Breaking News

ट्रैक्टर परेड के लिए किसान तैयार, सीमाओं के पार 20 किलोमीटर से लंबी कतार

अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Updated Mon, 25 Jan 2021 05:40 AM IST

दिल्ली की ओर आते किसान…
– फोटो : amar ujala

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

किसानों की ओर से गणतंत्र दिवस पर निकाले जाने वाले परेड में शामिल होने के लिए टीकरी बॉर्डर से करीब 20 किलोमीटर पीछे तक टैक्टरों की लाइन लग गई है। सिंघु से कुंडली की तरफ भी कई किलोमीटर तक वाहन पहुंचने लगे हैं। ट्रैक्टरों की संख्या की गिनती न होने की वजह से सभी सीमाओं से रवाना होने वाले ट्रैक्टरों के लिए लाइन में चलना और फिर लौटने में घंटों वक्त लगेगा। इस दौरान उन सड़कों पर आवाजाही में दिक्कत न हो इसके लिए हर 100 मीटर की दूरी पर वॉलेंटियर तैनात किए जा रहे हैं। 

एक सीमा से अपने रूट पर 100 किलोमीटर तक की दायरे के लिए रोडमैप तैयार कर लिया गया है। किसान मोर्चा की ओर से जारी हिदायतों का पालन करते हुए इतने बड़े स्तर पर पहली बार होने वाली रैली के शांतिपूर्ण और सुचारू बनाए रखने के लिए संगठनों की तरफ से सभी प्रयास किए जा रहे हैं। 

टीकरी बॉर्डर पर तैनात इंजीनियर, जिन्होंने किसानों के आंदोलन का न केवल समर्थन किया बल्कि ट्रैक्टर रैली के लिए उन्होंने टीकरी बॉर्डर पर किसान सोशल आर्मी का गठन कर दिया। पिछले दिनों के दौरान 1000 स्वयंसेवकों(वॉलेंटियर)को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि एक साथ लाखों की संख्या में वाहनों को कैसे सुनियोजित तरीके से परेड के दौरान व्यवस्थित रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पंजाब-हरियाणा की 25-25 टीमें बनाई गई हैं। एक टीम में 20-20 सदस्य होंगे।

को-ऑर्डिनेटर रहेंगे लगातार संपर्क में
टीम के सदस्यों के बीच आपसी संपर्क बनाए रखने और परेड के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रत्येक टीम के लिए एक-एक को ऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति या जरूरत पड़ने पर तत्काल वॉकी टॉकी से संपर्क कर, दिक्कत या परेशानी को दूर करेंगे ताकि परेड के दौरान किसी तरह की बाधा न आए।

बात आगे पहुंचाने के लिए किया किसान सोशल आर्मी का गठन
किसान सोशल आर्मी के संस्थापक  अनूप सिंह चानौत ने बताया कि परेड में शामिल होने वालों के साथ सभी वॉलेंटियर संपर्क में रहेंगे। चानौत ने कहा कि किसान आंदोलन की शुरुआत होने पर यह महसूस किया कि उनकी बातें नहीं सुनी जा रही है। इसे देखते हुए पहले वाट्सएप ग्रुप बनाया और अब संस्था के एक लाख से अधिक सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि हमारी कोशिश है कि किसानों की बात सरकार और सभी लोगों तक पहुंचे।

वॉलंटियर तैनात
परेड के बेहतर प्रबंधन के लिए वॉलंटियर तैनात किए जा रहे हैं, जिन्हें ट्रेनिंग दी जा चुकी है। संस्थापक सदस्य अंकुर ने बताया कि किसान सोशल आर्मी की ओर से एक हजार स्वयंसेवकों की नियुक्ति इसलिए की गई ताकि आंदोलन को आगे बढ़ाए रखने में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि अब तक ट्रैक्टर ट्रॉली की लाइन बहादुरगढ़ के आगे पहुंच चुकी है और सुबह तक यह लाइन सांपला तक पहुंचने की संभावना है। 

किसानों की ओर से गणतंत्र दिवस पर निकाले जाने वाले परेड में शामिल होने के लिए टीकरी बॉर्डर से करीब 20 किलोमीटर पीछे तक टैक्टरों की लाइन लग गई है। सिंघु से कुंडली की तरफ भी कई किलोमीटर तक वाहन पहुंचने लगे हैं। ट्रैक्टरों की संख्या की गिनती न होने की वजह से सभी सीमाओं से रवाना होने वाले ट्रैक्टरों के लिए लाइन में चलना और फिर लौटने में घंटों वक्त लगेगा। इस दौरान उन सड़कों पर आवाजाही में दिक्कत न हो इसके लिए हर 100 मीटर की दूरी पर वॉलेंटियर तैनात किए जा रहे हैं। 

एक सीमा से अपने रूट पर 100 किलोमीटर तक की दायरे के लिए रोडमैप तैयार कर लिया गया है। किसान मोर्चा की ओर से जारी हिदायतों का पालन करते हुए इतने बड़े स्तर पर पहली बार होने वाली रैली के शांतिपूर्ण और सुचारू बनाए रखने के लिए संगठनों की तरफ से सभी प्रयास किए जा रहे हैं। 

टीकरी बॉर्डर पर तैनात इंजीनियर, जिन्होंने किसानों के आंदोलन का न केवल समर्थन किया बल्कि ट्रैक्टर रैली के लिए उन्होंने टीकरी बॉर्डर पर किसान सोशल आर्मी का गठन कर दिया। पिछले दिनों के दौरान 1000 स्वयंसेवकों(वॉलेंटियर)को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि एक साथ लाखों की संख्या में वाहनों को कैसे सुनियोजित तरीके से परेड के दौरान व्यवस्थित रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पंजाब-हरियाणा की 25-25 टीमें बनाई गई हैं। एक टीम में 20-20 सदस्य होंगे।

को-ऑर्डिनेटर रहेंगे लगातार संपर्क में

टीम के सदस्यों के बीच आपसी संपर्क बनाए रखने और परेड के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रत्येक टीम के लिए एक-एक को ऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति या जरूरत पड़ने पर तत्काल वॉकी टॉकी से संपर्क कर, दिक्कत या परेशानी को दूर करेंगे ताकि परेड के दौरान किसी तरह की बाधा न आए।

बात आगे पहुंचाने के लिए किया किसान सोशल आर्मी का गठन

किसान सोशल आर्मी के संस्थापक  अनूप सिंह चानौत ने बताया कि परेड में शामिल होने वालों के साथ सभी वॉलेंटियर संपर्क में रहेंगे। चानौत ने कहा कि किसान आंदोलन की शुरुआत होने पर यह महसूस किया कि उनकी बातें नहीं सुनी जा रही है। इसे देखते हुए पहले वाट्सएप ग्रुप बनाया और अब संस्था के एक लाख से अधिक सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि हमारी कोशिश है कि किसानों की बात सरकार और सभी लोगों तक पहुंचे।

वॉलंटियर तैनात

परेड के बेहतर प्रबंधन के लिए वॉलंटियर तैनात किए जा रहे हैं, जिन्हें ट्रेनिंग दी जा चुकी है। संस्थापक सदस्य अंकुर ने बताया कि किसान सोशल आर्मी की ओर से एक हजार स्वयंसेवकों की नियुक्ति इसलिए की गई ताकि आंदोलन को आगे बढ़ाए रखने में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि अब तक ट्रैक्टर ट्रॉली की लाइन बहादुरगढ़ के आगे पहुंच चुकी है और सुबह तक यह लाइन सांपला तक पहुंचने की संभावना है। 

Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: