाल के बीच कई किसान लाल किले पर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि करीब दो दर्जन ट्रैक्टरों पर सवार सैकड़ों किसान लाल किला परिसर में पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया है। पुलिस ने लाल किला खाली करा दिया है। लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए हैं। लाल किला से कुछ घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया। नांगलोई व अन्य इलाकों में भी किसानों व पुलिस के बीच टकराव की खबर है। 



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arvind007

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