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म्यांमार पर अमेरिका ने की सख्त कार्रवाई, लगाया सैन्य अधिकारियों पर प्रतिबंध

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अमेरिका ने म्यांमार में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के तख्तापलट और आंग सान सू की समेत अन्य शीर्ष नेताओं को हिरासत में लेने के लिए जिम्मेदार सैन्य अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें 10 मौजूदा और पूर्व सैन्य अधिकारी तथा तीन कंपनियां शामिल हैं। इनमें से छह लोग राष्ट्रीय रक्षा एवं सुरक्षा परिषद के सदस्य हैं और वे सीधे तौर पर तख्तापलट में शामिल हैं। 

इन छह अधिकारियों में म्यांमार सैन्य बल के कमांडर इन चीफ मिन आंग ह्लाइंग, डिप्टी कमांडर इन चीफ सोइ विन, प्रथम उपराष्ट्रपति एवं सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल मिंट स्यू, ले. जनरल सीन विन, ले. जनरल सोए तुत और ले. जनरल ये आंग के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा चार अन्य अधिकारियों, रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्त म्या तुन उ, परिवहन-संचार मंत्री के तौर पर नियुक्त एडमिरल तिन आंग सान, राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) के संयुक्त सचिव जनरल ये विन उ और एसएसी के सचिव लेफ्टिनेंट जनरल आंग लिन द्वे पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

तीन कंपनियों- रूबी एंटरप्राइज, म्यांमार इम्पेरियल जेड को और कैंक्री (जेम्स एंड ज्वेलरी) पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा, हमने म्यांमार के लोगों व अर्थव्यवस्था को निशाना नहीं बनाया है ताकि आम लोगों की मुश्किलें न बढ़ें।

चीन के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारी
 म्यांमार के लोगों ने शुक्रवार को सैन्य तानाशाह जनरल मिन आंग ह्लाइंग को समर्थन देने पर चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने चीन को एक वास्तविक अपराधी माना और कहा कि वह एक शांतिप्रिय देश के जीवन में अशांति घोल रहा है।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि चीन ने म्यांमार सेना को लोकतंत्र को दाव पर लगाने के लिए मजबूर किया है। प्रदर्शनकारियों के साथ में ऐसे बैनर भी दिखाई दिए जिनमें लिखा था कि सैन्य तानाशाह का समर्थन बंद करो। इसके अलावा देश भर में शुक्रवार को सुबह से ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

तख्तापलट करने वाले ने कहा, लोकतंत्र के लिए हाथ मिलाएं
म्यांमार में तख्तापलट में शामिल नेता और सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने देश में ‘एकता दिवस’ के मौके पर शुक्रवार को लोगों से कहा कि अगर वे लोकतंत्र चाहते हैं तो उन्हें सेना के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, अतीत की घटनाओं ने हमें सिखाया है कि सिर्फ राष्ट्रीय एकता ही देश को विघटन से रोकने और अखंडता एवं संप्रभुता बनाए रखने में कारगर है।

अमेरिका ने म्यांमार में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के तख्तापलट और आंग सान सू की समेत अन्य शीर्ष नेताओं को हिरासत में लेने के लिए जिम्मेदार सैन्य अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें 10 मौजूदा और पूर्व सैन्य अधिकारी तथा तीन कंपनियां शामिल हैं। इनमें से छह लोग राष्ट्रीय रक्षा एवं सुरक्षा परिषद के सदस्य हैं और वे सीधे तौर पर तख्तापलट में शामिल हैं। 

इन छह अधिकारियों में म्यांमार सैन्य बल के कमांडर इन चीफ मिन आंग ह्लाइंग, डिप्टी कमांडर इन चीफ सोइ विन, प्रथम उपराष्ट्रपति एवं सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल मिंट स्यू, ले. जनरल सीन विन, ले. जनरल सोए तुत और ले. जनरल ये आंग के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा चार अन्य अधिकारियों, रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्त म्या तुन उ, परिवहन-संचार मंत्री के तौर पर नियुक्त एडमिरल तिन आंग सान, राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) के संयुक्त सचिव जनरल ये विन उ और एसएसी के सचिव लेफ्टिनेंट जनरल आंग लिन द्वे पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

तीन कंपनियों- रूबी एंटरप्राइज, म्यांमार इम्पेरियल जेड को और कैंक्री (जेम्स एंड ज्वेलरी) पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा, हमने म्यांमार के लोगों व अर्थव्यवस्था को निशाना नहीं बनाया है ताकि आम लोगों की मुश्किलें न बढ़ें।

चीन के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारी

 म्यांमार के लोगों ने शुक्रवार को सैन्य तानाशाह जनरल मिन आंग ह्लाइंग को समर्थन देने पर चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने चीन को एक वास्तविक अपराधी माना और कहा कि वह एक शांतिप्रिय देश के जीवन में अशांति घोल रहा है।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि चीन ने म्यांमार सेना को लोकतंत्र को दाव पर लगाने के लिए मजबूर किया है। प्रदर्शनकारियों के साथ में ऐसे बैनर भी दिखाई दिए जिनमें लिखा था कि सैन्य तानाशाह का समर्थन बंद करो। इसके अलावा देश भर में शुक्रवार को सुबह से ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

तख्तापलट करने वाले ने कहा, लोकतंत्र के लिए हाथ मिलाएं

म्यांमार में तख्तापलट में शामिल नेता और सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने देश में ‘एकता दिवस’ के मौके पर शुक्रवार को लोगों से कहा कि अगर वे लोकतंत्र चाहते हैं तो उन्हें सेना के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, अतीत की घटनाओं ने हमें सिखाया है कि सिर्फ राष्ट्रीय एकता ही देश को विघटन से रोकने और अखंडता एवं संप्रभुता बनाए रखने में कारगर है।

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arvind007

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