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वॉशिंगटन में खौफः कभी नहीं देखा गया राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण पर ऐसा डर और सुरक्षा

वॉशिंगटन में हथियार के साथ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी से यहां डर और आतंक का माहौल और गहरा गया है। अमेरिकी मीडिया में लगातार ये खबरें छाई हुई हैं कि तमाम सुरक्षा उपायों के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक 20 जनवरी को देश में हिंसा करने पर आमादा हैं। उसी दिन निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन का शपथ ग्रहण समारोह है।

फर्जी पास, हथियार व 500 कारतूस के साथ एक गिरफ्तार 
वॉशिंगटन में जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, वह वर्जीनिया राज्य का है। उसके पास शपथ ग्रहण समारोह में जाने का फर्जी पास पकड़ा गया। उसकी गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह एक पुलिस चेकपोस्ट को पार करने की कोशिश कर रहा था। उसके बाद एक लोडेड गन और 500 गोलियां भी थीं। 

अखबार द गार्जियन के मुताबिक इस व्यक्ति का नाम वेसली एलन बीलर है। वह एक ट्रक चला रहा था। उस ट्रक में कई स्टिकर पाए गए। उनमें से एक स्टीकर पर लिखा है- अगर वो तुम्हारी बंदूक छीनने आएं, तो पहले गोलियां उन पर दाग दो।

इस व्यक्ति की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही वॉशिंगटन में सतर्कता और बढ़ा दी गई। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य डॉन बेयर ने एक अखबार से कहा कि खतरा वास्तविक है। जैसे- जैसे जो बाइडन के शपथ ग्रहण का समय करीब आ रहा है, खतरा बढ़ता जा रहा है। बेयर ने एक ट्विट में कहा कि इस हफ्ते जिसके लिए भी संभव हो, उसे कैपिटल हिल (संसद भवन) और उसके आसपास के इलाकों में आने से बचना चाहिए।

राजधानियों में सुरक्षा कड़ी 
अमेरिकी पुलिस ने वॉशिंगटन के साथ-साथ सभी 50 राज्यों की राजधानियों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। सड़कों पर जगह- जगह बैरिकेड लगाए गए हैं और हजारों की संख्या में नेशनल गार्ड्स की तैनाती की गई है। टीवी चैनल के मुताबिक कई राज्यों की राजधानी तक पहुंचने के रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

एफबीआई ने दी 50 राज्यों में सशस्त्र हमले की चेतावनी
इसके पहले फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (एफबीआई) ने चेतावनी दी थी कि निर्वाचित राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के दिन सभी 50 राज्यों में सशस्त्र हमलों का खतरा है। एफबीआई के मुताबिक उग्रवादियों के कई गुट यह मानते हैं कि जो बाइडन एक अवैध राष्ट्रपति होंगे। इसलिए वे उनके शपथ ग्रहण के दिन अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। रविवार को अमेरिकी गृह मंत्रालय ने कहा कि सोमवार को बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था का पूरा रिहर्सल किया जाएगा।

इन राज्यों में ज्यादा खतरा
रविवार को मिली जानकारियों के मुताबिक ट्रंप समर्थक उग्रवादियों के हमले का सबसे ज्यादा खतरा वॉशिंगटन के बाद मिशिगन, वर्जीनिया, विस्कोंसिन, और पेनसिल्वेनिया राज्यों में है। टेक्सास में भी काफी खतरा है, इसलिए वहां की राजधानी ऑस्टिन में राज्य की विधायिका स्थल और आसपास के इलाकों को फिलहाल बंद कर दिया गया है। खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए टेक्सास के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशक मैक्रॉव ने कहा कि बेहद हिंसक उग्रवादी ऑस्टिन आकर आपराधिक कृत्य कर सकते हैं।

आपातकाल व अन्य एहतियाती कदम उठाए
अमेरिकी पुलिस छह जनवरी को कैपिटल हिल पर बोले गए धावे के बाद अब कोई चांस नहीं लेना चाहती है। इसलिए जहां भी खतरे का अंदेशा है, वहां पूरे एहतियात बरते जा रहे हैं। मिशिगन में राज्य के सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की बैठक को स्थगित कर दिया गया है। 

वर्जीनिया की राजधानी में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। मेरीलैंड, न्यू मेक्सिको और उटाह राज्यों में आपातकाल की घोषणा की गई है। ऑरेगॉन राज्य में एफबीआई ने विशेष चौकियां बनाई हैं, ताकि वह खुफिया जानकारी इकट्टी कर सके। फ्लोरिडा और ओकालोहोमा राज्यों के सीनेट और हाउस के सदस्यों को कहा गया है कि इस हफ्ते वे अपने घर से ही काम करें। न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया में सभी प्रमुख जगहों पर नेशनल गार्ड्स की तैनाती की गई है।

1870 के बाद ऐसे हालात नहीं देखे
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी इतिहास में-कम से 1870 के बाद ऐसे हालात कभी पैदा नहीं हुए। कभी किसी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के मौके पर डर का ऐसा माहौल और इतनी कड़ी सुरक्षा नहीं देखी गई।  


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arvind007

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