Uttar Pradesh

दलित उत्पीड़न के मामले में कैबिनेट मंत्री नंदी पर चलेगा मुकदमा

prayagraj news : कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी
– फोटो : prayagraj

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा चलेगा। स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने दलित उत्पीड़न के मामले में नंदी, कमल कुमार केसरवानी लाला एवं नीरज गुप्ता को उन्मोचित (डिस्चार्ज) किए जाने की अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आरोप विरचित किए जाने के स्तर पर सिर्फ यह देखा जाना है कि आरोपित के विरुद्ध लगाए गए आरोप निराधार हैं अथवा नहीं। साथ ही पत्रावली पर प्रथम दृष्ट्या आरोप के संबंध में साक्ष्य उपलब्ध हैं अथवा नहीं।

अदालत ने नंद गोपाल गुप्ता नंदी सहित तीनों के द्वारा प्रस्तुत आरोप नहीं बनाने के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। अदालत ने 20 मार्च को दलित उत्पीड़न में आरोप तय किए जाने के लिए अभियुक्तों को उपस्थित रहने का आदेश दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता और एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता और विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह को सुन कर दिया है। अगली स्लाइड में जानिए क्या था मामला?

यह है मामला

मुट्ठीगंज थाने में तीन मई 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि लोक सभा चुनाव प्रत्याशी सपा नेता रेवती रमण सिंह के कार्यालय के पास से कांग्रेस प्रत्याशी नंद गोपाल गुप्ता अपने समर्थकों के साथ निकले और वहां पर वादी एवं अन्य के साथ मारपीट की। सपा के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष जीत राज जितेंद्र हेला का कालर पकड़कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर धमकी दी। पुलिस ने विवेचना करने के उपरांत नंद गोपाल गुप्ता, कमल कुमार और नीरज गुप्ता के खिलाफ दलित उत्पीड़न एवं आईपीसी की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है। उपरोक्त मुकदमा विशेष न्यायालय में लंबित चल रहा है। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी सहित तीनों  लोगों की ओर से आरोप तय नहीं किए जाने और आरोप से मुक्त किए जाने की अर्जी प्रस्तुत की गई थी, जिसे स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा चलेगा। स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने दलित उत्पीड़न के मामले में नंदी, कमल कुमार केसरवानी लाला एवं नीरज गुप्ता को उन्मोचित (डिस्चार्ज) किए जाने की अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आरोप विरचित किए जाने के स्तर पर सिर्फ यह देखा जाना है कि आरोपित के विरुद्ध लगाए गए आरोप निराधार हैं अथवा नहीं। साथ ही पत्रावली पर प्रथम दृष्ट्या आरोप के संबंध में साक्ष्य उपलब्ध हैं अथवा नहीं।

अदालत ने नंद गोपाल गुप्ता नंदी सहित तीनों के द्वारा प्रस्तुत आरोप नहीं बनाने के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। अदालत ने 20 मार्च को दलित उत्पीड़न में आरोप तय किए जाने के लिए अभियुक्तों को उपस्थित रहने का आदेश दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता और एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता और विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह को सुन कर दिया है। अगली स्लाइड में जानिए क्या था मामला?

Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: