International

म्यांमार के सशस्त्र समूह सीएनए ने भारत से लगाई गुहार, देश में 40 परिवारों के लिए मांगी पनाह

मिजोरम के अलावा मणिपुर से लगी म्यांमार की सीमा पर घुसपैठ की संभावना को देखते हुए बढ़ाई गई सुरक्षा
– फोटो : सोशल मीडिया

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

म्यांमार में तख्तापलट के बाद देश में उथल-पुथल मचा हुआ है। ऐसे में मिजोरम के अलावा मणिपुर से लगी म्यांमार की सीमा पर घुसपैठ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच म्यांमार के सशस्त्र उग्रवादी समूह चिन नेशनल आर्मी (सीएनए) ने भारत में अपने परिवारों के लिए शरण की गुहार लगाई है।

मिजोरम के चंफाई जिला की उपायुक्त मारिया सी टी जुआली ने जानकारी दी है कि चिन नेशनल फ्रंट (सीएनएफ) की सशस्त्र इकाई सीएनए ने 40 परिवारों के लिए शरण का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, ‘‘सीएनए ने फरकावन ग्राम परिषद के अध्यक्ष से इस बारे में बात की और उन्होंने चंफाई जिला प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया।’’

जुआली ने आगे कहा कि उन्होंने शीर्ष अधिकारियों को इस मामले से अवगत करा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने तख्तापलट के मद्देनजर म्यांमार से बड़ी संख्या में शरणार्थियों के आने की आशंका को लेकर एक अलर्ट जारी किया है। गौरतलब है कि मिजोरम में म्यांमार से लगी 404 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा है। 

सीमावर्ती इलाकों में चिन समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। यह लोग म्यांमार में हुई कोई तीन दशक पहले हिंसा के बाद शरण के लिए सीमा पार कर मिजोरम आ गए थे। मिजोरम की राजधानी आइजोल में ही चिन समुदाय के तीन हजार से ज्यादा लोग रहते हैं।

जुआली ने मंगलवार को एक अधिसूचना भी जारी की थी। इस अधिसूचना के तहत सभी गांवों को इलाके में म्यांमार के शरणार्थियों के दिखने पर जिला प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि 1980 के दशक में सैन्य जुंटा के कारण म्यांमार के चिन समुदाय के हजारों सदस्य मिजोरम आ गए थे। पड़ोसी देश में लोकतंत्र बहाल होने पर कई लोग लौट गए थे, लेकिन हजारों लोग अब भी राज्य में हैं। म्यांमार के चिन और भारत के मिजो, एक ही कुल और संस्कृति के हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों म्यांमार में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई आंग सान सू ची की सरकार के खिलाफ तख्तापलट करते हुए सेना ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इस बात से नाराज लोग देश में बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

म्यांमार में तख्तापलट के बाद देश में उथल-पुथल मचा हुआ है। ऐसे में मिजोरम के अलावा मणिपुर से लगी म्यांमार की सीमा पर घुसपैठ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच म्यांमार के सशस्त्र उग्रवादी समूह चिन नेशनल आर्मी (सीएनए) ने भारत में अपने परिवारों के लिए शरण की गुहार लगाई है।

मिजोरम के चंफाई जिला की उपायुक्त मारिया सी टी जुआली ने जानकारी दी है कि चिन नेशनल फ्रंट (सीएनएफ) की सशस्त्र इकाई सीएनए ने 40 परिवारों के लिए शरण का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, ‘‘सीएनए ने फरकावन ग्राम परिषद के अध्यक्ष से इस बारे में बात की और उन्होंने चंफाई जिला प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया।’’

जुआली ने आगे कहा कि उन्होंने शीर्ष अधिकारियों को इस मामले से अवगत करा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने तख्तापलट के मद्देनजर म्यांमार से बड़ी संख्या में शरणार्थियों के आने की आशंका को लेकर एक अलर्ट जारी किया है। गौरतलब है कि मिजोरम में म्यांमार से लगी 404 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा है। 

सीमावर्ती इलाकों में चिन समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। यह लोग म्यांमार में हुई कोई तीन दशक पहले हिंसा के बाद शरण के लिए सीमा पार कर मिजोरम आ गए थे। मिजोरम की राजधानी आइजोल में ही चिन समुदाय के तीन हजार से ज्यादा लोग रहते हैं।

जुआली ने मंगलवार को एक अधिसूचना भी जारी की थी। इस अधिसूचना के तहत सभी गांवों को इलाके में म्यांमार के शरणार्थियों के दिखने पर जिला प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि 1980 के दशक में सैन्य जुंटा के कारण म्यांमार के चिन समुदाय के हजारों सदस्य मिजोरम आ गए थे। पड़ोसी देश में लोकतंत्र बहाल होने पर कई लोग लौट गए थे, लेकिन हजारों लोग अब भी राज्य में हैं। म्यांमार के चिन और भारत के मिजो, एक ही कुल और संस्कृति के हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों म्यांमार में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई आंग सान सू ची की सरकार के खिलाफ तख्तापलट करते हुए सेना ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इस बात से नाराज लोग देश में बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: