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ब्रिटेन में लगा पाकिस्तान पर जुर्माना, उच्चायोग के खातों से 450 करोड़ रुपये निकालने का आदेश

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Updated Sat, 02 Jan 2021 08:59 AM IST

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ब्रिटेन के उच्च न्यायालय ने लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के खातों से 450 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल करने का आदेश दिया है। यह जुर्माना राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने विदेशी संपत्ति वसूली कंपनी ब्रॉडशीट एलएलसी को भुगतान नहीं किए जाने के एवज में लगाया था। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।

पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, अदालत के आदेश के बाद यूनाइटेड बैंक लिमिटेड यूके ने 29 दिसंबर को पाकिस्तान उच्चायोग को एक पत्र लिखा। पत्र में यह अनुरोध किया गया कि वह 2 करोड़ 87 लाख 6 हजार 533 डॉलर के भुगतान के उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुगम बनाने के लिए डेबिट खाता विवरण के साथ लिखित भुगतान निर्देश प्रदान करे।

बैंक ने उच्चायोग को यह भी बताया कि 30 दिसंबर तक लिखित भुगतान के निर्देश न मिलने की स्थिति में अदालत के आदेश में निर्धारित भुगतान राशि को वसूल करने के लिए उच्चायोग के खातों से एकतरफा निकासी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।

खबर में सूत्रों का हवाला देते हुए कहा गया कि एनएबी की लगभग 450 करोड़ रुपये (26,153,783.34 डॉलर) की राशि यूबीएल, लंदन के एक खाते में पड़ी थी, जो ब्रिटेन में पाकिस्तान उच्चायोग के नाम से संचालित है।

ब्रिटिश उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक, जुर्माना भुगतान की समय सीमा 31 दिसंबर को समाप्त हो गई। हालांकि, पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक बैंक खातों से धन राशि नहीं काटी गई है।  

ब्रिटेन के उच्च न्यायालय ने लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के खातों से 450 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल करने का आदेश दिया है। यह जुर्माना राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने विदेशी संपत्ति वसूली कंपनी ब्रॉडशीट एलएलसी को भुगतान नहीं किए जाने के एवज में लगाया था। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।

पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, अदालत के आदेश के बाद यूनाइटेड बैंक लिमिटेड यूके ने 29 दिसंबर को पाकिस्तान उच्चायोग को एक पत्र लिखा। पत्र में यह अनुरोध किया गया कि वह 2 करोड़ 87 लाख 6 हजार 533 डॉलर के भुगतान के उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुगम बनाने के लिए डेबिट खाता विवरण के साथ लिखित भुगतान निर्देश प्रदान करे।

बैंक ने उच्चायोग को यह भी बताया कि 30 दिसंबर तक लिखित भुगतान के निर्देश न मिलने की स्थिति में अदालत के आदेश में निर्धारित भुगतान राशि को वसूल करने के लिए उच्चायोग के खातों से एकतरफा निकासी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।

खबर में सूत्रों का हवाला देते हुए कहा गया कि एनएबी की लगभग 450 करोड़ रुपये (26,153,783.34 डॉलर) की राशि यूबीएल, लंदन के एक खाते में पड़ी थी, जो ब्रिटेन में पाकिस्तान उच्चायोग के नाम से संचालित है।

ब्रिटिश उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक, जुर्माना भुगतान की समय सीमा 31 दिसंबर को समाप्त हो गई। हालांकि, पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक बैंक खातों से धन राशि नहीं काटी गई है।  


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