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महाटीकाकरण का आगाजः पहले दिन करीब 2 लाख लाख टीके लगे, लक्ष्य से 36 फीसद कम

मुंबई में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में एक स्वास्थ्य कर्मी को कोविशील्ड वैक्सीन का पहला टीका लगाया गया।
– फोटो : PTI

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देश में शनिवार को विश्व के सबसे बड़े कोरोना टीकाकरण अभियान का आगाज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शुभारंभ किया। पहले दिन अग्रिम पंक्ति के करीब 2 लाख  स्वास्थ्य और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई। हालांकि पहले दिन 3.15 लाख लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन रात 11  बजे तक मिली सूचनाओं के मुताबिक 2 लाख वर्करों को ही टीके लग सके। यानि पहले दिन के लक्ष्य के मुकाबले करीब 64 फीसदी लोगों का टीकाकरण हो सका। इसके साथ ही बीते 10 महीनों में लाखों जिंदगियों को लील लेने वाली इस महामारी के खात्मे की उम्मीद जाग उठी है।

एक करोड़ संक्रमित, डेढ़ लाख मौतें हो चुकी
भारत में करीब एक करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 1.5 लाख लोगों की मौत के बाद देश ने ‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ टीके के साथ महामारी को मात देने के लिए पहला कदम उठाया है और देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में टीकाकरण के पहले दिन शाम साढ़े पांच बजे तक 3,351 केंद्रों पर 1,65,714 स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई। वहीं समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रात करीब आठ बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार देशभर में पहले दिन 1,91,181 लोगों को पहली खुराक दी गई। रात 11 बजे तक देशभर से मिली रिपोर्ट के अनुसार दिनभर में करीब 2 लाख लोगों को टीके लगाए गए। 
 

इन्होंने भी लगवाए टीके
स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ एम्स दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल, भाजपा सांसद महेश शर्मा और पश्चिम बंगाल के मंत्री निर्मल माजी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें टीके की पहली खुराक दी गई। पॉल कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए चिकित्सा उपकरण एवं प्रबंधन को लेकर गठित अधिकार समूह के प्रमुख भी हैं।

अभियान की शुरुआत से पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री कहा कि टीके की दो खुराक लेनी बहुत जरूरी हैं और इन दोनों के बीच लगभग एक महीने का अंतर होना चाहिए। उन्होंने टीका लेने के बाद भी लोगों से कोरोना संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया और ‘‘दवाई भी, कड़ाई भी’’ का मंत्र दिया। प्रधानमंत्री ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के ‘मेड इन इंडिया’ टीकों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने के बाद ही इसके उपयोग की अनुमति दी गई है। मोदी ने कहा कि टीका देश में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत सुनिश्चित करेगा।

जब भावुक हो गए प्रधानमंत्री
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री उस वक्त भावुक हो गए जब उन्होंने कोरोना संक्रमण काल के दौरान लोगों को हुई तकलीफों, अपने प्रियजनों को खोने और यहां तक कि उनके अंतिम संस्कार तक में शामिल न हो पाने के दर्द का जिक्र किया। रुंधे गले से प्रधानमंत्री ने महामारी के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों और संक्रमण के जोखिम की आशंका वाले मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों की कुर्बानियों को याद किया जिनमें से सैकड़ों की संक्रमण की वजह से मौत हो गई।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत पर अस्पताल के एक सफाईकर्मी मनीष कुमार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की उपस्थिति में कोविड-19 का पहला टीका लगाया गया। इसके साथ ही मनीष देश की राजधानी में टीका लगवाने वाले पहले शख्स बन गए।

हर्षवर्धन बोले-दोनों टीके संजीवनी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि दोनों टीके- भारत बायोटेक के स्वदेशी कोवैक्सीन और ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड, इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक ‘संजीवनी’ है।

टीका अभियान की शुरुआत के बाद हर्षवर्धन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ये टीके महामारी के खिलाफ लड़ाई में हमारी ‘संजीवनी’ हैं। हमने पोलियो के खिलाफ लड़ाई जीती है और अब हम कोविड के खिलाफ युद्ध जीतने के निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं। मैं इस अवसर पर सभी फ्रंटलाइन कर्मियों को बधाई देता हूं।’

पूरे देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत पर उत्सव जैसा माहौल रहा। कई अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। कई स्थानों पर टीकाकरण से पहले प्रार्थना की गई।

बिपाशा सेठ ने कहा-मानवता के लिए महान दिन
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित एक निजी अस्पताल की डॉक्टर बिपाशा सेठ ने कहा, ‘‘ यह मानवता के लिए महान दिन है, सबसे पहले टीके की खुराक मिलने से विशेष तौर पर गर्वित महसूस कर रही हूं।’’  बता दें कि उन्हें पश्चिम बंगाल में सबसे पहले खुराक दी गई। पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री फरहाद हकीम ने कहा, ‘‘आज हमारे लिए एक बड़ा दिन है। ऐसा लगता है कि हम धीरे-धीरे महामारी से बाहर आ रहे हैं, जिसने इतने सारे लोगों की जान ली है। हम पिछले एक साल से संकट की स्थिति में थे। आज से, हम फिर से अपना नया जीवन शुरू करेंगे।’’

गुजरात के 161 केन्द्रों में टीकाकरण
गुजरात के 161 केन्द्रों में टीकाकरण शुरू हुआ। सबसे पहले राजकोट के एक मेडिकल वाहन चालक तथा कुछ डॉक्टरों को टीके की खुराक दी गई। भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर केतन देसाई अहमदाबाद में सिविल अस्पताल में टीका लगवाने वाले दूसरे व्यक्ति बने।

मुंबई में जेजे अस्पताल के डीन डॉक्टर रंजीत मानकेश्वर तथा जालना सिविल अस्पताल की डॉक्टर पद्मजा सराफ सबसे पहले टीका लगवाने वालों में शामिल रहे।

गोवा में जीएमसीएच के कर्मचारी रंगनाथ भोज्जे को शनिवार को सबसे पहले कोरोना वायरस का टीका लगाया गया। केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर तथा गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत उस समय जीएमसीएच अस्पताल में मौजूद थे, जब भोज्जे को टीका लगाया गया।

ग्वालियर में हनुमान मंदिर में पूजा के बाद शुरुआत
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सबसे पहले एक स्वच्छताकर्मी को टीका लगाकर प्रदेश में इसकी शुरूआत की गयी। प्रदेश में टीकाकरण केन्द्र पर टीका लगवाने वालों का जहां फूलों से स्वागत किया गया, वहीं ग्वालियर में डॉक्टरों ने हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर इसकी शुरुआत की।

रायपुर में तुलसा टांडी को पहला टीका
छत्तीसगढ़ में 51 वर्षीय सफाईकर्मी तुलसा टांडी राज्य में कोविड-19 से बचाव का टीका लगवाने वाले पहले व्यक्ति बने। राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक प्रियंका शुक्ला ने कहा, ‘‘ तुलसा टांडी रायपुर स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर स्मारक अस्पताल में वर्ष 2008 से सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत हैं और वह पहले व्यक्ति बने जिन्हें राज्य में कोविड-19 टीके की खुराक दी गई है।’’

तेलंगाना में हैदराबाद स्थित अस्पताल में महिला सफाईकर्मी कोविड-19 से बचाव का टीका लगवाने वाली पहली व्यक्ति बनीं, उन्हें तालियों की गड़गड़ाहट के बीच टीका लगाया गया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी और तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ई राजेंदर ने यहां गांधी अस्पताल में औपचारिक रूप से टीकाकरण की शुरुआत की।

 

तमिलनाडु में डॉक्टर को पहला वैक्सीन
तमिलनाडु में भी 166 केंद्रों पर टीकाकरण हुआ और यहां के सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर राज्य में कोविड-19 का टीका प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बने। 

केरल में 33 केंद्रों पर शुरुआत
केरल में भी 133 केंद्रों पर टीकाकरण शुरू हुआ और टीका प्राप्त करने वालों में प्रमुख सरकारी डॉक्टर और अग्रिम मोर्चे पर कार्य करने वाले कर्मी रहे।

कर्नाटक में नागरत्न पहले व्यक्ति 
कर्नाटक में भी 243 स्थानों पर टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई जिनमें से 10 केंद्र बेंगलुरु में हैं। बेंगलुरु स्थित विक्टोरिया अस्पताल में कार्यरत वार्ड अटेंडेंट 28 वर्षीय नागरत्न राज्य में कोविड-19 से बचाव का टीका लगाने वाले पहले व्यक्ति बने। इस मौके पर मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर बेंगलोर मेडिकल कॉलेज में मौजूद रहे।

देश में शनिवार को विश्व के सबसे बड़े कोरोना टीकाकरण अभियान का आगाज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शुभारंभ किया। पहले दिन अग्रिम पंक्ति के करीब 2 लाख  स्वास्थ्य और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई। हालांकि पहले दिन 3.15 लाख लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन रात 11  बजे तक मिली सूचनाओं के मुताबिक 2 लाख वर्करों को ही टीके लग सके। यानि पहले दिन के लक्ष्य के मुकाबले करीब 64 फीसदी लोगों का टीकाकरण हो सका। इसके साथ ही बीते 10 महीनों में लाखों जिंदगियों को लील लेने वाली इस महामारी के खात्मे की उम्मीद जाग उठी है।

एक करोड़ संक्रमित, डेढ़ लाख मौतें हो चुकी

भारत में करीब एक करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 1.5 लाख लोगों की मौत के बाद देश ने ‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ टीके के साथ महामारी को मात देने के लिए पहला कदम उठाया है और देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में टीकाकरण के पहले दिन शाम साढ़े पांच बजे तक 3,351 केंद्रों पर 1,65,714 स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई। वहीं समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रात करीब आठ बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार देशभर में पहले दिन 1,91,181 लोगों को पहली खुराक दी गई। रात 11 बजे तक देशभर से मिली रिपोर्ट के अनुसार दिनभर में करीब 2 लाख लोगों को टीके लगाए गए। 

 

इन्होंने भी लगवाए टीके

स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ एम्स दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल, भाजपा सांसद महेश शर्मा और पश्चिम बंगाल के मंत्री निर्मल माजी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें टीके की पहली खुराक दी गई। पॉल कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए चिकित्सा उपकरण एवं प्रबंधन को लेकर गठित अधिकार समूह के प्रमुख भी हैं।


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पीएम ने दिया ‘दवाई भी और कड़ाई भी‘ का मंत्र

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