Breaking News

पश्चिम बंगाल: भाजपा नेता राकेश सिंह गिरफ्तार, पुलिस ने तीन घंटे तक ली थी घर की तलाशी

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता राकेश सिंह को पुलिस ने मादक पदार्थ मामले में कथित संलिप्तता को लेकर गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने सिंह को पुरबा बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया है। वहीं सिंह के दो बेटों को भी पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप में घर में तलाशी लेने के दौरान गिरफ्तार किया है। 

बता दें कि भाजपा की युवा इकाई की कार्यकर्ता पामेला गोस्वामी ने मादक द्रव्य मामले में पार्टी नेता राकेश सिंह का नाम लिया था। इसके बाद मंगलवार को पुलिस उनके आवास पर पहुंची थी, हालांकि इस दौरान पुलिस को आवास में घुसने से रोका गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

हाईकोर्ट ने रद्द कर दी थी राकेश सिंह की याचिका
भाजपा नेता राकेश सिंह की गिरफ्तारी से पहले कलकत्ता उच्च न्ययालय ने मंगलवार को उनकी वह याचिका खारिज कर दी, जिसके जरिए उन्होंने ड्रग्स मामले के सिलसिले में पुलिस के एक नोटिस को रद्द करने का अनुरोध किया था। पुलिस ने सिंह को यह नोटिस ड्रग्स मामले के सिलसिले में उसके समक्ष पेश होने के लिए जारी किया था।

भाजपा की युवा शाखा (भारतीय जनता युवा मोर्चा) की कार्यकर्ता पामेला गोस्वामी ने ड्रग्स मामले में सिंह का नाम लिया था। पामेला के थैले और कार से 90 ग्राम कोकीन बरामद होने के बाद उसे पिछले सप्ताह गिरफ्तार कर लिया गया था। भाजयुमो की प्रदेश सचिव पामेला ने आरोप लगाया था कि सिंह ने उसे फंसाने की साजिश रची है।

अदालत के आदेश के बाद कोलकाता पुलिस सिंह के आवास के अंदर घुसी। इससे पहले, सिंह के परिवार ने पुलिस को आवास में प्रवेश करने से रोक दिया था। सिंह ने पुलिस के नोटिस पर स्थगन आदेश के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। सिंह के वकीलों ने दलील दी कि उनके भाजपा में शामिल होने के बाद से उनके खिलाफ कम से कम 26 मामले दर्ज किए गए हैं।

वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार राज्य की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने कहा कि सिंह के इस राजनीतिक दल में शामिल होने से पहले से उनके खिलाफ 56 मामले लंबित हैं और इस विषय का कोई राजनीतिक संबंध नहीं है। न्यायमूर्ति सव्यसाची भट्टाचार्य ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिंह की याचिका खारिज कर दी।

 

 

पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस कर्मियों का एक दल न्यू अलीपुर पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के सिलसिले में भाजपा राज्य समिति के सदस्य सिंह के आवास पर पहुंचा था। सिंह को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का करीबी सहयोगी माना जाता है।

अधिकारियों ने कहा कि सिंह के बेटे साहेब ने दक्षिण-पश्चिम कोलकाता के वाटगुंगे पुलिस थाना क्षेत्र स्थित अपने घर में घुसने के लिए पुलिसकर्मियों से कानूनी दस्तावेज की मांग की जिस पर दोनों तरफ से बहस हुई। पुलिस का कहना है कि उन्होंने परिवार को सभी दस्तावेज दिखाए और वे कानून के मुताबिक काम कर रहे थे। जानकारी के अनुसार इस दौरान पुलिस ने करीब तीन घंटे तक सिंह के घर की तलाशी ली।

सिंह से मामले के संबंध में कोलकाता पुलिस के मुख्यालय लालबाजार में आज पेश होने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने कहा कि वह किसी काम से दिल्ली जा रहे हैं और 26 फरवरी को शहर में लौटने के बाद पुलिस के समक्ष पेश होंगे।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) की प्रदेश सचिव गोस्वामी और उनके दोस्त प्रबीर कुमार डे को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गोस्वामी के बैग और कार में कथित तौर पर छिपाकर रखी गई 90 ग्राम कोकीन की बरामदगी के बाद यह कार्रवाई की थी। 

इस सिलसिले में गोस्वामी के सुरक्षाकर्मी को भी गिरफ्तार किया गया था। गोस्वामी ने मादक द्रव्य मामले में सिंह का नाम लेते हुए उन पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। सिंह ने आरोपों से इनकार किया है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता राकेश सिंह को पुलिस ने मादक पदार्थ मामले में कथित संलिप्तता को लेकर गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने सिंह को पुरबा बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया है। वहीं सिंह के दो बेटों को भी पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप में घर में तलाशी लेने के दौरान गिरफ्तार किया है। 

बता दें कि भाजपा की युवा इकाई की कार्यकर्ता पामेला गोस्वामी ने मादक द्रव्य मामले में पार्टी नेता राकेश सिंह का नाम लिया था। इसके बाद मंगलवार को पुलिस उनके आवास पर पहुंची थी, हालांकि इस दौरान पुलिस को आवास में घुसने से रोका गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

हाईकोर्ट ने रद्द कर दी थी राकेश सिंह की याचिका

भाजपा नेता राकेश सिंह की गिरफ्तारी से पहले कलकत्ता उच्च न्ययालय ने मंगलवार को उनकी वह याचिका खारिज कर दी, जिसके जरिए उन्होंने ड्रग्स मामले के सिलसिले में पुलिस के एक नोटिस को रद्द करने का अनुरोध किया था। पुलिस ने सिंह को यह नोटिस ड्रग्स मामले के सिलसिले में उसके समक्ष पेश होने के लिए जारी किया था।

भाजपा की युवा शाखा (भारतीय जनता युवा मोर्चा) की कार्यकर्ता पामेला गोस्वामी ने ड्रग्स मामले में सिंह का नाम लिया था। पामेला के थैले और कार से 90 ग्राम कोकीन बरामद होने के बाद उसे पिछले सप्ताह गिरफ्तार कर लिया गया था। भाजयुमो की प्रदेश सचिव पामेला ने आरोप लगाया था कि सिंह ने उसे फंसाने की साजिश रची है।

अदालत के आदेश के बाद कोलकाता पुलिस सिंह के आवास के अंदर घुसी। इससे पहले, सिंह के परिवार ने पुलिस को आवास में प्रवेश करने से रोक दिया था। सिंह ने पुलिस के नोटिस पर स्थगन आदेश के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। सिंह के वकीलों ने दलील दी कि उनके भाजपा में शामिल होने के बाद से उनके खिलाफ कम से कम 26 मामले दर्ज किए गए हैं।

वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार राज्य की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने कहा कि सिंह के इस राजनीतिक दल में शामिल होने से पहले से उनके खिलाफ 56 मामले लंबित हैं और इस विषय का कोई राजनीतिक संबंध नहीं है। न्यायमूर्ति सव्यसाची भट्टाचार्य ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिंह की याचिका खारिज कर दी।

 

 


आगे पढ़ें

पुलिस को घर में नहीं घुसने दिया गया



Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: