Breaking News

भारत एकमात्र देश जहां कोरोना की चार वैक्सीन बनकर तैयार : प्रकाश जावड़ेकर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 02 Jan 2021 04:27 PM IST

प्रकाश जावड़ेकर(फाइल फोटो)
– फोटो : ANI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कोविशील्ड को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिलने के बाद खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि भारत शायद एकमात्र ऐसा देश है जहां कोरोना की चार वैक्सीन बनकर तैयार है। इन चार वैक्सिनों में कोविशील्ड, कोवैक्सीन, फाइजर और जायडस कैडिला शामिल है। 

वहीं इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी शनिवार को बड़ा एलान किया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश में हर भारतीय को मुफ्त लगाई जाएगी। इसके लिए किसी से भी किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल प्रथम चरण में तीन करोड़ लोगों को ही कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। इनमें स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल होंगे। 
 
वैक्सीन के पूर्वाभ्यास का दूसरा चरण शुरू
बता दें कि देशभर में शनिवार से कोरोना वायरस वैक्सीन के पूर्वाभ्यास का दूसरा चरण शुरू हुआ है। वैक्सीन के पूर्वाभ्यास के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में ड्राई रन के लिए केंद्र बनाए गए हैं। पू्र्वाभ्यास में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी शामिल हो रहे हैं। पू्र्वाभ्यास का पहला चरण 28-29 दिसंबर 2020 को शुरू हुआ था। पहला चरण असम, आंध्र प्रदेश, गुजरात, पंजाब में शुरू हुआ था।

जानिए कोविशील्ड की खूबियां
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित की गई इस वैक्सीन का उत्पादन भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की इस वैक्सीन को ‘वैक्सीन फॉर द वर्ल्ड’ भी कहा जा रहा है, क्योंकि यह सस्ती है और इस वैक्सीन की देखरेख, फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन की तुलना में आसान है।   

अन्य वैक्सीन जैसे फाइजर की वैक्सीन को -70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर फ्रीज करके रखना है जिसके लिए फ्रीजर की व्यवस्था करना भारत के लिए बड़ी चुनौती होगी। वहीं मॉडर्ना की वैक्सीन के लिए भी डीप फ्रीजर की आवश्यकता होगी। लेकिन ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को सामान्य फ्रीज में रखा जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कोविशील्ड को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिलने के बाद खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि भारत शायद एकमात्र ऐसा देश है जहां कोरोना की चार वैक्सीन बनकर तैयार है। इन चार वैक्सिनों में कोविशील्ड, कोवैक्सीन, फाइजर और जायडस कैडिला शामिल है। 

वहीं इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी शनिवार को बड़ा एलान किया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश में हर भारतीय को मुफ्त लगाई जाएगी। इसके लिए किसी से भी किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल प्रथम चरण में तीन करोड़ लोगों को ही कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। इनमें स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल होंगे। 

 

वैक्सीन के पूर्वाभ्यास का दूसरा चरण शुरू

बता दें कि देशभर में शनिवार से कोरोना वायरस वैक्सीन के पूर्वाभ्यास का दूसरा चरण शुरू हुआ है। वैक्सीन के पूर्वाभ्यास के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में ड्राई रन के लिए केंद्र बनाए गए हैं। पू्र्वाभ्यास में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी शामिल हो रहे हैं। पू्र्वाभ्यास का पहला चरण 28-29 दिसंबर 2020 को शुरू हुआ था। पहला चरण असम, आंध्र प्रदेश, गुजरात, पंजाब में शुरू हुआ था।


जानिए कोविशील्ड की खूबियां

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित की गई इस वैक्सीन का उत्पादन भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की इस वैक्सीन को ‘वैक्सीन फॉर द वर्ल्ड’ भी कहा जा रहा है, क्योंकि यह सस्ती है और इस वैक्सीन की देखरेख, फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन की तुलना में आसान है।   

अन्य वैक्सीन जैसे फाइजर की वैक्सीन को -70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर फ्रीज करके रखना है जिसके लिए फ्रीजर की व्यवस्था करना भारत के लिए बड़ी चुनौती होगी। वहीं मॉडर्ना की वैक्सीन के लिए भी डीप फ्रीजर की आवश्यकता होगी। लेकिन ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को सामान्य फ्रीज में रखा जा सकता है।




Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: