International

‘मुझे मत सुलाओ, मैं कभी उठ नहीं पाऊंगा‘, पति के ये अंतिम शब्द अब भी गूंज रहे हैं पत्नी के कानों में

ब्रिटेन में कोरोना के शिकार हुए लियोन बोसे
– फोटो : Social Media

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

ब्रिटेन में कोरोना का कहर इतना ज्यादा है कि आए दिन परिवार उजड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मार्मिक मामला याॅर्कशायर की एक फैक्ट्री के ड्राइवर की मौत का है। 40 साल के हष्ट-पुष्ट लियोन बोसे अचानक कोविड-19 की चपेट में आए और डेढ़ माह से ज्यादा वक्त तक अस्पताल में मौत से संघर्ष करते हुए थक गए। पत्नी निकोला जेनिसन के कानों में उनके अंतिम शब्द ‘मुझे मत सुलाओ, मैं कभी उठ नहीं पाऊंगा‘ अब भी गूंज रहे हैं। सच में उनके ये शब्द अंतिम साबित हुए और उनकी नींद चिरनिद्रा में तब्दील हो गई।

पेट दर्द से हुई शुरुआत
बोसे व उनकी पत्नी निकोला नवंबर के आरंभ में कोरोना संक्रमित हुए थे। इसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेेट कर लिया था। बोसे कभी-कभार शराब या सिगरेट पीते थे। उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। इसके बाद उन्हें पेटदर्द की शिकायत हुई तो वे 12 नवंबर को नार्थ याॅर्कशायर के एक अस्पताल पहुंचे। 

बार-बार याद आते हैं अंतिम शब्द
बोसे की पत्नी निकोला पति के अंतिम शब्दों को बार-बार याद कर रो पड़ती हैं। वह उन लम्हों व शब्दों को जीवन भर भूल नहीं सकेगी। निकोला ने बताया कि जब पति ने मुझे कहा-मुझे मत सुलाओ, मैं कभी उठ नहीं पाऊंगा‘ तो मैंने उन्हें कहा था ऐसी बातें मत करो, जल्दी ठीक होकर आ जाओगे। 

24 घंटे में पहुंचे वेंटिलेटर पर
निकोला ने बिलखते हुए बताया कि अस्पताल में भर्ती कराने के मात्र 24 घंटे में बोसे को वेंटिलेटर पर रखा गया। इसी दौरान उन्हें न्यूमोनिया हुआ और किडनी फेल होने लगी। डाॅक्टरों ने भी उनकी हालत देखकर कह दिया था कि बचने की उम्मीद मात्र एक परसेंट है। जान बचाने के लिए फेफड़ों का प्रत्यारोपण करना होगा। लेकिन ब्रिटेन में उस इसकी कोई व्यवस्था नहीं थी। कोई लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए नहीं मिले और आखिरकार बोसे ने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। बोसे का आठ साल का बेटा और 16 साल का सौतेला बेटा लिगटन है।

ब्रिटेन में कोरोना का कहर इतना ज्यादा है कि आए दिन परिवार उजड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मार्मिक मामला याॅर्कशायर की एक फैक्ट्री के ड्राइवर की मौत का है। 40 साल के हष्ट-पुष्ट लियोन बोसे अचानक कोविड-19 की चपेट में आए और डेढ़ माह से ज्यादा वक्त तक अस्पताल में मौत से संघर्ष करते हुए थक गए। पत्नी निकोला जेनिसन के कानों में उनके अंतिम शब्द ‘मुझे मत सुलाओ, मैं कभी उठ नहीं पाऊंगा‘ अब भी गूंज रहे हैं। सच में उनके ये शब्द अंतिम साबित हुए और उनकी नींद चिरनिद्रा में तब्दील हो गई।

पेट दर्द से हुई शुरुआत

बोसे व उनकी पत्नी निकोला नवंबर के आरंभ में कोरोना संक्रमित हुए थे। इसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेेट कर लिया था। बोसे कभी-कभार शराब या सिगरेट पीते थे। उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। इसके बाद उन्हें पेटदर्द की शिकायत हुई तो वे 12 नवंबर को नार्थ याॅर्कशायर के एक अस्पताल पहुंचे। 

बार-बार याद आते हैं अंतिम शब्द

बोसे की पत्नी निकोला पति के अंतिम शब्दों को बार-बार याद कर रो पड़ती हैं। वह उन लम्हों व शब्दों को जीवन भर भूल नहीं सकेगी। निकोला ने बताया कि जब पति ने मुझे कहा-मुझे मत सुलाओ, मैं कभी उठ नहीं पाऊंगा‘ तो मैंने उन्हें कहा था ऐसी बातें मत करो, जल्दी ठीक होकर आ जाओगे। 

24 घंटे में पहुंचे वेंटिलेटर पर

निकोला ने बिलखते हुए बताया कि अस्पताल में भर्ती कराने के मात्र 24 घंटे में बोसे को वेंटिलेटर पर रखा गया। इसी दौरान उन्हें न्यूमोनिया हुआ और किडनी फेल होने लगी। डाॅक्टरों ने भी उनकी हालत देखकर कह दिया था कि बचने की उम्मीद मात्र एक परसेंट है। जान बचाने के लिए फेफड़ों का प्रत्यारोपण करना होगा। लेकिन ब्रिटेन में उस इसकी कोई व्यवस्था नहीं थी। कोई लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए नहीं मिले और आखिरकार बोसे ने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। बोसे का आठ साल का बेटा और 16 साल का सौतेला बेटा लिगटन है।


Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: