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डब्ल्यूएचओ की टीम ने चीन में कोरोना के उत्पन्न होने की जांच की शुरू

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Updated Mon, 18 Jan 2021 07:31 AM IST

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कोरोना महामारी कहां उत्पन्न हुई थी इसको जांचने के लिए डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों की टीम चीन के वुहान पहुंच चुकी है और महामारी के स्त्रोतों का पता लगा रही है। 

चीन यह मानने को कतई राजी नहीं हैं। कोरोना यहीं पैदा हुआ। वह अपने बनाए सिद्धांतों को बढ़ावा दे रहा है, जिसमें है कि कोरोना का चीन में नहीं बल्कि उसके देश के बाहर उत्पन्न हुआ था। इसकी जांच डब्ल्यूएचओ की टीम कर रही है।

चीन सरकार द्वारा संचालित मीडिया ने पिछले सप्ताह एक रिपोर्ट में कहा था कि कोरोना वायरस के लक्षणों वाली एक महिला को नवंबर 2019 में मिलान में पता चला और यह सबूत है कि महामारी विदेश में शुरू हुई थी।

चीन के वैज्ञानिक अलग-अलग देशों पर कोरोना के उत्पन्न होने की बात कहते रहे हैं। जो बिल्कुल तथ्यहीन है। नवंबर 2020 में एक चीनी वैज्ञानिक ने दावा किया था कि वायरस 2019 की गर्मियों में भारत में उत्पन्न हो सकता है। जहां उसने एक मनगढ़ंत थ्योरी बना कर पेश की थी, इसके बाद भारत ने भी इसका जबाव दिया था।

पिछले साल मार्च में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने अमेरिका को लेकर कहा था कि अमेरिकी सेना वायरस में ला सकती है। तब भी चीन की काफी किरकिरी हुई थी।

मालूम हो कि अमेरिका सहित दुनिया के कई देश कोरोना वायरस की जानकारी छिपाने और वायरस को फैलने देने के लिए चीन को दोषी करार देते आ रहे हैं। वहीं चीन इन आरोपों से इनकार करता आ रहा है। पिछले साल दिसंबर में ही चीन के वुहान में कोरोना का पहला मामला सामने आया था, जिसके बाद यह वायरस पूरी दुनिया में फैलता चला गया।

कोरोना महामारी कहां उत्पन्न हुई थी इसको जांचने के लिए डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों की टीम चीन के वुहान पहुंच चुकी है और महामारी के स्त्रोतों का पता लगा रही है। 

चीन यह मानने को कतई राजी नहीं हैं। कोरोना यहीं पैदा हुआ। वह अपने बनाए सिद्धांतों को बढ़ावा दे रहा है, जिसमें है कि कोरोना का चीन में नहीं बल्कि उसके देश के बाहर उत्पन्न हुआ था। इसकी जांच डब्ल्यूएचओ की टीम कर रही है।

चीन सरकार द्वारा संचालित मीडिया ने पिछले सप्ताह एक रिपोर्ट में कहा था कि कोरोना वायरस के लक्षणों वाली एक महिला को नवंबर 2019 में मिलान में पता चला और यह सबूत है कि महामारी विदेश में शुरू हुई थी।

चीन के वैज्ञानिक अलग-अलग देशों पर कोरोना के उत्पन्न होने की बात कहते रहे हैं। जो बिल्कुल तथ्यहीन है। नवंबर 2020 में एक चीनी वैज्ञानिक ने दावा किया था कि वायरस 2019 की गर्मियों में भारत में उत्पन्न हो सकता है। जहां उसने एक मनगढ़ंत थ्योरी बना कर पेश की थी, इसके बाद भारत ने भी इसका जबाव दिया था।

पिछले साल मार्च में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने अमेरिका को लेकर कहा था कि अमेरिकी सेना वायरस में ला सकती है। तब भी चीन की काफी किरकिरी हुई थी।

मालूम हो कि अमेरिका सहित दुनिया के कई देश कोरोना वायरस की जानकारी छिपाने और वायरस को फैलने देने के लिए चीन को दोषी करार देते आ रहे हैं। वहीं चीन इन आरोपों से इनकार करता आ रहा है। पिछले साल दिसंबर में ही चीन के वुहान में कोरोना का पहला मामला सामने आया था, जिसके बाद यह वायरस पूरी दुनिया में फैलता चला गया।


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arvind007

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