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भारत और नेपाल द्विपक्षीय सहयोग में मजबूती लाने पर हुए सहमत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 16 Jan 2021 04:25 AM IST

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भारत और नेपाल व्यापार, ऊर्जा और संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती देने पर राजी हुए। दोनों देशों के संयुक्त आयोग की शुक्रवार को हुई छठी बैठक में भारत ने पड़ोसी देश को कोरोना महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन देने समेत अन्य तरह ही मदद का आश्वासन दिया।

बैठक में शामिल होने आए नेपाली विदेशमंत्री प्रदीप कुमार ग्याली ने विदेशमंत्री एस जयशंकर के साथ भी बैठक की। पिछले साल हुए सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के बीच पहली बार उच्चस्तरीय बैठक हुई। 
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इन बैठकों में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने वाली योजनाओं, अर्थव्यवस्था, कारोबार, ऊर्जा, तेल, गैस, जन संसाधन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अलावा राजनीतिक और सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा हुई। आयोग की बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ विदेश सचिव व कई अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

सीमा विवाद पर नहीं हुई बात
आयोग की बैठक में सीमा विवाद पर बातचीत नहीं हुई। इस दौरान सीमा पर बेहतर प्रबंधन को लेकर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इस दौरान ग्याली ने कोरोना से निपटने के लिए कोविशील्ड और कोवाक्सिन के निर्माण के लिए भारत को बधाई दी। 

रेल संपर्क परियोजनाओं पर चर्चा
बैठक में मोतिहारी-अमलेखगंज पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन का चितवन तक विस्तार करने और सिलीगुड़ी से झापा को जोड़ने वाली एक नई पाइपलाइन की स्थापना पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने जयनगर से कुर्था तक जनकपुर के माध्यम से पहली यात्री रेलवे लाइन पर काम पूरा करने का स्वागत किया। रक्सौल-काठमांडू ब्रॉड गेज रेलवे लाइन सहित अन्य सीमा पार रेल संपर्क परियोजनाओं पर भी बात की गई। 

भारत और नेपाल व्यापार, ऊर्जा और संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती देने पर राजी हुए। दोनों देशों के संयुक्त आयोग की शुक्रवार को हुई छठी बैठक में भारत ने पड़ोसी देश को कोरोना महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन देने समेत अन्य तरह ही मदद का आश्वासन दिया।

बैठक में शामिल होने आए नेपाली विदेशमंत्री प्रदीप कुमार ग्याली ने विदेशमंत्री एस जयशंकर के साथ भी बैठक की। पिछले साल हुए सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के बीच पहली बार उच्चस्तरीय बैठक हुई। 

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इन बैठकों में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने वाली योजनाओं, अर्थव्यवस्था, कारोबार, ऊर्जा, तेल, गैस, जन संसाधन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अलावा राजनीतिक और सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा हुई। आयोग की बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ विदेश सचिव व कई अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

सीमा विवाद पर नहीं हुई बात

आयोग की बैठक में सीमा विवाद पर बातचीत नहीं हुई। इस दौरान सीमा पर बेहतर प्रबंधन को लेकर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इस दौरान ग्याली ने कोरोना से निपटने के लिए कोविशील्ड और कोवाक्सिन के निर्माण के लिए भारत को बधाई दी। 

रेल संपर्क परियोजनाओं पर चर्चा

बैठक में मोतिहारी-अमलेखगंज पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन का चितवन तक विस्तार करने और सिलीगुड़ी से झापा को जोड़ने वाली एक नई पाइपलाइन की स्थापना पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने जयनगर से कुर्था तक जनकपुर के माध्यम से पहली यात्री रेलवे लाइन पर काम पूरा करने का स्वागत किया। रक्सौल-काठमांडू ब्रॉड गेज रेलवे लाइन सहित अन्य सीमा पार रेल संपर्क परियोजनाओं पर भी बात की गई। 


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arvind007

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