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मलेशिया में जबरन श्रम के चलते पाम तेल के जहाजों पर लदान प्रतिबंधित करेगा अमेरिका

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अमेरिका ने कहा है कि वह दुनिया में पाम तेल के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक मलेशिया के साथ तेल के जहाजों पर लदान प्रतिबंधित करेगा। अमेरिका ने यह फैसला मलेशिया में आपूर्ति श्रंखला से जुड़े प्लांटेशन में जबरन श्रम के संकेत मिलने के बाद लिया है। बता दें कि इससे पहले भारत ने भी कश्मीर मुद्दे पर गलत बयानी के चलते मलेशिया से पाम तेल का आयात रोका था।

मलेशियाई स्वामित्व वाले उपक्रमों की जांच के बाद जारी किया आदेश
अमेरिकी ट्रेड से जुड़े कस्टम व सीमा सुरक्षा कार्यालय के कार्यकारी निदेशकों में से एक एना हिनोजोसा ने बताया कि मलेशियाई स्वामित्व वाले सिमी डर्बी ब्लांटेशन बेरहाद और उसके स्थानीय सहायक संयुक्त उपक्रम की जांच के बाद यह आदेश जारी किया गया है।

हिनोजोसा ने कहा कि जांच के दौरान उन कामगारों के खिलाफ शारीरिक व यौन हिंसा के संकेत मिले जो यहां काम करते हैं। इनमें कंपनियों द्वारा आंदोलन पर रोक, कामगारों को धमकी देना, कर्जजाल में फंसाना और उनकी मजदूरी रोकना शामिल है। उन्होंने बताया कि यह जबरन श्रम प्रणाली मलेशिया के व्यापक क्षेत्रों में फैली हुई है। हिनोजोसा ने कहा, आयातकों को पता होना चाहिए कि अमेरिका में मजबूर श्रम द्वारा बनाए गए सामानों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

अमेरिका ने कहा है कि वह दुनिया में पाम तेल के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक मलेशिया के साथ तेल के जहाजों पर लदान प्रतिबंधित करेगा। अमेरिका ने यह फैसला मलेशिया में आपूर्ति श्रंखला से जुड़े प्लांटेशन में जबरन श्रम के संकेत मिलने के बाद लिया है। बता दें कि इससे पहले भारत ने भी कश्मीर मुद्दे पर गलत बयानी के चलते मलेशिया से पाम तेल का आयात रोका था।

मलेशियाई स्वामित्व वाले उपक्रमों की जांच के बाद जारी किया आदेश

अमेरिकी ट्रेड से जुड़े कस्टम व सीमा सुरक्षा कार्यालय के कार्यकारी निदेशकों में से एक एना हिनोजोसा ने बताया कि मलेशियाई स्वामित्व वाले सिमी डर्बी ब्लांटेशन बेरहाद और उसके स्थानीय सहायक संयुक्त उपक्रम की जांच के बाद यह आदेश जारी किया गया है।

हिनोजोसा ने कहा कि जांच के दौरान उन कामगारों के खिलाफ शारीरिक व यौन हिंसा के संकेत मिले जो यहां काम करते हैं। इनमें कंपनियों द्वारा आंदोलन पर रोक, कामगारों को धमकी देना, कर्जजाल में फंसाना और उनकी मजदूरी रोकना शामिल है। उन्होंने बताया कि यह जबरन श्रम प्रणाली मलेशिया के व्यापक क्षेत्रों में फैली हुई है। हिनोजोसा ने कहा, आयातकों को पता होना चाहिए कि अमेरिका में मजबूर श्रम द्वारा बनाए गए सामानों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।


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