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यूपीएससी की लिखित परीक्षा पास करने के बाद महिला अभ्यर्थी गर्भवती हुई तो नहीं बन पाएगी सहायक कमांडेंट

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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ‘सीआईएसएफ’ में सहायक कमांडेंट बनने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की है। यूपीएससी द्वारा इसी साल सहायक कमांडेंट के पदों पर भर्ती की जाएगी। सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा की नियमावली में कहा गया है कि यूपीएससी की लिखित परीक्षा में पास हुए सभी उम्मीदवारों का शारीरिक दक्षता परीक्षण होगा। इस दौरान गर्भावस्था को अयोग्यता माना जाएगा। यानी गर्भवती महिला उम्मीदवार को अस्वीकृत कर दिया जाएगा।

शारीरिक दक्षता परीक्षण में पुरुषों को सौ मीटर की दौड़ 16 सेकेंड में पूरी करनी होगी, जबकि महिलाओं को 18 सेकेंड का समय दिया गया है। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को साढ़े तीन मीटर लंबी कूद लगानी होगी तो वहीं महिला उम्मीदवारों के लिए यह लंबाई तीन मीटर रखी गई है। दोनों को तीन-तीन अवसर मिलेंगे।

बता दें कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में निचले स्तर के कर्मियों को सहायक कमांडेंट के पद तक पहुंचने के लिए कई वर्ष लग जाते हैं। किसी बल में सात-आठ साल तो किसी में पांच-छह वर्ष में ही यह पद मिल जाता है। ये मापदंड निरीक्षक स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के लिए हैं। परीक्षा परिणाम के आधार पर यूपीएससी द्वारा पदों की संख्या बताई जाएगी।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से संबंधित उम्मीदवारों की रिक्तियों के संबंध में आरक्षण, सरकार द्वारा नियत किया जाएगा। इस परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की प्रशिक्षण अवधि सहित उप निरीक्षक या निरीक्षक जीडी रैंक में चार वर्ष की नियमित सेवा पूरी होनी चाहिए। उम्मीदवार की आयु एक अगस्त 2021 को 35 वर्ष से ज्यादा न हो। यानी उसका जन्म 2 अगस्त 1986 से पहले न हुआ हो।

प्रत्येक अभ्यार्थी जो एलडीसीई ‘एसी’ में भाग लेने का पात्र है, उसे तीन अवसर दिए जाएंगे। यदि किसी उम्मीदवार के पास एनसीसी ‘बी’ अथवा ‘सी’ प्रमाणपत्र है तो उसे वांछनीय योग्यता माना जाएगा। मतलब, साक्षात्कार या व्यक्तिगत परीक्षण के समय ऐसी वांछनीय अर्हताओं पर विचार होगा।

सभी उम्मीदवारों को यूपीएससी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की एक हार्ड कॉपी उचित माध्यम से सीआईएसएफ के प्राधिकारियों के पास सत्यापन के लिए पहुंचेंगी। निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार, अभ्यर्थियों की पात्रता का निर्धारण करने के लिए आवेदनों की जांच सीआईएसएफ करेगी।

हालांकि परीक्षा में प्रवेश के लिए किसी भी उम्मीदवार का आवेदन स्वीकार करने या उसकी योग्यता के संबंध में संघ लोक सेवा आयोग का निर्णय अंतिम माना जाएगा। अधिसूचना में कहा गया है कि कोई उम्मीदवार परीक्षा में गड़बड़ी करता हुआ मिला तो उसका आवेदन अस्वीकृत हो जाएगा। केवल चिकित्सा मानदंड परीक्षणों के विरूद्ध ही अपील स्वीकार की जाएगी।

सार

शारीरिक दक्षता परीक्षण में पुरुषों को सौ मीटर की दौड़ 16 सेकेंड में पूरी करनी होगी, जबकि महिलाओं को 18 सेकेंड का समय दिया गया है। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को साढ़े तीन मीटर लंबी कूद लगानी होगी तो वहीं महिला उम्मीदवारों के लिए यह लंबाई तीन मीटर रखी गई है…

विस्तार

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ‘सीआईएसएफ’ में सहायक कमांडेंट बनने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की है। यूपीएससी द्वारा इसी साल सहायक कमांडेंट के पदों पर भर्ती की जाएगी। सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा की नियमावली में कहा गया है कि यूपीएससी की लिखित परीक्षा में पास हुए सभी उम्मीदवारों का शारीरिक दक्षता परीक्षण होगा। इस दौरान गर्भावस्था को अयोग्यता माना जाएगा। यानी गर्भवती महिला उम्मीदवार को अस्वीकृत कर दिया जाएगा।

शारीरिक दक्षता परीक्षण में पुरुषों को सौ मीटर की दौड़ 16 सेकेंड में पूरी करनी होगी, जबकि महिलाओं को 18 सेकेंड का समय दिया गया है। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को साढ़े तीन मीटर लंबी कूद लगानी होगी तो वहीं महिला उम्मीदवारों के लिए यह लंबाई तीन मीटर रखी गई है। दोनों को तीन-तीन अवसर मिलेंगे।

बता दें कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में निचले स्तर के कर्मियों को सहायक कमांडेंट के पद तक पहुंचने के लिए कई वर्ष लग जाते हैं। किसी बल में सात-आठ साल तो किसी में पांच-छह वर्ष में ही यह पद मिल जाता है। ये मापदंड निरीक्षक स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के लिए हैं। परीक्षा परिणाम के आधार पर यूपीएससी द्वारा पदों की संख्या बताई जाएगी।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से संबंधित उम्मीदवारों की रिक्तियों के संबंध में आरक्षण, सरकार द्वारा नियत किया जाएगा। इस परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की प्रशिक्षण अवधि सहित उप निरीक्षक या निरीक्षक जीडी रैंक में चार वर्ष की नियमित सेवा पूरी होनी चाहिए। उम्मीदवार की आयु एक अगस्त 2021 को 35 वर्ष से ज्यादा न हो। यानी उसका जन्म 2 अगस्त 1986 से पहले न हुआ हो।

प्रत्येक अभ्यार्थी जो एलडीसीई ‘एसी’ में भाग लेने का पात्र है, उसे तीन अवसर दिए जाएंगे। यदि किसी उम्मीदवार के पास एनसीसी ‘बी’ अथवा ‘सी’ प्रमाणपत्र है तो उसे वांछनीय योग्यता माना जाएगा। मतलब, साक्षात्कार या व्यक्तिगत परीक्षण के समय ऐसी वांछनीय अर्हताओं पर विचार होगा।

सभी उम्मीदवारों को यूपीएससी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की एक हार्ड कॉपी उचित माध्यम से सीआईएसएफ के प्राधिकारियों के पास सत्यापन के लिए पहुंचेंगी। निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार, अभ्यर्थियों की पात्रता का निर्धारण करने के लिए आवेदनों की जांच सीआईएसएफ करेगी।

हालांकि परीक्षा में प्रवेश के लिए किसी भी उम्मीदवार का आवेदन स्वीकार करने या उसकी योग्यता के संबंध में संघ लोक सेवा आयोग का निर्णय अंतिम माना जाएगा। अधिसूचना में कहा गया है कि कोई उम्मीदवार परीक्षा में गड़बड़ी करता हुआ मिला तो उसका आवेदन अस्वीकृत हो जाएगा। केवल चिकित्सा मानदंड परीक्षणों के विरूद्ध ही अपील स्वीकार की जाएगी।


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arvind007

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