Uttar Pradesh

मिर्जापुर वेब सीरीज के लेखक, निर्देशकों को राहत, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वेब सीरीज मिर्जापुर के लेखकों व निर्देशकों को राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। सीरीज के लेखकों और निर्देशकों करन अंशुमान, गुरमीत सिंह, पुनीत कृष्णा और विनीत कृष्णा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर प्राथमिकी रद़द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका पर न्यायमूर्ति प्रींतकर दिवाकर और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने सुनवाई की। 

कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार से जवाब भी मांगा है। इससे पूर्व हाईकोर्ट ने 29 जनवरी को इसी मामले में सीरीज के निर्माता फरहान अख्तर और रीतेश सिधवानी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए यह स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना जारी रहेगी और याचीगण विवेचना में सहयोग करें। यदि वे सहयोग नहीं करते हैं तो जमानत निरस्त की जा सकेगी।

मिर्जापुर सीरीज को लेकर मिर्जापुर कोतवाली देहात में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोप है कि इस सीरीज से एक वर्ग विशेष की भावनाएं आहत हुई हैं और मिर्जापुर जिले की छवि को नुकसान पहुंचा है। सीरीज में मनगढंत तथ्य दिए गए हैं। सरकारी वकील का कहना था कि वेब सीरीज से लोगों की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं। जबकि याचीगण के अधिवक्ताओं का कहना था कि वेब सीरीज में दिखाए गए तथ्यों से कोई अपराध नहीं बनता है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वेब सीरीज मिर्जापुर के लेखकों व निर्देशकों को राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। सीरीज के लेखकों और निर्देशकों करन अंशुमान, गुरमीत सिंह, पुनीत कृष्णा और विनीत कृष्णा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर प्राथमिकी रद़द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका पर न्यायमूर्ति प्रींतकर दिवाकर और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने सुनवाई की। 

कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार से जवाब भी मांगा है। इससे पूर्व हाईकोर्ट ने 29 जनवरी को इसी मामले में सीरीज के निर्माता फरहान अख्तर और रीतेश सिधवानी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए यह स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना जारी रहेगी और याचीगण विवेचना में सहयोग करें। यदि वे सहयोग नहीं करते हैं तो जमानत निरस्त की जा सकेगी।

मिर्जापुर सीरीज को लेकर मिर्जापुर कोतवाली देहात में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोप है कि इस सीरीज से एक वर्ग विशेष की भावनाएं आहत हुई हैं और मिर्जापुर जिले की छवि को नुकसान पहुंचा है। सीरीज में मनगढंत तथ्य दिए गए हैं। सरकारी वकील का कहना था कि वेब सीरीज से लोगों की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं। जबकि याचीगण के अधिवक्ताओं का कहना था कि वेब सीरीज में दिखाए गए तथ्यों से कोई अपराध नहीं बनता है।

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arvind007

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