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महाराष्ट्रः ग्राम पंचायत चुनाव में महाविकास आघाड़ी और भाजपा दोनों ने किया जीत का दावा

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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मिनी विधानसभा चुनाव कहे जाने वाले महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव में भाजपा और महाविकास आघाड़ी के तीनों दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। भाजपा का कहना है कि 6 हजार ग्राम पंचायतों में भाजपा का सरपंच चुना जाएगा जबकि शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी महाविकास आघाड़ी के नेताओं ने सबसे अधिक सीटों पर जीत का दावा किया है।

15 जनवरी को हुआ था मतदान
महाराष्ट्र में कुल 27,920 ग्राम पंचायतें हैं। राज्य चुनाव आयोग ने सूबे में 14,234 ग्राम पंचायतों में चुनाव की घोषणा की थी, जो कुल ग्राम पंचायत का 50 फीसदी है। इसमें से कई ग्राम पंचायत में निर्विरोध चुनाव हुए। वहीं, शेष बची 12,711 ग्राम पंचायतों में 15 जनवरी को मतदान कराया गया था। 

पाटिल का दावा-छह हजार पंचायतों मे भाजपा के सरपंच तय
सोमवार की सुबह शुरू हुई मतगणना देर रात तक जारी रही। भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। करीब 6 हजार ग्राम पंचायतों में भाजपा का सरपंच चुना जाएगा। वहीं, विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव में तीनों दलों के साझे उम्मीदवारों को भाजपा के प्रत्याशियों ने कड़ी टक्कर देते हुए सूबे में भाजपा नंबर वन पार्टी के रूप में सामने आई है। यह महाविकास आघाड़ी सरकार की नैतिक पराजय है। 

सूबे में ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव संपन्न होने के बाद सरपंच का चुनाव होगा। हालांकि सरपंच पहले सीधे जनता द्वारा चुना जाता था लेकिन इस बार सदस्यों द्वारा सरपंच का चुनाव किया जाएगा।

दिग्गज नेताओं के होम पिच में मिली हार
महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव में कई वरिष्ठ नेताओं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, राधाकृष्ण विखे पाटिल, राम शिंदे, आदि नेताओं के होम पिच में हार मिली। चंद्रकांत पाटिल ने अपने गांव खानापुर में मिली हार पर कहा कि खानापुर नहीं बल्कि हमारा गांव संपूर्ण महाराष्ट्र है और भाजपा प्रदेश में एक नंबर की पार्टी के रूप में सामने आई है। वहीं, केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे को अपने ही गांव भोकरदन में हार नसीब हुई। अहमद नगर में राधाकृष्ण विखे पाटिल के पैनल ने 23 ग्राम पंचायतों में जीत दर्ज की, लेकिन अपने गांव में ही मात खा गए। 

इसी तरह कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को कराड की ग्रामीण जनता ने नकार दिया है। कराड तालुका की सभी ग्राम पंचायतों में भाजपा ने जीत हासिल की है। कोंकण के सिंधुदुर्ग में भाजपा सांसद नारायण राणे ने 70 ग्राम पंचायतों में 43 पर जीत दर्ज कर शिवसेना को बड़ा झटका दिया है।

ग्राम पंचायत चुनाव में आप का भी खुला खाता
महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी का भी खाता खुला है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी के पांच उम्मीदवारों ने लातूर के दांपक्याल ग्राम पंचायत चुनाव में विजय हासिल की है। ग्राम पंचायत के 7 में से पांच सीटों पर जीत मिलने पर अरविंद केजरीवाल ने मराठी भाषा में ट्वीट कर विजेताओं का अभिनंदन किया है।

धुले में जेठानी जीती, नांदेड में बहू ने बाजी मारी
ग्राम पंचायत चुनाव में कहीं सास ने बहू को पराजित किया तो कहीं जेठानी ने देवरानी को पराजित कर जीत का डंका बजाया। धुले के शिरपुर तालुका स्थित दहिवड़ी गांव में आशा रविन्द्र पाटिल ने अपनी देवरानी वृषाली पाटिल को करीब 100 मतों से परास्त कर दिया। वहीं, नांदेड जिले के अर्धापुर तालुका के दाभड ग्राम पंचायत चुनाव में सास और बहू के बीच मुकाबला हुआ जिसमें बहू संगीता दाजवार ने ने अपनी सास रेखा दादजवार को चुनाव में पटखनी दे दी।

जलगांव में किन्नर ने जीता चुनाव
जलगांव के भादली बद्रुक गांव में एक किन्नर अंजली पाटिल उर्फ गुरु संजना जान ने भारी मतों से जीत हासिल कर सबको चकित कर दिया। अंजलि के नामांकन को खारिज कर दिया गया था। इसके खिलाफ अंजलि ने मुंबई हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने उनके नामांकन को वैध ठहराया, जिससे अंजलि ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। जीत के बाद अंजलि ने कहा कि किन्नरों के प्रति समाज की भावना बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो गांव की तस्वीर बदलने की कोशिश करूंगी।

रालेगड़सिद्धी में अन्ना हजारे का पैनल विजयी
प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे के गांव रालेगड़सिद्धी में हालांकि हर बार निर्विरोध सरपंच चुने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार एक गुट ने अलग पैनल बनाकर चुनाव लड़ा। ग्राम पंचायत की सभी 9 सीटों पर अन्ना के पैनल को जीत हासिल हुई।

एशिया की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में भाजपा का डंका
पंढरपुर के अकलूज गांव को एशिया की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कहा जाता है। इस ग्राम पंचायत में भाजपा के विजय सिंह मोहिते पाटिल के पैनल ने 17 में से 14 सीटों पर जीत हासिल की जबकि एक सीट पर निर्विरोध सदस्य चुना गया। विजय सिंह मोहिते पाटिल के पैनल ने ग्राम पंचायत का गढ़ तो जीत लिया, लेकिन पैनल के सबसे प्रभावी उम्मीदवार संग्रामसिंह मोहिते पाटिल को हार नसीब हुई।

खडसे के गांव में भाजपा की जीत
महाराष्ट्र में कभी भाजपा के कद्दावर नेता रहे और अब एनसीपी में शामिल हुए एकनाथ खडसे के कोथली ग्राम पंचायत में भाजपा ने जीत हासिल की। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के गोद लिए सातारा जिले के येनकुल ग्राम पंचायत में भी भाजपा को जीत हासिल हुई है। सांसद विनायक राउत के गोद लिए देवगड तालुका की तलवडे पंचायत में भी भाजपा का झंडा फहराया है।

मिनी विधानसभा चुनाव कहे जाने वाले महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव में भाजपा और महाविकास आघाड़ी के तीनों दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। भाजपा का कहना है कि 6 हजार ग्राम पंचायतों में भाजपा का सरपंच चुना जाएगा जबकि शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी महाविकास आघाड़ी के नेताओं ने सबसे अधिक सीटों पर जीत का दावा किया है।

15 जनवरी को हुआ था मतदान

महाराष्ट्र में कुल 27,920 ग्राम पंचायतें हैं। राज्य चुनाव आयोग ने सूबे में 14,234 ग्राम पंचायतों में चुनाव की घोषणा की थी, जो कुल ग्राम पंचायत का 50 फीसदी है। इसमें से कई ग्राम पंचायत में निर्विरोध चुनाव हुए। वहीं, शेष बची 12,711 ग्राम पंचायतों में 15 जनवरी को मतदान कराया गया था। 

पाटिल का दावा-छह हजार पंचायतों मे भाजपा के सरपंच तय

सोमवार की सुबह शुरू हुई मतगणना देर रात तक जारी रही। भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। करीब 6 हजार ग्राम पंचायतों में भाजपा का सरपंच चुना जाएगा। वहीं, विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव में तीनों दलों के साझे उम्मीदवारों को भाजपा के प्रत्याशियों ने कड़ी टक्कर देते हुए सूबे में भाजपा नंबर वन पार्टी के रूप में सामने आई है। यह महाविकास आघाड़ी सरकार की नैतिक पराजय है। 

सूबे में ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव संपन्न होने के बाद सरपंच का चुनाव होगा। हालांकि सरपंच पहले सीधे जनता द्वारा चुना जाता था लेकिन इस बार सदस्यों द्वारा सरपंच का चुनाव किया जाएगा।

दिग्गज नेताओं के होम पिच में मिली हार

महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव में कई वरिष्ठ नेताओं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, राधाकृष्ण विखे पाटिल, राम शिंदे, आदि नेताओं के होम पिच में हार मिली। चंद्रकांत पाटिल ने अपने गांव खानापुर में मिली हार पर कहा कि खानापुर नहीं बल्कि हमारा गांव संपूर्ण महाराष्ट्र है और भाजपा प्रदेश में एक नंबर की पार्टी के रूप में सामने आई है। वहीं, केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे को अपने ही गांव भोकरदन में हार नसीब हुई। अहमद नगर में राधाकृष्ण विखे पाटिल के पैनल ने 23 ग्राम पंचायतों में जीत दर्ज की, लेकिन अपने गांव में ही मात खा गए। 

इसी तरह कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को कराड की ग्रामीण जनता ने नकार दिया है। कराड तालुका की सभी ग्राम पंचायतों में भाजपा ने जीत हासिल की है। कोंकण के सिंधुदुर्ग में भाजपा सांसद नारायण राणे ने 70 ग्राम पंचायतों में 43 पर जीत दर्ज कर शिवसेना को बड़ा झटका दिया है।

ग्राम पंचायत चुनाव में आप का भी खुला खाता

महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी का भी खाता खुला है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी के पांच उम्मीदवारों ने लातूर के दांपक्याल ग्राम पंचायत चुनाव में विजय हासिल की है। ग्राम पंचायत के 7 में से पांच सीटों पर जीत मिलने पर अरविंद केजरीवाल ने मराठी भाषा में ट्वीट कर विजेताओं का अभिनंदन किया है।

धुले में जेठानी जीती, नांदेड में बहू ने बाजी मारी

ग्राम पंचायत चुनाव में कहीं सास ने बहू को पराजित किया तो कहीं जेठानी ने देवरानी को पराजित कर जीत का डंका बजाया। धुले के शिरपुर तालुका स्थित दहिवड़ी गांव में आशा रविन्द्र पाटिल ने अपनी देवरानी वृषाली पाटिल को करीब 100 मतों से परास्त कर दिया। वहीं, नांदेड जिले के अर्धापुर तालुका के दाभड ग्राम पंचायत चुनाव में सास और बहू के बीच मुकाबला हुआ जिसमें बहू संगीता दाजवार ने ने अपनी सास रेखा दादजवार को चुनाव में पटखनी दे दी।

जलगांव में किन्नर ने जीता चुनाव

जलगांव के भादली बद्रुक गांव में एक किन्नर अंजली पाटिल उर्फ गुरु संजना जान ने भारी मतों से जीत हासिल कर सबको चकित कर दिया। अंजलि के नामांकन को खारिज कर दिया गया था। इसके खिलाफ अंजलि ने मुंबई हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने उनके नामांकन को वैध ठहराया, जिससे अंजलि ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। जीत के बाद अंजलि ने कहा कि किन्नरों के प्रति समाज की भावना बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो गांव की तस्वीर बदलने की कोशिश करूंगी।

रालेगड़सिद्धी में अन्ना हजारे का पैनल विजयी

प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे के गांव रालेगड़सिद्धी में हालांकि हर बार निर्विरोध सरपंच चुने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार एक गुट ने अलग पैनल बनाकर चुनाव लड़ा। ग्राम पंचायत की सभी 9 सीटों पर अन्ना के पैनल को जीत हासिल हुई।

एशिया की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में भाजपा का डंका

पंढरपुर के अकलूज गांव को एशिया की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कहा जाता है। इस ग्राम पंचायत में भाजपा के विजय सिंह मोहिते पाटिल के पैनल ने 17 में से 14 सीटों पर जीत हासिल की जबकि एक सीट पर निर्विरोध सदस्य चुना गया। विजय सिंह मोहिते पाटिल के पैनल ने ग्राम पंचायत का गढ़ तो जीत लिया, लेकिन पैनल के सबसे प्रभावी उम्मीदवार संग्रामसिंह मोहिते पाटिल को हार नसीब हुई।

खडसे के गांव में भाजपा की जीत

महाराष्ट्र में कभी भाजपा के कद्दावर नेता रहे और अब एनसीपी में शामिल हुए एकनाथ खडसे के कोथली ग्राम पंचायत में भाजपा ने जीत हासिल की। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के गोद लिए सातारा जिले के येनकुल ग्राम पंचायत में भी भाजपा को जीत हासिल हुई है। सांसद विनायक राउत के गोद लिए देवगड तालुका की तलवडे पंचायत में भी भाजपा का झंडा फहराया है।


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arvind007

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