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ट्रंप पर महाभियोग: नैंसी पेलोसी ने कहा- हमलावर ट्रंप द्वारा भेजे गए घरेलू आतंकवादी थे

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डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल में दूसरी बार महाभियोग का सामना किया और इसे निचले सदन में मंजूरी भी मिल गई। अमेरिकी कैपिटल हिल में हिंसा को लेकर बुधवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास हो गया। सदन में बहस के दौरान यूएस हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ट्रंप को राष्ट्र के लिए खतरा बताया।

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का आह्वान करते हुए प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा कि जिन लोगों ने पिछले हफ्ते कैपिटल हिल पर हमला किया था, वे ‘घरेलू आतंकवादी’ थे और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस विद्रोह को भड़काया था। ट्रंप को ‘राष्ट्र के लिए खतरा’ करार देते हुए पेलोसी ने कहा, ‘हम जानते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने हमारे देश के खिलाफ इस सशस्त्र विद्रोह को उकसाया। उन्हें पद से अवश्य हटाया जाना चाहिए, वह साफ तौर पर राष्ट्र के लिए खतरा हैं जिसे हम सभी प्यार करते हैं।’

पेलोसी ने कहा, ‘मैं आपके सामने संविधान के एक अधिकारी के तौर पर, एक पत्नी, एक मां, एक दादी मां और एक बेटी के तौर पर खड़ी हूं, जिसके पिता ने इस सदन की गर्व से सेवा की है।’

राष्ट्रपति ट्रंप के महाभियोग के लेख पर बहस के दौरान बोलते हुए पलोसी ने कहा, ‘वे विद्रोही देशभक्त नहीं थे। वे एक राजनीतिक आधार का हिस्सा नहीं थे, जिसे पूरा और प्रबंधित किया जा सके। वे घरेलू आतंकवादी थे और न्याय होना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘विद्रोही ‘शून्य से प्रकट नहीं हुए बल्कि उन्हें यहां राष्ट्रपति द्वारा भेजा गया, यहां रोने जैसे शब्दों के साथ – नरक की तरह लड़ने के लिए।’

‘शब्द मायने रखते हैं। सत्य मायने रखता है। जवाबदेही मायने रखती है।’ वह यह कहते हुए आगे बढ़ती रही कि राष्ट्रपति ने विद्रोहियों को स्वतंत्रता के लिए शत्रु के रूप में नहीं देखा, जैसा कि वे हैं, लेकिन एक भयानक लक्ष्य के साधन के रूप में, अपने व्यक्तिगत रूप से सत्ता के लक्ष्य के लिए देखा। लोगों की इच्छा को विफल करने का लक्ष्य। हमारे लोकतंत्र के लगभग ढाई शताब्दियों के उग्र और खूनी संघर्ष में समाप्त होने का लक्ष्य था।’ उन्होंने कहा कि इन्हीं लक्ष्यों को साधने के लिए किए गए हिंसा की वजह से उस दिन हम सभी ने आग की तरह जलने वाले दिन का अनुभव किया। राष्ट्रपति पर जरूर महाभियोग लगाया जाना चाहिए।’

पेलोसी ने आगे कहा, ‘राष्टपति को सीनेट में जरूर दोषी करार दिया जाना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यह गणतंत्र उस व्यक्ति से सुरक्षित रहेगा जो उन चीजों को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्हें हम बहुत प्यारा समझते हैं और जो हम सब को एक साथ जोड़े रखता है।’

पेलोसी ने अपने बातों को खत्म करते हुए कहा, ‘मेरे अमेरिकी साथियों, हम इतिहास से बच नहीं सकते। इसलिए आइए हम अपनी ड्यूटी को पूरा करें और इस राष्ट्र ने जो हम पर विश्वास जताया है उसका सम्मान करें।’

दस रिपब्लिकन सांसदों ने भी किया समर्थन 
ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का सदन के 215 से ज्यादा डेमोक्रेट्स और 10 रिपब्लिकन सांसदों ने समर्थन किया। प्रस्ताव को सदन में 197 के मुकाबले 232 वोटों से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव में पेंस से अपील की गई कि वह कैबिनेट से 25वां संशोधन लागू करने को कहें। ट्रंप पर महाभियोग चलाने के लिए 218 वोटों की जरूरत थी।

 

बता दें, डेमोक्रेट्स ने यूएस कैपिटल इमारत में हिंसा को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप को उकसाने के लिए कसूरवार ठहराया था। इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी। ट्रंप के कार्यकाल को पूरा होने में कुछ ही दिन बचे हुए हैं। अमेरिका के भावी राष्ट्रपति जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने ट्रंप को 20 जनवरी से पहले पद से हटाने के लिए पहले से ही तैयार हैं। बाइडन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल में दूसरी बार महाभियोग का सामना किया और इसे निचले सदन में मंजूरी भी मिल गई। अमेरिकी कैपिटल हिल में हिंसा को लेकर बुधवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास हो गया। सदन में बहस के दौरान यूएस हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ट्रंप को राष्ट्र के लिए खतरा बताया।

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का आह्वान करते हुए प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा कि जिन लोगों ने पिछले हफ्ते कैपिटल हिल पर हमला किया था, वे ‘घरेलू आतंकवादी’ थे और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस विद्रोह को भड़काया था। ट्रंप को ‘राष्ट्र के लिए खतरा’ करार देते हुए पेलोसी ने कहा, ‘हम जानते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने हमारे देश के खिलाफ इस सशस्त्र विद्रोह को उकसाया। उन्हें पद से अवश्य हटाया जाना चाहिए, वह साफ तौर पर राष्ट्र के लिए खतरा हैं जिसे हम सभी प्यार करते हैं।’

पेलोसी ने कहा, ‘मैं आपके सामने संविधान के एक अधिकारी के तौर पर, एक पत्नी, एक मां, एक दादी मां और एक बेटी के तौर पर खड़ी हूं, जिसके पिता ने इस सदन की गर्व से सेवा की है।’

राष्ट्रपति ट्रंप के महाभियोग के लेख पर बहस के दौरान बोलते हुए पलोसी ने कहा, ‘वे विद्रोही देशभक्त नहीं थे। वे एक राजनीतिक आधार का हिस्सा नहीं थे, जिसे पूरा और प्रबंधित किया जा सके। वे घरेलू आतंकवादी थे और न्याय होना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘विद्रोही ‘शून्य से प्रकट नहीं हुए बल्कि उन्हें यहां राष्ट्रपति द्वारा भेजा गया, यहां रोने जैसे शब्दों के साथ – नरक की तरह लड़ने के लिए।’

‘शब्द मायने रखते हैं। सत्य मायने रखता है। जवाबदेही मायने रखती है।’ वह यह कहते हुए आगे बढ़ती रही कि राष्ट्रपति ने विद्रोहियों को स्वतंत्रता के लिए शत्रु के रूप में नहीं देखा, जैसा कि वे हैं, लेकिन एक भयानक लक्ष्य के साधन के रूप में, अपने व्यक्तिगत रूप से सत्ता के लक्ष्य के लिए देखा। लोगों की इच्छा को विफल करने का लक्ष्य। हमारे लोकतंत्र के लगभग ढाई शताब्दियों के उग्र और खूनी संघर्ष में समाप्त होने का लक्ष्य था।’ उन्होंने कहा कि इन्हीं लक्ष्यों को साधने के लिए किए गए हिंसा की वजह से उस दिन हम सभी ने आग की तरह जलने वाले दिन का अनुभव किया। राष्ट्रपति पर जरूर महाभियोग लगाया जाना चाहिए।’

पेलोसी ने आगे कहा, ‘राष्टपति को सीनेट में जरूर दोषी करार दिया जाना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यह गणतंत्र उस व्यक्ति से सुरक्षित रहेगा जो उन चीजों को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्हें हम बहुत प्यारा समझते हैं और जो हम सब को एक साथ जोड़े रखता है।’

पेलोसी ने अपने बातों को खत्म करते हुए कहा, ‘मेरे अमेरिकी साथियों, हम इतिहास से बच नहीं सकते। इसलिए आइए हम अपनी ड्यूटी को पूरा करें और इस राष्ट्र ने जो हम पर विश्वास जताया है उसका सम्मान करें।’

दस रिपब्लिकन सांसदों ने भी किया समर्थन 

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का सदन के 215 से ज्यादा डेमोक्रेट्स और 10 रिपब्लिकन सांसदों ने समर्थन किया। प्रस्ताव को सदन में 197 के मुकाबले 232 वोटों से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव में पेंस से अपील की गई कि वह कैबिनेट से 25वां संशोधन लागू करने को कहें। ट्रंप पर महाभियोग चलाने के लिए 218 वोटों की जरूरत थी।

 

बता दें, डेमोक्रेट्स ने यूएस कैपिटल इमारत में हिंसा को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप को उकसाने के लिए कसूरवार ठहराया था। इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी। ट्रंप के कार्यकाल को पूरा होने में कुछ ही दिन बचे हुए हैं। अमेरिका के भावी राष्ट्रपति जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने ट्रंप को 20 जनवरी से पहले पद से हटाने के लिए पहले से ही तैयार हैं। बाइडन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।


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arvind007

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