National

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों से बच्चों में गंभीर कुपोषण का पता लगाने के दिए निर्देश

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
– फोटो : @MinistryWCD

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों, केन्द्र शासित क्षेत्रों को पत्र लिख कर सभी मुख्य सचिवों को बच्चों में गंभीर कुपोषण (एसएएम) का पता लगाने को कहा है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पतालों और आयुष कन्द्रों में रेफर करने तथा इस पूरी प्रक्रिया को 31 जनवरी तक पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं।

मंत्रालय ने कहा, राज्य एसएएम बच्चों का पता लगाने के लिए एक अभियान शुरू करेगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पतालों और आयुष केन्द्रों को रेफर करेगा। राज्य यह काम जिला पोषण समिति द्वारा स्वीकृत कार्य योजना के अनुरूप करेंगे। यह पूरी कवायद 31 जनवरी 2021 तक पूरी की जानी है।

मंत्रालय ने दिशा-निर्देश साझा किए और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि पूरक पोषण कार्यक्रम लाभार्थियों तक तय समय-सीमा में पहुंचे। मंत्रालय ने सभी राज्यों को अनिवार्य रूप से ‘पोषण ट्रैकर’ को लागू करने के लिए कहा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों, केन्द्र शासित क्षेत्रों को पत्र लिख कर सभी मुख्य सचिवों को बच्चों में गंभीर कुपोषण (एसएएम) का पता लगाने को कहा है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पतालों और आयुष कन्द्रों में रेफर करने तथा इस पूरी प्रक्रिया को 31 जनवरी तक पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं।

मंत्रालय ने कहा, राज्य एसएएम बच्चों का पता लगाने के लिए एक अभियान शुरू करेगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पतालों और आयुष केन्द्रों को रेफर करेगा। राज्य यह काम जिला पोषण समिति द्वारा स्वीकृत कार्य योजना के अनुरूप करेंगे। यह पूरी कवायद 31 जनवरी 2021 तक पूरी की जानी है।

मंत्रालय ने दिशा-निर्देश साझा किए और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि पूरक पोषण कार्यक्रम लाभार्थियों तक तय समय-सीमा में पहुंचे। मंत्रालय ने सभी राज्यों को अनिवार्य रूप से ‘पोषण ट्रैकर’ को लागू करने के लिए कहा है।

Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: