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रिलायंस-फ्यूचर रिटेल डील: अमेजन ने सेबी से की सौदे की समीक्षा स्थगित करने की मांग

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 16 Jan 2021 11:39 AM IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड
– फोटो : twitter: @CCI_India

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अमेरिका की ई-वाणिज्य कंपनी अमेजन ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से 24,713 करोड़ रुपये के फ्यूचर-रिलायंस सौदे की समीक्षा स्थगित करने का आग्रह किया है। कंपनी ने सौदे को दिल्ली उच्च न्यायालय में दी गई खुद की चुनौती के आधार पर सेबी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं देने का भी आग्रह किया। अमेजन इससे पहले भी सेबी को पत्र लिखकर ऐसा आग्रह कर चुकी है। 

अक्तूबर से अब तक सेबी को लिखे आठ पत्र
यह पिछले साल अक्तूबर से अब तक अमेजन के द्वारा सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी को भेजा गया आठवां पत्र है। इस बार 14 जनवरी को लिखे पत्र में कंपनी ने हवाला दिया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने फ्यूचर व रिलायंस इंडस्ट्रीज के सौदे को चुनौती देने वाली उसकी याचिका स्वीकार कर ली है। इस आधार पर अमेजन ने सेबी से सौदे की समीक्षा स्थगित करने का आग्रह किया। 

अगस्त में हुआ था रिलायंस और फ्यूचर समूह का समझौता
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले साल अगस्त में फ्यूचर समूह के साथ खुदरा कारोबार इकाई खरीदने का समझौता किया था। अमेजन शुरुआत से ही इस सौदे के खिलाफ में है। पत्र में अमेजन ने सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) के अंतरिम फैसले का भी हवाला दिया है। एसआईएसी ने उक्त फैसले में फ्यूचर समूह को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ सौदे पर आगे बढ़ने से रुकने के लिए कहा है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने फ्यूचर रिटेल से मांगी प्रतिक्रिया
मालूम हो कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की एक याचिका पर किशोर बियानी की अगुवाई वाली फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) से प्रतिक्रिया मांगी है। अमेजन ने याचिका में एकल न्यायाधीश की पीठ के अंतरिम आदेश में अपने खिलाफ निष्कर्षों को खारिज करने की अपील की है। एकल न्यायाधीश की पीठ ने कहा था कि फ्यूचर रिटेल का नियंत्रण हासिल करने की अमेजन की कोशिश विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों का उल्लंघन है।

अमेरिका की ई-वाणिज्य कंपनी अमेजन ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से 24,713 करोड़ रुपये के फ्यूचर-रिलायंस सौदे की समीक्षा स्थगित करने का आग्रह किया है। कंपनी ने सौदे को दिल्ली उच्च न्यायालय में दी गई खुद की चुनौती के आधार पर सेबी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं देने का भी आग्रह किया। अमेजन इससे पहले भी सेबी को पत्र लिखकर ऐसा आग्रह कर चुकी है। 

अक्तूबर से अब तक सेबी को लिखे आठ पत्र

यह पिछले साल अक्तूबर से अब तक अमेजन के द्वारा सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी को भेजा गया आठवां पत्र है। इस बार 14 जनवरी को लिखे पत्र में कंपनी ने हवाला दिया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने फ्यूचर व रिलायंस इंडस्ट्रीज के सौदे को चुनौती देने वाली उसकी याचिका स्वीकार कर ली है। इस आधार पर अमेजन ने सेबी से सौदे की समीक्षा स्थगित करने का आग्रह किया। 

अगस्त में हुआ था रिलायंस और फ्यूचर समूह का समझौता

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले साल अगस्त में फ्यूचर समूह के साथ खुदरा कारोबार इकाई खरीदने का समझौता किया था। अमेजन शुरुआत से ही इस सौदे के खिलाफ में है। पत्र में अमेजन ने सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) के अंतरिम फैसले का भी हवाला दिया है। एसआईएसी ने उक्त फैसले में फ्यूचर समूह को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ सौदे पर आगे बढ़ने से रुकने के लिए कहा है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने फ्यूचर रिटेल से मांगी प्रतिक्रिया

मालूम हो कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की एक याचिका पर किशोर बियानी की अगुवाई वाली फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) से प्रतिक्रिया मांगी है। अमेजन ने याचिका में एकल न्यायाधीश की पीठ के अंतरिम आदेश में अपने खिलाफ निष्कर्षों को खारिज करने की अपील की है। एकल न्यायाधीश की पीठ ने कहा था कि फ्यूचर रिटेल का नियंत्रण हासिल करने की अमेजन की कोशिश विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों का उल्लंघन है।


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