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बर्ड फ्लू को लेकर चंडीगढ़ में अलर्ट, पक्षियों पर रहेगी नजर, 2014 में महामारी ने शहर में दी थी दस्तक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 04 Jan 2021 10:46 PM IST

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देश में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद चंडीगढ़ के वन और वन्यजीव विभाग को अलर्ट जारी कर दिया गया है। पर्यावरण विभाग ने सोमवार को संबंधित विभागों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। फील्ड के कर्मचारियों से कहा गया है कि यदि वन क्षेत्र में किसी पक्षी की मौत होती है तो उसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें। पशुपालन विभाग को भी अपने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 

पशुपालन विभाग मुर्गी पालकों पर भी नजर रख रहा है। अधिकारियों के अनुसार अगर कोई मृत पक्षी पाया जाता है तो प्रशासन शहर में नमूने एकत्रित करेगा। उपवन संरक्षक डॉ. अब्दुल क्यूम ने बताया कि फिलहाल किसी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। हालांकि कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। 

अगर किसी पक्षी में लक्षण पाए जाते हैं या कोई पक्षी संदेह अवस्था में मृत पाया जाता है तो नमूना लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार मृत पक्षी की सूचना पर उसके नमूने, जांच के लिए जालंधर के अलावा भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लेबोट्ररी में भेजे जाएंगे। इसके अलावा प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

वर्ष 2014 में बर्ड फ्लू ने दी थी दस्तक
शहर में वर्ष 2014 में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। धीरे धीरे सुखना लेक में बतखों की मौत हो रही थी। उसके बाद नमूने पहले जालंधर भेजे गए और फिर भोपाल, जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने सुखना झील की घेराबंदी कर एहतियातन लोगों के प्रवेश, बोटिंग और पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। 

इलाके में मास्क लगाए पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था और एहतियात के तौर पर लेक के सभी बतखों को मार दिया गया था। गौरतलब है कि सुखना लेक पर हर साल प्रवासी पक्षी आते हैं। सुखना में प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला जारी है। इसलिए एहतियात के तौर पर वन विभाग ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। 

देश में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद चंडीगढ़ के वन और वन्यजीव विभाग को अलर्ट जारी कर दिया गया है। पर्यावरण विभाग ने सोमवार को संबंधित विभागों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। फील्ड के कर्मचारियों से कहा गया है कि यदि वन क्षेत्र में किसी पक्षी की मौत होती है तो उसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें। पशुपालन विभाग को भी अपने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 

पशुपालन विभाग मुर्गी पालकों पर भी नजर रख रहा है। अधिकारियों के अनुसार अगर कोई मृत पक्षी पाया जाता है तो प्रशासन शहर में नमूने एकत्रित करेगा। उपवन संरक्षक डॉ. अब्दुल क्यूम ने बताया कि फिलहाल किसी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। हालांकि कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। 

अगर किसी पक्षी में लक्षण पाए जाते हैं या कोई पक्षी संदेह अवस्था में मृत पाया जाता है तो नमूना लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार मृत पक्षी की सूचना पर उसके नमूने, जांच के लिए जालंधर के अलावा भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लेबोट्ररी में भेजे जाएंगे। इसके अलावा प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

वर्ष 2014 में बर्ड फ्लू ने दी थी दस्तक

शहर में वर्ष 2014 में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। धीरे धीरे सुखना लेक में बतखों की मौत हो रही थी। उसके बाद नमूने पहले जालंधर भेजे गए और फिर भोपाल, जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने सुखना झील की घेराबंदी कर एहतियातन लोगों के प्रवेश, बोटिंग और पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। 

इलाके में मास्क लगाए पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था और एहतियात के तौर पर लेक के सभी बतखों को मार दिया गया था। गौरतलब है कि सुखना लेक पर हर साल प्रवासी पक्षी आते हैं। सुखना में प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला जारी है। इसलिए एहतियात के तौर पर वन विभाग ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। 


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