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तालिबान के साथ हुए करार की समीक्षा करेगा बाइडन प्रशासन

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन
– फोटो : PTI

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अमेरिका पिछले साल तालिबान के साथ हुए शांति समझौते की समीक्षा करेगा। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सलिवन ने अफगानिस्तान में अपने समकक्ष को फोन कर इस बारे में जानकारी दी है।

व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन इस बात का भी आकलन करेगा कि आतंकी संगठन तालिबान अफगान शांति समझौते के तहत हिंसा में कमी ला रहा है या नहीं। अफगानिस्तान में वर्ष 2001 से जारी संघर्ष को खत्म करने के प्रयास में ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल फरवरी में तालिबान के साथ शांति समझौता किया था।

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली हॉर्न ने बताया कि अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्ला माहिब से बातचीत में सलिवन ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका शांति प्रक्रियाओं का समर्थन करना जारी रखेगा।

उन्होंने साफ कर दिया कि तालिबान के साथ हुए समझौते की समीक्षा में देखा जाएगा कि तालिबान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रहा है या नहीं। तालिबान ने इस समझौते के तहत अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की वापसी के बदले सुरक्षा की गारंटी दी थी। साथ ही वह अफगान सरकार के साथ सीधी शांति वार्ता शुरू करने पर भी सहमत हुआ था। अफगानिस्तान में 2001 से मौजूद अमेरिकी फौज की संख्या पिछले हफ्ते घटाकर सबसे कम 2500 कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी वहां हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं। 

बाइडन प्रशासन ने घरेलू उग्रवाद की समीक्षा करने का भी एलान किया है। यह कदम गत छह जनवरी को कैपिटल इमारत में हुई हिंसा के मद्देनजर उठाया जा रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन पाकी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘छह जनवरी को कैपिटल इमारत में हिंसा जैसी घटनाएं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।’

अमेरिका पिछले साल तालिबान के साथ हुए शांति समझौते की समीक्षा करेगा। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सलिवन ने अफगानिस्तान में अपने समकक्ष को फोन कर इस बारे में जानकारी दी है।

व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन इस बात का भी आकलन करेगा कि आतंकी संगठन तालिबान अफगान शांति समझौते के तहत हिंसा में कमी ला रहा है या नहीं। अफगानिस्तान में वर्ष 2001 से जारी संघर्ष को खत्म करने के प्रयास में ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल फरवरी में तालिबान के साथ शांति समझौता किया था।

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली हॉर्न ने बताया कि अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्ला माहिब से बातचीत में सलिवन ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका शांति प्रक्रियाओं का समर्थन करना जारी रखेगा।

उन्होंने साफ कर दिया कि तालिबान के साथ हुए समझौते की समीक्षा में देखा जाएगा कि तालिबान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रहा है या नहीं। तालिबान ने इस समझौते के तहत अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की वापसी के बदले सुरक्षा की गारंटी दी थी। साथ ही वह अफगान सरकार के साथ सीधी शांति वार्ता शुरू करने पर भी सहमत हुआ था। अफगानिस्तान में 2001 से मौजूद अमेरिकी फौज की संख्या पिछले हफ्ते घटाकर सबसे कम 2500 कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी वहां हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं। 

बाइडन प्रशासन ने घरेलू उग्रवाद की समीक्षा करने का भी एलान किया है। यह कदम गत छह जनवरी को कैपिटल इमारत में हुई हिंसा के मद्देनजर उठाया जा रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन पाकी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘छह जनवरी को कैपिटल इमारत में हिंसा जैसी घटनाएं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।’

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