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बर्ड फ्लू का खौफ : मरीं अंडा देने वाली मुर्गियां, बाजार ब्रॉयलर का पिटा, 50 फीसदी कीमत गिरी

यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 08 Jan 2021 02:19 AM IST

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला

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हरियाणा समेत पड़ोसी राज्यों में बर्ड फ्लू का खौफ पैदा हो गया है। हालांकि, प्रदेश में अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पंचकूला जिले के बरवाला में मरी तो अंडा देने वाली मुर्गियां (लेयर), लेकिन बाजार खाने वाली मुर्गियों (ब्रॉयलर) का पिट गया। हरियाणा के पोल्ट्री फार्म से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में ब्रॉयलर की आपूर्ति होती है।

बर्ड फ्लू की दहशत फैलने से प्रदेश के ब्रॉयलर की मांग 30 फीसदी गिर गई है, जबकि रेट में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। इससे पहले पोल्ट्री फार्म संचालकों को कोरोना की वजह से आर्थिक मार झेलनी पड़ी और अब बर्ड फ्लू ने बड़ी वित्तीय चपत लगाई है।

मुर्गी उत्पादन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जो चूजा 35 से 40 रुपये बिक रहा था, अचानक उसकी कीमत गिरकर 12 से 15 रुपये हो गई है। पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश खत्री ने बताया कि एक दिन में करोड़ों रुपये का नुकसान पोल्ट्री उद्योग को हो रहा है। बरवाला में अंडा देने वाली मुर्गियां मरी हैं, ये एक साल बाद खाने के लिए काटी जाती हैं, जबकि असर ब्रॉयलर की खपत पर पड़ गया। ब्रॉयलर तो 40 दिन पूरा होने के बाद वैसे ही खत्म हो जाता है।

रमेश खत्री का कहना है कि बर्ड फ्लू के बजाय कड़ाके की ठंड भी मुर्गियां मरने का कारण है। हो सकता है किसी बीमारी के कारण भी मुर्गियां मरी हों, लेकिन पोल्ट्री फार्म की अपनी प्रबंधन प्रणाली ठीक न होने से भी हर साल भारी सर्दी व गर्मी में बड़ी संख्या में मुर्गियां मरती रही हैं।

ठंड में फार्म के अंदर हीट न होने से सर्दी लगने पर भी मुर्गियां मर जाती हैं। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू फार्म के कर्मचारियों को तो हो सकता है लेकिन ब्रॉयलर खाने वालों को नहीं, चूंकि अच्छी तरह धोने व तेज आंच पर पकाने से चिकन में विषाणु रहने का सवाल ही नहीं उठता।

मुर्गियों की सुरक्षा में ला रहे सुधार 
वेंकीज कंपनी के अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि पोल्ट्री संचालकों व उत्पादकों से संपर्क स्थापित कर मुर्गियों की सुरक्षा में सुधार ला रहे हैं। पोल्ट्री फार्म में बाहर के वाहन व व्यक्ति आने पर रोक लगाई गई है। बर्ड फ्लू कौओं और बत्तखों में ज्यादा हो सकता है लेकिन मुर्गियों में इसकी संभावना कम रहती है। 95 प्रतिशत पोल्ट्री फार्म अब संगठित हैं।

हरियाणा समेत पड़ोसी राज्यों में बर्ड फ्लू का खौफ पैदा हो गया है। हालांकि, प्रदेश में अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पंचकूला जिले के बरवाला में मरी तो अंडा देने वाली मुर्गियां (लेयर), लेकिन बाजार खाने वाली मुर्गियों (ब्रॉयलर) का पिट गया। हरियाणा के पोल्ट्री फार्म से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में ब्रॉयलर की आपूर्ति होती है।

बर्ड फ्लू की दहशत फैलने से प्रदेश के ब्रॉयलर की मांग 30 फीसदी गिर गई है, जबकि रेट में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। इससे पहले पोल्ट्री फार्म संचालकों को कोरोना की वजह से आर्थिक मार झेलनी पड़ी और अब बर्ड फ्लू ने बड़ी वित्तीय चपत लगाई है।

मुर्गी उत्पादन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जो चूजा 35 से 40 रुपये बिक रहा था, अचानक उसकी कीमत गिरकर 12 से 15 रुपये हो गई है। पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश खत्री ने बताया कि एक दिन में करोड़ों रुपये का नुकसान पोल्ट्री उद्योग को हो रहा है। बरवाला में अंडा देने वाली मुर्गियां मरी हैं, ये एक साल बाद खाने के लिए काटी जाती हैं, जबकि असर ब्रॉयलर की खपत पर पड़ गया। ब्रॉयलर तो 40 दिन पूरा होने के बाद वैसे ही खत्म हो जाता है।


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कड़ाके की ठंड भी मुर्गियां मरने का कारण : खत्री


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