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मैक्सिको ड्रग मामला: अमेरिका ने कानून प्रवर्तन सहयोग को समाप्त करने की धमकी दी

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अमेरिकी न्याय विभाग ने शनिवार को मैक्सिको के साथ कानून प्रवर्तन सहयोग को समाप्त करने की धमकी दी है। दरअसल मैक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर ने अमेरिकी अधिकारियों पर एक पूर्व मैक्सिकन रक्षा प्रमुख के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी के सबूत गढ़ने का आरोप लगाया था, जिसके बाद अमेरिका ने यह धमकी दी है।

अमेरिकी न्याय विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि मैक्सिको के सल्वाडोर सिनेफ्यूगोस को लेकर की गई जांच रिपोर्ट गढ़ी हुई नहीं बल्कि असली थी। अमेरिका का न्याय विभाग पूरी तरह से अपनी जांच के साथ खड़ा है।

विभाग ने आगे कहा कि जांच के बारे में मैक्सिको में प्रचार किया गया, इससे दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन हुआ।  प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘कार्रवाई से यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिका, मैक्सिको की अपनी आपराधिक जांच का समर्थन करने के लिए जानकारी साझा करना जारी रख सकता है या नहीं।’ इससे पहले विभाग ने कहा कि यह सिनेफ्यूगोस के खिलाफ अभियोजन को फिर से शुरू करने का अधिकार बरकरार रखा है, ‘अगर मेक्सिको की सरकार ऐसा करने में विफल रहती है।’
 

अमेरिका ने मैक्सिको के पूर्व राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो की 2012-2018 सरकार में रक्षा मंत्री रहे सिनेफ्यूगोस को अक्तूबर में आरोपों के आधार पर गिरफ्तार किया था। उनपर कोकीन, हेरोइन, मेथामफेटामाइन और मारिजुआना के हजारों किलोग्राम का उत्पादन और वितरण करने की साजिश रचने का आरोप था। लॉस एंजिल्स हवाई अड्डे पर चौंकाने वाली गिरफ्तारी इस बात का संकेत थी कि मैक्सिकन सरकार में उच्च भ्रष्टाचार कैसे फैल गया।

अमेरिकी अभियोग के अनुसार, सिनेफ्यूगोस एक 72 वर्षीय सेवानिवृत्त जनरल उपनाम ‘द गॉडफादर’ ने एक बेहद हिंसक मैक्सिकन ड्रग ट्रैफिकिंग संगठन ‘एच-2 कार्टेल’ की मदद करने के लिए रिश्वत लिया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि सबूतों में सिनेफ्यूगोस और कार्टेल सदस्यों के बीच हजारों इंटरसेप्टेड ब्लैकबेरी संदेश शामिल थे।

लेकिन इस मामले ने तुरंत एक कूटनीतिक दरार पैदा कर दी, और लोपेज ओब्रेडोर ने शिकायत की कि अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन एजेंसी (डीईए) ने उसकी पीठ पर वार किया था।इस शिकायत ने लोपेज ओब्रेडोर को, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते थे, असहज स्थिति में डाल दिया क्योंकि उनके सेना के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और उन्होंने ड्रग कार्टेल से लड़ने के लिए उनकी जिम्मेदारियां बढ़ा दी।

जिसके बाद मैक्सिको सिटी दबाव में आ गया और अमेरिका अपने आरोपों को छोड़ने और सिनेफ्यूगोस को अपने देश में अभियोजन के लिए वापस भेजने के लिए नवंबर में सहमत हुआ।

गुरुवार को मैक्सिकन अभियोजकों ने मामले को छोड़ दिया। अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने कहा कि इससे यह निष्कर्ष निकाला है कि सिनेफ्यूगोस कभी भी कार्टेल सदस्यों के साथ नहीं मिले, इसके बावजूद कि अमेरिका ने क्या कहा। उन्होंने उनके साथ कोई संवाद नहीं किया, न ही उन्होंने उन व्यक्तियों की सुरक्षा या उनकी मदद करने के इरादे से कुछ किया।

मामले के कारण मैक्सिको ने दोनों सरकारों के बीच एक समझौते के तहत देश में काम करने वाले डीईए एजेंटों से राजनयिक प्रतिरक्षा छीनने की धमकी दी है।लोपेज ओब्रेडोर ने शुक्रवार को डीईए पर सिनेफ्यूगोस के खिलाफ कथित अपराधों को गढ़ने का आरोप लगाया।

इसपर अमेरिकी न्याय विभाग ने जोर देकर कहा कि सिनेफ्यूगोस को चार्ज करने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री को गढ़ा नहीं गया था बल्कि कानूनी रूप से एकत्र किया गया था। विभाग ने कहा, ‘उचित रूप से अदालत के आदेश के आधार पर जानकारी एकत्र की गई थी और मेक्सिको की संप्रभुता का पूरा सम्मान किया गया था।’

अमेरिकी न्याय विभाग ने शनिवार को मैक्सिको के साथ कानून प्रवर्तन सहयोग को समाप्त करने की धमकी दी है। दरअसल मैक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर ने अमेरिकी अधिकारियों पर एक पूर्व मैक्सिकन रक्षा प्रमुख के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी के सबूत गढ़ने का आरोप लगाया था, जिसके बाद अमेरिका ने यह धमकी दी है।

अमेरिकी न्याय विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि मैक्सिको के सल्वाडोर सिनेफ्यूगोस को लेकर की गई जांच रिपोर्ट गढ़ी हुई नहीं बल्कि असली थी। अमेरिका का न्याय विभाग पूरी तरह से अपनी जांच के साथ खड़ा है।

विभाग ने आगे कहा कि जांच के बारे में मैक्सिको में प्रचार किया गया, इससे दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन हुआ।  प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘कार्रवाई से यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिका, मैक्सिको की अपनी आपराधिक जांच का समर्थन करने के लिए जानकारी साझा करना जारी रख सकता है या नहीं।’ इससे पहले विभाग ने कहा कि यह सिनेफ्यूगोस के खिलाफ अभियोजन को फिर से शुरू करने का अधिकार बरकरार रखा है, ‘अगर मेक्सिको की सरकार ऐसा करने में विफल रहती है।’

 

अमेरिका ने मैक्सिको के पूर्व राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो की 2012-2018 सरकार में रक्षा मंत्री रहे सिनेफ्यूगोस को अक्तूबर में आरोपों के आधार पर गिरफ्तार किया था। उनपर कोकीन, हेरोइन, मेथामफेटामाइन और मारिजुआना के हजारों किलोग्राम का उत्पादन और वितरण करने की साजिश रचने का आरोप था। लॉस एंजिल्स हवाई अड्डे पर चौंकाने वाली गिरफ्तारी इस बात का संकेत थी कि मैक्सिकन सरकार में उच्च भ्रष्टाचार कैसे फैल गया।

अमेरिकी अभियोग के अनुसार, सिनेफ्यूगोस एक 72 वर्षीय सेवानिवृत्त जनरल उपनाम ‘द गॉडफादर’ ने एक बेहद हिंसक मैक्सिकन ड्रग ट्रैफिकिंग संगठन ‘एच-2 कार्टेल’ की मदद करने के लिए रिश्वत लिया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि सबूतों में सिनेफ्यूगोस और कार्टेल सदस्यों के बीच हजारों इंटरसेप्टेड ब्लैकबेरी संदेश शामिल थे।

लेकिन इस मामले ने तुरंत एक कूटनीतिक दरार पैदा कर दी, और लोपेज ओब्रेडोर ने शिकायत की कि अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन एजेंसी (डीईए) ने उसकी पीठ पर वार किया था।इस शिकायत ने लोपेज ओब्रेडोर को, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखते थे, असहज स्थिति में डाल दिया क्योंकि उनके सेना के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और उन्होंने ड्रग कार्टेल से लड़ने के लिए उनकी जिम्मेदारियां बढ़ा दी।

जिसके बाद मैक्सिको सिटी दबाव में आ गया और अमेरिका अपने आरोपों को छोड़ने और सिनेफ्यूगोस को अपने देश में अभियोजन के लिए वापस भेजने के लिए नवंबर में सहमत हुआ।

गुरुवार को मैक्सिकन अभियोजकों ने मामले को छोड़ दिया। अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने कहा कि इससे यह निष्कर्ष निकाला है कि सिनेफ्यूगोस कभी भी कार्टेल सदस्यों के साथ नहीं मिले, इसके बावजूद कि अमेरिका ने क्या कहा। उन्होंने उनके साथ कोई संवाद नहीं किया, न ही उन्होंने उन व्यक्तियों की सुरक्षा या उनकी मदद करने के इरादे से कुछ किया।

मामले के कारण मैक्सिको ने दोनों सरकारों के बीच एक समझौते के तहत देश में काम करने वाले डीईए एजेंटों से राजनयिक प्रतिरक्षा छीनने की धमकी दी है।लोपेज ओब्रेडोर ने शुक्रवार को डीईए पर सिनेफ्यूगोस के खिलाफ कथित अपराधों को गढ़ने का आरोप लगाया।

इसपर अमेरिकी न्याय विभाग ने जोर देकर कहा कि सिनेफ्यूगोस को चार्ज करने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री को गढ़ा नहीं गया था बल्कि कानूनी रूप से एकत्र किया गया था। विभाग ने कहा, ‘उचित रूप से अदालत के आदेश के आधार पर जानकारी एकत्र की गई थी और मेक्सिको की संप्रभुता का पूरा सम्मान किया गया था।’


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