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विदेश मंत्री एस जयशंकर दो देशों के दौरे के अंतिम चरण में पहुंचे मॉरीशस

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विदेश मंत्री एस जयशंकर दो देशों के अपने दौरे के अंतिम चरण में रविवार को मॉरीशस पहुंचे। जहां वे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पड़ोसी देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता करेंगे।

एस जयशंकर मॉरीशस के दो दिनों की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पृथ्वीराजसिंह रूपुन और प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ से मिलेंगे। जयशंकर ने यहां पहुंचने के शीघ्र बाद ट्वीट किया, नमस्ते-बोनसोइर मॉरीशस। विदेश मंत्री एलन गानू गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद। सार्थक यात्रा की उम्मीद करता हूं।

वह मॉरीशस के विदेश मंत्री सहित अन्य मंत्रियों से भी मिलेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वह द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं और मॉरीशस में भारत द्वारा विभिन्न परियोजनाओं पर जारी कार्य की समीक्षा करेंगे। वह मॉरीशस को भारत की सहायता सहित द्विपक्षीय और परस्पर हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

मॉरीशस में भारतीय मूल के लोगों की आबादी 70 प्रतिशत है। ब्रिटिश शासन के दौरान उनके पूर्वज यहां गिरमिटिया मजदूर के रूप में भेजे गये थे। जयशंकर अपनी यात्रा के पहले पड़ाव मालदीव से यहां पहुंचे हैं। उन्होंने मालदीव को भारत द्वारा सुरक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई और पांच करोड़ डॉलर की ऋण सहायता समझौता पर हस्ताक्षर किया।

उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ गहन वार्ता की। मालदीव और मॉरीशस, दोनों ही हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर दो देशों के अपने दौरे के अंतिम चरण में रविवार को मॉरीशस पहुंचे। जहां वे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पड़ोसी देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता करेंगे।

एस जयशंकर मॉरीशस के दो दिनों की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पृथ्वीराजसिंह रूपुन और प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ से मिलेंगे। जयशंकर ने यहां पहुंचने के शीघ्र बाद ट्वीट किया, नमस्ते-बोनसोइर मॉरीशस। विदेश मंत्री एलन गानू गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद। सार्थक यात्रा की उम्मीद करता हूं।

वह मॉरीशस के विदेश मंत्री सहित अन्य मंत्रियों से भी मिलेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वह द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं और मॉरीशस में भारत द्वारा विभिन्न परियोजनाओं पर जारी कार्य की समीक्षा करेंगे। वह मॉरीशस को भारत की सहायता सहित द्विपक्षीय और परस्पर हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

मॉरीशस में भारतीय मूल के लोगों की आबादी 70 प्रतिशत है। ब्रिटिश शासन के दौरान उनके पूर्वज यहां गिरमिटिया मजदूर के रूप में भेजे गये थे। जयशंकर अपनी यात्रा के पहले पड़ाव मालदीव से यहां पहुंचे हैं। उन्होंने मालदीव को भारत द्वारा सुरक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई और पांच करोड़ डॉलर की ऋण सहायता समझौता पर हस्ताक्षर किया।

उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ गहन वार्ता की। मालदीव और मॉरीशस, दोनों ही हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी हैं।



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arvind007

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