International

फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया में खबरों को किया ब्लॉक, ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने मोदी से मांगी मदद

फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया में यूजर्स को अपने प्लेटफार्म पर खबरें देखने या साझा करने से रोक दिया है। अंतरराष्ट्रीय यूजर्स भी ऑस्ट्रेलियाई खबरें नहीं देख पा रहे हैं। इसकी वजह ऑस्ट्रेलिया सरकार के नए कानून को बताया जा रहा है।

इसके तहत फेसबुक को समाचार प्रकाशन संस्थानों का कंटेंट अपने प्लेटफार्म पर दिखाने से हुई कमाई इन्हीं संस्थानों से साझा करनी होगी। सरकार ने फेसबुक की निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता पर हमला और शक्ति के दुरुपयोग का मामला बताया है।

ऑस्ट्रेलिया के पीएम मॉरिसन ने कहा, फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया को अनफ्रेंड किया है। फेसबुक की कारगुजारी से स्वास्थ्य, व्यापार श्रेणी की कई आवश्यक सेवाएं व सूचनाएं रुक गई हैं। उसका कदम हेकड़ी भरा और निराशाजनक है। उसने साबित कर दिया कि उसकी बढ़ती शक्ति पर विभिन्न देश जो चिंताएं जताते रहे हैं, वे सही हैं।

नए कानून के खिलाफ मनमानी पर उतरी प्रमुख टेक कंपनी
बड़ी टेक कंपनियां खुद को सरकार से बड़ा समझने लगी हैं, उन्हें सरकार के बनाए कानूनों की परवाह नहीं है। वहीं फेसबुक ने बयान दिया कि ऑस्ट्रेलियाई समाचार संस्थाएं फेसबुक पर अपना कंटेंट पोस्ट कर रही हैं लेकिन इन लिंक को यूजर्स देख या साझा नहीं कर सकते।

क्षेत्रीय प्रबंधक निदेशक विलियम ईस्टन ने कहा कि नए कानून ने उनके प्लेटफार्म और समाचार प्रकाशकों के संबंध को गलत समझा है। नए कानून में उनके पास दो ही विकल्प थे, वे परिभाषित संबंधों को मान लें या अपने प्लेटफार्म पर समाचार कंटेंट रोकें। उन्होंने दूसरा विकल्प चुना।

ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने नरेंद्र मोदी से मांगी फेसबुक के खिलाफ मदद
ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर फेसबुक के खिलाफ लड़ाई में समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देशों की चुनी हुई सरकारों की मुश्किलें बढ़ाने के लिए समाचार स्वास्थ्य और आपात सेवाओं को बंद करने का कदम उठाकर फेसबुक ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया है।

इसके खिलाफ वैश्विक साझेदारी खड़ी करनी होगी। उनकी यह बातचीत इसलिए अहम है क्योंकि फेसबुक के लिए भारत बड़ा बाजार है और इस मुहिम में प्रधानमंत्री मोदी को साथ लेने का महत्व मॉरिस भली-भांति समझते हैं।

मॉरिसन ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने फेसबुक द्वारा अचानक लगाए गए प्रतिबंधों से बने हालात रखें। उन्होंने बताया कि फेसबुक द्वारा अपने प्लेटफार्म से लाखों यूजर्स के लिए अचानक खबरों का कंटेंट ब्लॉक करना चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार को धमकाने की एक कोशिश है।

कोविड-19 टीकाकरण पर भी असर
फेसबुक की हिमाकत का नुकसान 3 दिन बाद यहां शुरू हो रहे कोविड-19 टीकाकरण पर भी हुआ। यूजर्स द्वारा इनकी खबरों के बड़ी संख्या में साझा पोस्ट ब्लॉक कर दिए गए। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों व संस्थानों के पेज भी ब्लॉक हुए।

सरकारी पेज ब्लॉक, बाढ़-आग की सूचनाएं रोकीं
फेसबुक की इस हिमाकत की वजह से कई सरकारी एजेंसियों के पेज भी ब्लॉक हुए और संदेश प्रसारित करने में बाधा पहुंची। कईं संदेश बाढ़ और आग लगने जैसी आपात घटनाओं के थे। मौसम विभाग की सूचनाएं भी रोकी गईं।

फ्लेचर ने कहा कि फेसबुक ने लोगों की जान दांव पर लगा दी। कई एनजीओ के पेज भी ब्लॉक किए गए, जिनसे बच्चों से लेकर बेघर लोगों को मदद और भोजन मुहैया करवाया जाता है।

सरकार सख्त : फेसबुक का दावा खबरें प्रकाशकों से नहीं लेता
ऑस्ट्रेलिया के वित्त मंत्री जॉश फ्रीडेनबर्ग के अनुसार, फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग, गूगल की अल्फाबेट इंक के सीईओ सुंदर पिचई जल्द समझौता करने जा रहे थे, लेकिन फेसबुक ने बिना पूर्व सूचना गलत कदम उठाया है।

सूचना संचार मंत्री पॉल फ्लेचर ने कहा, फेसबुक बताना चाहता है कि उसके प्लेटफार्म की खबरें समाचार प्रकाशकों से नहीं आ रही। स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने संसद में कहा कि बयान दिया कि यह उनके देश की संप्रभुता पर हमला है।

Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: