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रूस: एलेक्सी नवेलनी की रिहाई के लिए -50 डिग्री में प्रदर्शन, हिरासत में 3000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Updated Sun, 24 Jan 2021 08:36 AM IST

रूस में एलेक्सी नवेलनी की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
– फोटो : PTI

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक और विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी के समर्थकों और पुलिस के बीच शनिवार को झड़प हो गई। वैश्विक नेताओं ने इस घटना की निंदा की है। झड़प के दौरान पुलिस को प्रदर्शनकारियों को पीटते और उन्हें घसीटते हुए देखा गया। कई जगहों पर माइनस 50 डिग्री तापमान होने के बावजूद प्रदर्शन में तीन हजार से भी ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इसे पुतिन के खिलाफ सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

सरकार के खिलाफ हजारों लोगों ने शनिवार को 70 शहरों में विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया। ये प्रदर्शन नवेलनी को जेल में बंद करने को लेकर किए गए। नवेलनी पिछले साल अगस्त में रूस में हुए जानलेवा नर्व एजेंट हमले (जहर देकर मारने की कोशिश) के बाद बर्लिन में रिकवर कर रहे थे। वे रविवार को ही रूस लौटे थे और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

नवेलनी पुतिन के सबसे हाई-प्रोफाइल आलोचक हैं। शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान उनकी 44 साल की पत्नी यूलिया नवलन्या सहित अधिकारियों ने 3,400 लोगों को हिरासत में ले लिया है। अपनी गिरफ्तारी के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सेल्फी पोस्ट की। जिसके कैप्शन में लिखा, ‘खराब गुणवत्ता के लिए माफी चाहती हूं। पुलिस वैन में बहुत खराब रोशनी है।’ दूसरी ओर साइबेरियाई शहर याकुटस्क में  माइनस 50 डिग्री सेल्शियस की ठंड में भी लोगों ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शनकारियों को रॉयट पुलिस अधिकारियों द्वारा बसों और ट्रकों में खींचकर ले जाया गया। वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने डंडों से पीटा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मॉस्को के पुश्किन स्क्वायर के बाहर कर दिया लेकिन वे आधे मील बाद ही दोबारा संगठित हो गए। बहुत से लोगों ने वहां से भागने से पहले पुलिसकर्मियों पर बर्फ के गोले फेंके। पुलिस की कार्रवाई की अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने निंदा की है। 

अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों और हिरासत में लिए गए पत्रकारों को रिहा करने के लिए रूसी अधिकारियों को तलब किया और घटना की निंदा की। अमेरिका ने इस कार्रवाई को ‘कठोर रणनीति’ कहा है। शनिवार दिन भर और रविवार सुबह के शुरुआती घंटों में लोग हाथों में प्लाकार्ड पकड़े दिखाई दिए जिसमें लिखा था, ‘रूस आजाद हो जाएगा’ और ‘पुतिन एक चोर है।’ कुछ ने क्रेमलिन की ओर कूच किया जबकि अन्य ने राजधानी के मुख्य मार्ग, टावर्सकाया स्ट्रीट को अवरुद्ध कर दिया। अधिकारियों का दावा है कि 4,000 लोगों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। 

कौन हैं एलेक्सी नवेलनी
एलेक्सी नवेलनी एक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन चलाने वाले व्यक्ति हैं। उन्हें राष्ट्रपति पुतिन का धुर विरोधी माना जाता है। साल 2018 में उन्होंने पुतिन के खिलाफ चुनाव में उतरने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें एक आरोप में दोषी ठहरा दिया गया और वह चुनाव नहीं लड़ पाए। पिछले साल अगस्त में उनपर नर्व एजेंट हमला किया गया था। इसका आरोप पुतिन पर लगा था। हालांकि सरकार ने इससे इनकार किया था।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक और विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी के समर्थकों और पुलिस के बीच शनिवार को झड़प हो गई। वैश्विक नेताओं ने इस घटना की निंदा की है। झड़प के दौरान पुलिस को प्रदर्शनकारियों को पीटते और उन्हें घसीटते हुए देखा गया। कई जगहों पर माइनस 50 डिग्री तापमान होने के बावजूद प्रदर्शन में तीन हजार से भी ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इसे पुतिन के खिलाफ सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

सरकार के खिलाफ हजारों लोगों ने शनिवार को 70 शहरों में विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया। ये प्रदर्शन नवेलनी को जेल में बंद करने को लेकर किए गए। नवेलनी पिछले साल अगस्त में रूस में हुए जानलेवा नर्व एजेंट हमले (जहर देकर मारने की कोशिश) के बाद बर्लिन में रिकवर कर रहे थे। वे रविवार को ही रूस लौटे थे और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

नवेलनी पुतिन के सबसे हाई-प्रोफाइल आलोचक हैं। शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान उनकी 44 साल की पत्नी यूलिया नवलन्या सहित अधिकारियों ने 3,400 लोगों को हिरासत में ले लिया है। अपनी गिरफ्तारी के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सेल्फी पोस्ट की। जिसके कैप्शन में लिखा, ‘खराब गुणवत्ता के लिए माफी चाहती हूं। पुलिस वैन में बहुत खराब रोशनी है।’ दूसरी ओर साइबेरियाई शहर याकुटस्क में  माइनस 50 डिग्री सेल्शियस की ठंड में भी लोगों ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शनकारियों को रॉयट पुलिस अधिकारियों द्वारा बसों और ट्रकों में खींचकर ले जाया गया। वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने डंडों से पीटा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मॉस्को के पुश्किन स्क्वायर के बाहर कर दिया लेकिन वे आधे मील बाद ही दोबारा संगठित हो गए। बहुत से लोगों ने वहां से भागने से पहले पुलिसकर्मियों पर बर्फ के गोले फेंके। पुलिस की कार्रवाई की अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने निंदा की है। 

अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों और हिरासत में लिए गए पत्रकारों को रिहा करने के लिए रूसी अधिकारियों को तलब किया और घटना की निंदा की। अमेरिका ने इस कार्रवाई को ‘कठोर रणनीति’ कहा है। शनिवार दिन भर और रविवार सुबह के शुरुआती घंटों में लोग हाथों में प्लाकार्ड पकड़े दिखाई दिए जिसमें लिखा था, ‘रूस आजाद हो जाएगा’ और ‘पुतिन एक चोर है।’ कुछ ने क्रेमलिन की ओर कूच किया जबकि अन्य ने राजधानी के मुख्य मार्ग, टावर्सकाया स्ट्रीट को अवरुद्ध कर दिया। अधिकारियों का दावा है कि 4,000 लोगों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। 

कौन हैं एलेक्सी नवेलनी

एलेक्सी नवेलनी एक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन चलाने वाले व्यक्ति हैं। उन्हें राष्ट्रपति पुतिन का धुर विरोधी माना जाता है। साल 2018 में उन्होंने पुतिन के खिलाफ चुनाव में उतरने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें एक आरोप में दोषी ठहरा दिया गया और वह चुनाव नहीं लड़ पाए। पिछले साल अगस्त में उनपर नर्व एजेंट हमला किया गया था। इसका आरोप पुतिन पर लगा था। हालांकि सरकार ने इससे इनकार किया था।

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