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नए श्रम कानूनों में एक दिन में काम के घंटे आठ निर्धारित कर सकती है सरकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 30 Dec 2020 10:29 PM IST

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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केंद्र सरकार की तैयार अब आठ घंटे से अधिक काम करने पर कर्मचारियों को ओवरटाइम देने की है। नए श्रम कानूनों पर शंकाओं को दूर करने की कोशिश के रूप में सरकार कथित तौर पर काम के दैनिक घंटों में कटौती को जल्द ही स्पष्ट करेगी। साल 2019 में पारित हुए नए वेतन कोड में कहा गया था कि काम के घंटे आठ या 12 होंगे, तब से इस पर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार एक दिन में काम के घंटों को आठ तक सीमित कर सकती है। इकनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया कि सरकार इस कदम से उन भ्रांतियों को दूर करना चाहती है कि नए श्रम कानूनों में कंपनियों को काम के घंटे बढ़ाकर 12 किए जाने की अनुमति मिल जाएगी।  

हालांकि, ध्यान देने वाली बात है कि नवंबर 2020 में श्रम मंत्रालय की ओर से जारी मसौदा नियमों में यह बताया गया थां कि काम के घंटों को बढ़ाकर 12 घंटे किया जा सकता है। अभी नौ घंटे के कामकाज का नियम है। जानकारी के अनुसार इसी भ्रम को दूर करने के लिए अब केंद्र सरकार कदम उठाने की तैयारी कर रही है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए श्रम कानूनों में सरकार यह प्रावधान कर सकती है कि अगर कोई कर्मचारी 15 मिनट से 30 मिनट तक काम करता है तो इसे आधे घंटे का ओवरटाइम माना जाएगा। यानी कि अगर निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद कोई 15 मिनट भी काम करता है तो उसे आधे घंटे का ओवरटाइम मिलेगा।

जानकारी के अनुसार काम के घंटों को आठ घंटे तक सीमित किए जाने के बाद इससे अधिक अवधि तक काम करने की स्थिति में कर्मचारी को ओवरटाइम मिलेगा। कहा जा रहा है कि ओवरटाइम के रूप में मिलने वाली राशि वेतन के मुकाबले कम से कम दो गुनी होगी। बता दें कि कई कंपनियां लोगों से नौ घंटे से भी अधिक समय तक काम करवाती हैं, लेकिन ओवरटाइम नहीं देती हैं।

केंद्र सरकार की तैयार अब आठ घंटे से अधिक काम करने पर कर्मचारियों को ओवरटाइम देने की है। नए श्रम कानूनों पर शंकाओं को दूर करने की कोशिश के रूप में सरकार कथित तौर पर काम के दैनिक घंटों में कटौती को जल्द ही स्पष्ट करेगी। साल 2019 में पारित हुए नए वेतन कोड में कहा गया था कि काम के घंटे आठ या 12 होंगे, तब से इस पर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार एक दिन में काम के घंटों को आठ तक सीमित कर सकती है। इकनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया कि सरकार इस कदम से उन भ्रांतियों को दूर करना चाहती है कि नए श्रम कानूनों में कंपनियों को काम के घंटे बढ़ाकर 12 किए जाने की अनुमति मिल जाएगी।  

हालांकि, ध्यान देने वाली बात है कि नवंबर 2020 में श्रम मंत्रालय की ओर से जारी मसौदा नियमों में यह बताया गया थां कि काम के घंटों को बढ़ाकर 12 घंटे किया जा सकता है। अभी नौ घंटे के कामकाज का नियम है। जानकारी के अनुसार इसी भ्रम को दूर करने के लिए अब केंद्र सरकार कदम उठाने की तैयारी कर रही है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए श्रम कानूनों में सरकार यह प्रावधान कर सकती है कि अगर कोई कर्मचारी 15 मिनट से 30 मिनट तक काम करता है तो इसे आधे घंटे का ओवरटाइम माना जाएगा। यानी कि अगर निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद कोई 15 मिनट भी काम करता है तो उसे आधे घंटे का ओवरटाइम मिलेगा।

जानकारी के अनुसार काम के घंटों को आठ घंटे तक सीमित किए जाने के बाद इससे अधिक अवधि तक काम करने की स्थिति में कर्मचारी को ओवरटाइम मिलेगा। कहा जा रहा है कि ओवरटाइम के रूप में मिलने वाली राशि वेतन के मुकाबले कम से कम दो गुनी होगी। बता दें कि कई कंपनियां लोगों से नौ घंटे से भी अधिक समय तक काम करवाती हैं, लेकिन ओवरटाइम नहीं देती हैं।


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