Uttar Pradesh

बदायूं कांड: तीनों आरोपी रिमांड पर, कई अनसुलझे सवालों के जवाब जानने की कोशिश में जुटी पुलिस

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उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उघैती कांड के आरोपी सलाखों के पीछे तो पहुंच गए लेकिन अभी काफी सवालों के जवाब बाकी हैं। इस कांड मे शुरू से लेकर अब तक कई ऐसे सवाल है, जिनके जवाब अभी तक पुलिस को भी नहीं मिल पाए हैं। 

इन सवालों के जवाब हासिल करने के लिए पुलिस तीनों आरोपियों को आज रिमांड पर लिया है। उघैती थाना इलाके की एक गांव निवासी महिला रविवार शाम को पांच बजे घर से पूजा के लिए निकली थी। वह अपने बेटे समेत अन्य परिजन से कहकर निकली थी कि वह अगले दिन आएगी। 

वह अक्सर रविवार को अपने मायके विधवा मां से भी मिलने जाती थी, शायद यही वजह थी कि रात के 11 बजे तक उसकी किसी को चिंता नहीं थी लेकिन साढ़े 11 बजे जब वह लहूलुहान हालत में घर के दरवाजे पर आई तो सभी स्तब्ध रह गए। परिजनों के अनुसार महिला के मायके वाले गांव में स्थित मंदिर का पुजारी सत्यनारायण दास समेत वेदराम व जसपाल उसे गाड़ी से उनके दरवाजे पर डाल गए थे। 

इस मामले में पुलिस शुरू से ही ढीली रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हंगामा मच गया था। इसके बाद आनन फानन में न केवल रिपोर्ट दर्ज की गई बल्कि पुलिस इंस्पेक्टर व हल्का इंचार्ज पर कार्रवाई भी हो गई। दो आरोपी वेदपाल व जसपाल को छह जनवरी को ही गिरफ्तार हो गए थे, जबकि सात जनवरी की रात को पुजारी सत्यनारायण को भी गांव के जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद उसे भी जेल भेज दिया गया। 

इस घटना की शुरुआत से काफी पेंच फंसे हुए हैं। आरोपी के अनुसार महिला कुएं में गिर गई थी जिसे दिखाने वह चंदौसी भी ले गए थे। एक आरोपी जसपाल के परिजन उसे लगातार बेगुनाह बता रहे हैं। इधर परिजनों के बयानों में भी काफी विरोधाभास हो रहा था। महिला का बेटा जहां कह रहा था कि जब आरोपी उसकी मां को घर के दरवाजे पर डालकर गए तो उसकी मौत हो चुकी थी जबकि उसका पति ने घटना के एक दिन बाद थाने में बयान दिया था कि जब महिला को आरोपी घर लेकर आए तो उसकी सांसे चल रही थीं और उसने खुद को कुएं में गिरने से घायल होना बताया था। शुरू से ही कई सवाल ऐसे उठते रहे जिनके जवाब आज तक पुलिस के पास नहीं है। ऐसे में पुलिस का आरोपियों को रिमांड पर लेना जरूरी था। 
तीन जनवरी- महिला को पुजारी घर के बाहर फेंक गया
चार जनवरी- पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम को भेजा
पांच जनवरी- शव का पोस्टमार्टम, तीन आरोपियों पर एफआईआर
छह जनवरी- दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर इनाम घोषित
छह जनवरी- इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर पर एफआईआर
सात जनवरी- मुख्य आरोपी सत्यनारायण गिरफ्तार
आठ जनवरी- मुख्य आरोपी को जेल भेजा

महिला की कदकाठी का पुतला बनाया सीन किया रिक्रिएट
उघैती कांड का सच जानने के लिए लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम ने किसी को घटनास्थल तक नहीं जाने दिया, लेकिन क्राइम सीन दोहराने के दौरान कुछ ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई। हालांकि टीम ने काफी एहतियात बरती। बताया जाता है कि टीम महिला की कदकाठी का पुतला लेकर वहां पहुंची थी। 

बताया जाता है कि पुतले को उसी हालत का बनाया गया था जिस हालत में महिला परिजनों को मिली थी। उसके बाद जिस नाप की रस्सी घटनास्थल से बरामद बताई जा रही है उसी नाप की रस्सी लेकर पुतले को बाहर खींचा गया। पुतले को कहां चोट लगी, उस स्थान को भी देखा गया। 
 

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उघैती कांड के आरोपी सलाखों के पीछे तो पहुंच गए लेकिन अभी काफी सवालों के जवाब बाकी हैं। इस कांड मे शुरू से लेकर अब तक कई ऐसे सवाल है, जिनके जवाब अभी तक पुलिस को भी नहीं मिल पाए हैं। 

इन सवालों के जवाब हासिल करने के लिए पुलिस तीनों आरोपियों को आज रिमांड पर लिया है। उघैती थाना इलाके की एक गांव निवासी महिला रविवार शाम को पांच बजे घर से पूजा के लिए निकली थी। वह अपने बेटे समेत अन्य परिजन से कहकर निकली थी कि वह अगले दिन आएगी। 

वह अक्सर रविवार को अपने मायके विधवा मां से भी मिलने जाती थी, शायद यही वजह थी कि रात के 11 बजे तक उसकी किसी को चिंता नहीं थी लेकिन साढ़े 11 बजे जब वह लहूलुहान हालत में घर के दरवाजे पर आई तो सभी स्तब्ध रह गए। परिजनों के अनुसार महिला के मायके वाले गांव में स्थित मंदिर का पुजारी सत्यनारायण दास समेत वेदराम व जसपाल उसे गाड़ी से उनके दरवाजे पर डाल गए थे। 

इस मामले में पुलिस शुरू से ही ढीली रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हंगामा मच गया था। इसके बाद आनन फानन में न केवल रिपोर्ट दर्ज की गई बल्कि पुलिस इंस्पेक्टर व हल्का इंचार्ज पर कार्रवाई भी हो गई। दो आरोपी वेदपाल व जसपाल को छह जनवरी को ही गिरफ्तार हो गए थे, जबकि सात जनवरी की रात को पुजारी सत्यनारायण को भी गांव के जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद उसे भी जेल भेज दिया गया। 

इस घटना की शुरुआत से काफी पेंच फंसे हुए हैं। आरोपी के अनुसार महिला कुएं में गिर गई थी जिसे दिखाने वह चंदौसी भी ले गए थे। एक आरोपी जसपाल के परिजन उसे लगातार बेगुनाह बता रहे हैं। इधर परिजनों के बयानों में भी काफी विरोधाभास हो रहा था। महिला का बेटा जहां कह रहा था कि जब आरोपी उसकी मां को घर के दरवाजे पर डालकर गए तो उसकी मौत हो चुकी थी जबकि उसका पति ने घटना के एक दिन बाद थाने में बयान दिया था कि जब महिला को आरोपी घर लेकर आए तो उसकी सांसे चल रही थीं और उसने खुद को कुएं में गिरने से घायल होना बताया था। शुरू से ही कई सवाल ऐसे उठते रहे जिनके जवाब आज तक पुलिस के पास नहीं है। ऐसे में पुलिस का आरोपियों को रिमांड पर लेना जरूरी था। 


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