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लद्दाख में कांपा चीन: भीषण ठंड से तंग आए जवानों को रोज बदल रहा, भारत के जांबाज वहीं डटे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 01 Dec 2020 04:11 PM IST

भारत और चीन की सेना
– फोटो : एएनआई (फाइल)

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ऐसा प्रतीत हो रहा है कि चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख सेक्टर की भीषण ठंड को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें फॉरवर्ड पोजिशनों (अग्रिम चौकियों) पर दैनिक आधार पर रोटेट किया जा रहा है, जबकि भारतीय सैनिक उन्हीं स्थानों पर लंबे समय से डटे हुए हैं। अभी तक आक्रामक रुख दिखा रहा चीन मौसम के आगे हार मान रहा है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार एक सरकारी सूत्र ने बताया, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अग्रिम चौकियों पर तैनात हमारे सैनिक अपने स्थानों पर चीनी सैनिकों की तुलना में ज्यादा लंबे समय कर रह रहे हैं। भयंकर ठंड और कई डिग्री माइनस तापमान के चलते चीनी सेना को दैनिक आधार पर अपने सैनिक बदलने पड़ रहे हैं।’ 

सूत्रों ने बताया कि इस मौसम में अपने कार्य को अंजाम देने के मामले में भारतीय सेना, चीनी सेना के मुकाबले कहीं आगे और बेहतर है। इसके पीछे का कारण यह है कि बड़ी संख्या में भारतीय सैनिकों को पहले ही लद्दाख सेक्टर में काम करने का अनुभव है। इसमें सियाचिन ग्लेशियर और अन्य अधिक ऊंचाई वाले स्थान शामिल हैं। 

जानकारी के अनुसार इस भीषण ठंड का प्रभाव अधिकतर उन सामरिक चोटियों पर देखा जा सकता है जहां, चीनी सेना ने भारतीय सेना के स्थितियों के पास अपने सैनिकों को तैनात किया है। सूत्रों ने बताया कि एक ओर जहां भारतीय सैनिक वहीं रह रहे हैं, चीनियों को रोजाना सैनिकों को बदलते हुए देखा जा सकता है।  

बता दें कि इस साल अप्रैल-मई में चीन ने आक्रामक रुख दिखाते हुए पूर्वी लद्दाख सेक्टर में भारतीय सीमा की ओर करीब 60 हजार सैनिकों की तैनाती की थी। टैंक और भारी हथियारों से लैस इन सैनिकों के सहारे चीन भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर यहां कब्जा जमाना चाहता था। भारत ने भी इसके जवाब में सैन्य तैनाती बढ़ा दी थी। 

फिलहाल, दोनों देशों के बीच सीमा विवाद हल करने के लिए वार्ताओं का दौर चल रहा है। अभी तक दोनों पक्षों के बीच कॉर्प्स कमांडल स्तर की वार्ताओं के आठ दौर पूरे हो चुके हैं। दोनों देशों के बीच वार्ताएं सैन्य और राजनयिक माध्यमों से हो रही हैं। हालांकि, अभी इन वार्ताओं का कुछ खास सकारात्मक परिणाम नहीं दिखा है।

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख सेक्टर की भीषण ठंड को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें फॉरवर्ड पोजिशनों (अग्रिम चौकियों) पर दैनिक आधार पर रोटेट किया जा रहा है, जबकि भारतीय सैनिक उन्हीं स्थानों पर लंबे समय से डटे हुए हैं। अभी तक आक्रामक रुख दिखा रहा चीन मौसम के आगे हार मान रहा है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार एक सरकारी सूत्र ने बताया, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अग्रिम चौकियों पर तैनात हमारे सैनिक अपने स्थानों पर चीनी सैनिकों की तुलना में ज्यादा लंबे समय कर रह रहे हैं। भयंकर ठंड और कई डिग्री माइनस तापमान के चलते चीनी सेना को दैनिक आधार पर अपने सैनिक बदलने पड़ रहे हैं।’ 

सूत्रों ने बताया कि इस मौसम में अपने कार्य को अंजाम देने के मामले में भारतीय सेना, चीनी सेना के मुकाबले कहीं आगे और बेहतर है। इसके पीछे का कारण यह है कि बड़ी संख्या में भारतीय सैनिकों को पहले ही लद्दाख सेक्टर में काम करने का अनुभव है। इसमें सियाचिन ग्लेशियर और अन्य अधिक ऊंचाई वाले स्थान शामिल हैं। 

जानकारी के अनुसार इस भीषण ठंड का प्रभाव अधिकतर उन सामरिक चोटियों पर देखा जा सकता है जहां, चीनी सेना ने भारतीय सेना के स्थितियों के पास अपने सैनिकों को तैनात किया है। सूत्रों ने बताया कि एक ओर जहां भारतीय सैनिक वहीं रह रहे हैं, चीनियों को रोजाना सैनिकों को बदलते हुए देखा जा सकता है।  

बता दें कि इस साल अप्रैल-मई में चीन ने आक्रामक रुख दिखाते हुए पूर्वी लद्दाख सेक्टर में भारतीय सीमा की ओर करीब 60 हजार सैनिकों की तैनाती की थी। टैंक और भारी हथियारों से लैस इन सैनिकों के सहारे चीन भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर यहां कब्जा जमाना चाहता था। भारत ने भी इसके जवाब में सैन्य तैनाती बढ़ा दी थी। 

फिलहाल, दोनों देशों के बीच सीमा विवाद हल करने के लिए वार्ताओं का दौर चल रहा है। अभी तक दोनों पक्षों के बीच कॉर्प्स कमांडल स्तर की वार्ताओं के आठ दौर पूरे हो चुके हैं। दोनों देशों के बीच वार्ताएं सैन्य और राजनयिक माध्यमों से हो रही हैं। हालांकि, अभी इन वार्ताओं का कुछ खास सकारात्मक परिणाम नहीं दिखा है।


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arvind007

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