National

फर्जी टीईडी रिफंड दावे के मामले में ईडी ने कुर्क की 20.26 करोड़ रुपये की एफडी

प्रवर्तन निदेशालय
– फोटो : एएनआई

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि ‘टर्मिनल’ उत्पाद शुल्क (टीईडी) के कथित फर्जी रिफंड दावे के मामले से संबंधित धनशोधन जांच के सिलसिले में गुजरात की एक कंपनी की 20 करोड़ रुपये की सावधि जमा (एफडी) कुर्क कर ली गई है। ईडी ने इस मामले में सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धनशोधन रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की गांधीनगर इकाई ने क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन प्राइवेट लिमिटेड (सीसीपीएल), उसके निदेशकों- नंद किशोर अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल और मोहित कुमार गोयल और अहमदाबाद में तैनात विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के तत्कालीन संयुक्त निदेशक एके सिंह पर संबंधित लोक सेवक की मिलीभगत से सरकारी खजाने के साथ 20.26 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने को लेकर मामला दर्ज किया था।

ईडी ने एक बयान में कहा, ‘सीसीपीएल ने एक निर्यातक से मुफ्त आयात अधिकृत लाइसेंस (डीएफआईए) खरीदा और जम्मू की कंपनी मॉडर्न पेपर्स से कीटनाशक की स्थानीय खरीद के लिए टर्मिनल उत्पाद शुल्क के रिफंड का दावा करने के लिए उसका इस्तेमाल किया।’ उसने कहा, जांच में पाया गया कि डीएफआईए लाइसेंस से उन्हें स्थानीय खरीद के मामले में टर्मिनल उत्पाद शुल्क के रिफंड के दावे का अधिकार मिल गया। 

एजेंसी ने आगे कहा, ‘हालांकि सीसीपीएल ने जम्मू की इकाई से चीजें खरीदी थीं और उस जींस पर उत्पाद शुल्क की छूट थी, इसलिए उसमें भुगतान और टीईडी के रिफंड का अधिकार नहीं बनता था।’ उसने कहा कि सीसीपीएल ने ऐसी वस्तुओं पर टीईडी के रिफंड का दावा किया था जिन्हें डीजीएफटी के अग्रिम रिलीज आदेश के जारी होने से पहले खरीदा गया था।

उसने कहा, ‘इस प्रकार, फर्जी दावा करके सीसीपीएल ने डीजीएफटी, अहमदाबाद से 20.26 करोड़ रुपये का टीईडी रिफंड प्राप्त किया।’ ईडी का कहना है कि रिफंड की रकम पहले ही सीसीपीएल द्वारा प्राप्त की जा चुकी है, इसलिए 20.26 करोड़ रुपये की सावधि जमा अंतरिम रूप से कुर्क की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि ‘टर्मिनल’ उत्पाद शुल्क (टीईडी) के कथित फर्जी रिफंड दावे के मामले से संबंधित धनशोधन जांच के सिलसिले में गुजरात की एक कंपनी की 20 करोड़ रुपये की सावधि जमा (एफडी) कुर्क कर ली गई है। ईडी ने इस मामले में सीबीआई की एक प्राथमिकी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धनशोधन रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की गांधीनगर इकाई ने क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन प्राइवेट लिमिटेड (सीसीपीएल), उसके निदेशकों- नंद किशोर अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल और मोहित कुमार गोयल और अहमदाबाद में तैनात विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के तत्कालीन संयुक्त निदेशक एके सिंह पर संबंधित लोक सेवक की मिलीभगत से सरकारी खजाने के साथ 20.26 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने को लेकर मामला दर्ज किया था।

ईडी ने एक बयान में कहा, ‘सीसीपीएल ने एक निर्यातक से मुफ्त आयात अधिकृत लाइसेंस (डीएफआईए) खरीदा और जम्मू की कंपनी मॉडर्न पेपर्स से कीटनाशक की स्थानीय खरीद के लिए टर्मिनल उत्पाद शुल्क के रिफंड का दावा करने के लिए उसका इस्तेमाल किया।’ उसने कहा, जांच में पाया गया कि डीएफआईए लाइसेंस से उन्हें स्थानीय खरीद के मामले में टर्मिनल उत्पाद शुल्क के रिफंड के दावे का अधिकार मिल गया। 

एजेंसी ने आगे कहा, ‘हालांकि सीसीपीएल ने जम्मू की इकाई से चीजें खरीदी थीं और उस जींस पर उत्पाद शुल्क की छूट थी, इसलिए उसमें भुगतान और टीईडी के रिफंड का अधिकार नहीं बनता था।’ उसने कहा कि सीसीपीएल ने ऐसी वस्तुओं पर टीईडी के रिफंड का दावा किया था जिन्हें डीजीएफटी के अग्रिम रिलीज आदेश के जारी होने से पहले खरीदा गया था।

उसने कहा, ‘इस प्रकार, फर्जी दावा करके सीसीपीएल ने डीजीएफटी, अहमदाबाद से 20.26 करोड़ रुपये का टीईडी रिफंड प्राप्त किया।’ ईडी का कहना है कि रिफंड की रकम पहले ही सीसीपीएल द्वारा प्राप्त की जा चुकी है, इसलिए 20.26 करोड़ रुपये की सावधि जमा अंतरिम रूप से कुर्क की गई है।


Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: