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मुझे इस बात का फक्र है कि मैं हिंदुस्तानी मुसलमान हूं : गुलाम नबी आजाद

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राज्यसभा में मंगलवार को अपने विदाई भाषण में गुलाम नबी आजाद ने कहा, मुझे इस बात का फक्र है कि मैं हिंदुस्तानी मुसलमान हूं। कांग्रेस नेता ने कहा, मैं उन खुशकिस्मत लोगों में हूं जो पाकिस्तान कभी नहीं गए। जब मैं देखता हूं कि पाकिस्तान में किस तरह के हालात हैं तो मुझे हिंदुस्तानी होने पर फक्र होता है कि हम हिंदुस्तानी मुसलमान हैं।

आज विश्व में अगर किसी मुसलमान को गर्व होना चाहिए तो वह हिंदुस्तान के मुसलमान को गर्व होना चाहिए। गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा में पीएम के संबोधन में अपने लिए की गई टिप्पणियों पर कहा, प्रधानमंत्री ने जिस तरह भावुक होकर मेरे बारे में कुछ शब्द कहे मैं सोच में पड़ गया कि क्या कहूं।

ऐसे कॉलेज में पढ़ा, जहां ज्यादातर 14 अगस्त मनाते थे
आजाद ने कहा, मैं जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े कॉलेज एसपी कॉलेज में पढ़ता था। वहां 14 अगस्त (पाकिस्तान की आजादी का दिन) भी मनाया जाता था और 15 अगस्त भी। वहां ज्यादातर वे लोग थे, जो 14 अगस्त मनाते थे और जो लोग 15 अगस्त मनाते थे, उनमें मैं और मेरे दोस्त थे।

हम प्रिंसिपल और स्टॉफ के साथ रहते थे। इसके बाद हम दस दिन तक स्कूल नहीं जाते थे क्योंकि पिटाई होती थी। मैं उस स्थिति से निकलकर आया हूं। मुझे खुशी है कि कई पार्टियों के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर आगे बढ़ा।

बहुसंख्यक समुदाय भी दो कदम आगे आए
गुलाम नबी ने कहा, हम पिछले 30-35 साल से तालिबान और अफगानिस्तान जैसे देशों को भी देख रहे हैं। दुनिया में ऐसे कई देश हैं जो आपस में लड़ रहे हैं। वहां हिंदू या ईसाई नहीं है, वहां मुसलमान हैं फिर भी आपस में लड़ाई कर रहे हैं, जो समाज में बुराई हैं। आज हम फक्र से यह कह सकते हैं कि हमारे देश के मुसलमानों में वह बुराइयां नहीं हैं, लेकिन यहां बहुसंख्यक समुदाय को भी दो कदम आगे आने की जरूरत है।

राज्यसभा में मंगलवार को अपने विदाई भाषण में गुलाम नबी आजाद ने कहा, मुझे इस बात का फक्र है कि मैं हिंदुस्तानी मुसलमान हूं। कांग्रेस नेता ने कहा, मैं उन खुशकिस्मत लोगों में हूं जो पाकिस्तान कभी नहीं गए। जब मैं देखता हूं कि पाकिस्तान में किस तरह के हालात हैं तो मुझे हिंदुस्तानी होने पर फक्र होता है कि हम हिंदुस्तानी मुसलमान हैं।

आज विश्व में अगर किसी मुसलमान को गर्व होना चाहिए तो वह हिंदुस्तान के मुसलमान को गर्व होना चाहिए। गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा में पीएम के संबोधन में अपने लिए की गई टिप्पणियों पर कहा, प्रधानमंत्री ने जिस तरह भावुक होकर मेरे बारे में कुछ शब्द कहे मैं सोच में पड़ गया कि क्या कहूं।

ऐसे कॉलेज में पढ़ा, जहां ज्यादातर 14 अगस्त मनाते थे

आजाद ने कहा, मैं जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े कॉलेज एसपी कॉलेज में पढ़ता था। वहां 14 अगस्त (पाकिस्तान की आजादी का दिन) भी मनाया जाता था और 15 अगस्त भी। वहां ज्यादातर वे लोग थे, जो 14 अगस्त मनाते थे और जो लोग 15 अगस्त मनाते थे, उनमें मैं और मेरे दोस्त थे।

हम प्रिंसिपल और स्टॉफ के साथ रहते थे। इसके बाद हम दस दिन तक स्कूल नहीं जाते थे क्योंकि पिटाई होती थी। मैं उस स्थिति से निकलकर आया हूं। मुझे खुशी है कि कई पार्टियों के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर आगे बढ़ा।

बहुसंख्यक समुदाय भी दो कदम आगे आए

गुलाम नबी ने कहा, हम पिछले 30-35 साल से तालिबान और अफगानिस्तान जैसे देशों को भी देख रहे हैं। दुनिया में ऐसे कई देश हैं जो आपस में लड़ रहे हैं। वहां हिंदू या ईसाई नहीं है, वहां मुसलमान हैं फिर भी आपस में लड़ाई कर रहे हैं, जो समाज में बुराई हैं। आज हम फक्र से यह कह सकते हैं कि हमारे देश के मुसलमानों में वह बुराइयां नहीं हैं, लेकिन यहां बहुसंख्यक समुदाय को भी दो कदम आगे आने की जरूरत है।

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arvind007

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