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वर्ष 2021 का हुआ आगाज, लेकिन कोरोना वायरस ने फीका किया नए साल का जश्न

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कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण 2020 में त्राहिमाम की स्थिति में पहुंचे विश्व ने फीके जश्न के बीच नए साल का स्वागत किया। दुनिया को महामारी की गर्त में छोड़कर गए वर्ष 2020 के अंत की घड़ी अंतत: आ गई है और इसे विगत वर्ष का तमगा मिल गया। घड़ी में ठीक 12 बजते ही नए साल 2021 का आगाज हो गया। इसी के साथ नई उम्मीदों का भी आगाज हुआ। कोरोना का साया अब भी विश्व पर मंडरा रहा है और इससे पार पाना ही सबसे बड़ी चुनौती रहेगा।  

कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत यूं तो 2019 के अंतिम दिनों में चीन के वुहान शहर से शुरू हुई थी, लेकिन 2020 में इसने दुनिया में हाहाकार मचा दिया। दुनियाभर में देशों को इस घातक वायरस का प्रसार रोकने के लिए अपने-अपने यहां लॉकडाउन लागू करना पड़ा। इससे महामारी तो बहुत ज्यादा काबू में नहीं आई, लेकिन आर्थिक गतिविधियों के ठप होने के कारण दुनियाभर में लाखों लोग बेरोजगार जरूर हो गए। 

ऑस्ट्रेलिया में फीका रहा नए साल का जश्न
ऑस्ट्रेलिया उन देशों में शामिल है जहां नए साल 2021 ने सबसे पहले दस्तक दी है। हर बार पूरे जोश और उमंग के साथ नववर्ष का स्वागत करनेवाला ऑस्ट्रेलिया महामारी की वजह से इस बार मायूस है और यहां नए साल के जश्न में पहले जैसा नहीं दिखा। यही हाल लगभग पूरी दुनिया का है। देश के सर्वाधिक आबादी वाले राज्यों न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया में संक्रमण के मामलों में फिर से वृद्धि के चलते लोग निराश हैं। सिडनी के हार्बर ब्रिज पर होने वाली आतिशबाजी भी इस बार फीकी रही और ज्यादातर लोगों ने इसका नजारा टेलीविजन पर देखा। 

ऑस्ट्रेलिया में सिडनी सर्वाधिक आबादी वाला शहर है जिसे कोरोना वायरस ने नए साल के अवसर पर काफी हद तक मायूस बना रखा है। देश के दूसरे सर्वाधिक आबादी वाले शहर मेलबर्न ने आतिशबाजी कार्यक्रम रद्द कर दिया। मेलबर्न के मेयर सैली कैप ने कहा, कई साल बाद पहली बार हमने आतिशबाजी रद्द करने का फैसला किया है। इसके विपरीत पर्थ शहर हर बार की तरह नए साल के जश्न में डूबा है क्योंकि यहां अप्रैल के बाद से ही वायरस का सामुदायिक प्रसार नहीं दिखा है।

न्यूजीलैंड में धूमधाम से नव वर्ष का स्वागत
नए साल के स्वागत में सिडनी से कुछ घंटे आगे न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला नहीं है और वहां नए साल का जश्न हर बार की तरह ही मनाया गया। वहीं, दुनियाभर में महामारी के प्रसार के लिए जिम्मेदार माने जा रहे चीन की राजधानी बीजिंग में सीमित लोगों के साथ एक छोटा सा कार्यक्रम नए साल के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

ताइवान में भी सीमित तरीके से नए साल का जश्न मनाने की तैयारी है। वहीं, हांगकांग में भी कोरोना वायरस के चलते आतिशबाजी के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। जापान में भी महामारी ने निराशा उत्पन्न की है और यहां के लोग घरों के भीतर रहकर ही नए साल का जश्न मनाएंगे। दक्षिण कोरिया में सोल प्रशासन ने नववर्ष के अवसर पर होनेवाला अपना घंटानाद कार्यक्रम रद्द कर दिया।

भारत में भी ज्यादातर लोगों ने प्रतिबंधों के चलते नए साल का स्वागत घरों में रहकर ही किया। नयी दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में होटलों को रात 11 बजे ही बंद करने का आदेश दिया गया था। श्रीलंका में लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि रेस्तराओं और होटलों ने नए साल के अवसर पर कोई पार्टी आयोजित की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण 2020 में त्राहिमाम की स्थिति में पहुंचे विश्व ने फीके जश्न के बीच नए साल का स्वागत किया। दुनिया को महामारी की गर्त में छोड़कर गए वर्ष 2020 के अंत की घड़ी अंतत: आ गई है और इसे विगत वर्ष का तमगा मिल गया। घड़ी में ठीक 12 बजते ही नए साल 2021 का आगाज हो गया। इसी के साथ नई उम्मीदों का भी आगाज हुआ। कोरोना का साया अब भी विश्व पर मंडरा रहा है और इससे पार पाना ही सबसे बड़ी चुनौती रहेगा।  

कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत यूं तो 2019 के अंतिम दिनों में चीन के वुहान शहर से शुरू हुई थी, लेकिन 2020 में इसने दुनिया में हाहाकार मचा दिया। दुनियाभर में देशों को इस घातक वायरस का प्रसार रोकने के लिए अपने-अपने यहां लॉकडाउन लागू करना पड़ा। इससे महामारी तो बहुत ज्यादा काबू में नहीं आई, लेकिन आर्थिक गतिविधियों के ठप होने के कारण दुनियाभर में लाखों लोग बेरोजगार जरूर हो गए। 

ऑस्ट्रेलिया में फीका रहा नए साल का जश्न

ऑस्ट्रेलिया उन देशों में शामिल है जहां नए साल 2021 ने सबसे पहले दस्तक दी है। हर बार पूरे जोश और उमंग के साथ नववर्ष का स्वागत करनेवाला ऑस्ट्रेलिया महामारी की वजह से इस बार मायूस है और यहां नए साल के जश्न में पहले जैसा नहीं दिखा। यही हाल लगभग पूरी दुनिया का है। देश के सर्वाधिक आबादी वाले राज्यों न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया में संक्रमण के मामलों में फिर से वृद्धि के चलते लोग निराश हैं। सिडनी के हार्बर ब्रिज पर होने वाली आतिशबाजी भी इस बार फीकी रही और ज्यादातर लोगों ने इसका नजारा टेलीविजन पर देखा। 

ऑस्ट्रेलिया में सिडनी सर्वाधिक आबादी वाला शहर है जिसे कोरोना वायरस ने नए साल के अवसर पर काफी हद तक मायूस बना रखा है। देश के दूसरे सर्वाधिक आबादी वाले शहर मेलबर्न ने आतिशबाजी कार्यक्रम रद्द कर दिया। मेलबर्न के मेयर सैली कैप ने कहा, कई साल बाद पहली बार हमने आतिशबाजी रद्द करने का फैसला किया है। इसके विपरीत पर्थ शहर हर बार की तरह नए साल के जश्न में डूबा है क्योंकि यहां अप्रैल के बाद से ही वायरस का सामुदायिक प्रसार नहीं दिखा है।

न्यूजीलैंड में धूमधाम से नव वर्ष का स्वागत

नए साल के स्वागत में सिडनी से कुछ घंटे आगे न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला नहीं है और वहां नए साल का जश्न हर बार की तरह ही मनाया गया। वहीं, दुनियाभर में महामारी के प्रसार के लिए जिम्मेदार माने जा रहे चीन की राजधानी बीजिंग में सीमित लोगों के साथ एक छोटा सा कार्यक्रम नए साल के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

ताइवान में भी सीमित तरीके से नए साल का जश्न मनाने की तैयारी है। वहीं, हांगकांग में भी कोरोना वायरस के चलते आतिशबाजी के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। जापान में भी महामारी ने निराशा उत्पन्न की है और यहां के लोग घरों के भीतर रहकर ही नए साल का जश्न मनाएंगे। दक्षिण कोरिया में सोल प्रशासन ने नववर्ष के अवसर पर होनेवाला अपना घंटानाद कार्यक्रम रद्द कर दिया।

भारत में भी ज्यादातर लोगों ने प्रतिबंधों के चलते नए साल का स्वागत घरों में रहकर ही किया। नयी दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में होटलों को रात 11 बजे ही बंद करने का आदेश दिया गया था। श्रीलंका में लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि रेस्तराओं और होटलों ने नए साल के अवसर पर कोई पार्टी आयोजित की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



 


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arvind007

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