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नार्वे: वैक्सीन लगने के बाद 23 लोगों की मौत, सवालों में फाइजर का टीका

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओस्लो
Updated Fri, 15 Jan 2021 05:47 PM IST

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– फोटो : pixabay

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विश्व के कई देशों में कोरोना के खिलाफ जंग में वैक्सीन का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन नार्वे से हैरान करने वाली खबर आई है। वहां 27 दिसंबर से टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। अब तक 30 हजार से ज्यादा लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। लेकिन वैक्सीन लगाने के बाद अब तक 23 लोगों की मौत हो गई है। इससे फाइजर का टीका सवालों के घेरे में है। 

पहले डोज के बाद मौत
जिन 23 लोगों की मौत हुई है, उन्हें वैक्सीन का पहला डोज ही दिया गया था। इसके बाद उनकी तबीयत सुधरने की बजाए बिगड़ती चली गई। नार्वे सरकार का कहना है कि बीमार व बुजुर्गों के लिए कोरोना टीकाकरण काफी जोखिम भरा है। यह भी कहा जा रहा है कि मृतकों में 13 लोग ऐसे हैं, जिनकी मौत वैक्सीन के कारण हुई। अन्य लोगों की मौत के कारणों की जांच जारी है। 

बुजुर्गों पर भारी पड़ा दुष्प्रभाव
नार्वे के लोक स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार सामान्य दुष्प्रभाव भी बुजुर्गों व बीमारों पर भारी पड़ा है। अब तक वैक्क्सीन के दुष्प्रभाव के 29 मामले सामने आ चुके हैं। मृतकों में 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग व्यक्ति ज्यादा हैं। कुछ मृतक तो 90 साल की उम्र भी पार कर चुके थे। कुछ लोगों को टीके के बाद बुखार जैसी समस्या हुई और वह गंभीर बीमारी में बदल गई, जिससे उनकी मौत हो गई। 

चीनी विशेषज्ञ फाइजर के टीके के खिलाफ 
उधर, कोरोना वायरस के टीकों को लेकर चीनी विशेषज्ञों की राय सामने आई है। उनका दावा है कि फाइजर का टीका नहीं लगवाया जाना चाहिए। उन्होंने नार्वे व अन्य देशों से कहा है कि यह टीका बुजुर्गों का नहीं लगाया जाना चाहिए। 

विश्व के कई देशों में कोरोना के खिलाफ जंग में वैक्सीन का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन नार्वे से हैरान करने वाली खबर आई है। वहां 27 दिसंबर से टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। अब तक 30 हजार से ज्यादा लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। लेकिन वैक्सीन लगाने के बाद अब तक 23 लोगों की मौत हो गई है। इससे फाइजर का टीका सवालों के घेरे में है। 

पहले डोज के बाद मौत

जिन 23 लोगों की मौत हुई है, उन्हें वैक्सीन का पहला डोज ही दिया गया था। इसके बाद उनकी तबीयत सुधरने की बजाए बिगड़ती चली गई। नार्वे सरकार का कहना है कि बीमार व बुजुर्गों के लिए कोरोना टीकाकरण काफी जोखिम भरा है। यह भी कहा जा रहा है कि मृतकों में 13 लोग ऐसे हैं, जिनकी मौत वैक्सीन के कारण हुई। अन्य लोगों की मौत के कारणों की जांच जारी है। 

बुजुर्गों पर भारी पड़ा दुष्प्रभाव

नार्वे के लोक स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार सामान्य दुष्प्रभाव भी बुजुर्गों व बीमारों पर भारी पड़ा है। अब तक वैक्क्सीन के दुष्प्रभाव के 29 मामले सामने आ चुके हैं। मृतकों में 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग व्यक्ति ज्यादा हैं। कुछ मृतक तो 90 साल की उम्र भी पार कर चुके थे। कुछ लोगों को टीके के बाद बुखार जैसी समस्या हुई और वह गंभीर बीमारी में बदल गई, जिससे उनकी मौत हो गई। 

चीनी विशेषज्ञ फाइजर के टीके के खिलाफ 

उधर, कोरोना वायरस के टीकों को लेकर चीनी विशेषज्ञों की राय सामने आई है। उनका दावा है कि फाइजर का टीका नहीं लगवाया जाना चाहिए। उन्होंने नार्वे व अन्य देशों से कहा है कि यह टीका बुजुर्गों का नहीं लगाया जाना चाहिए। 


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