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ट्रंप पर महाभियोग की सुनवाई 8 फरवरी से, सीनेट में चक शूमर ने की घोषणा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सीनेट में महाभियोग की सुनवाई आठ फरवरी से शुरू होगी। सीनेट के बहुमत नेता चक शूमर ने अमेरिकी समय अनुसार शुक्रवार को यह घोषणा की। उन्हाेंने बताया कि महाभियोग प्रक्रिया के तहत सोमवार को हाउस ऑफ रिप्रजंटेटिव्ज द्वारा औपचारिक रूप से महाभियोग लेख सौंपा जाएगा।

ट्रंप पर छह जनवरी को कैपिटल हिल में हिंसा के लिए अपने समर्थकों को भड़काने के आरोप हैं। शूमर ने बताया कि अब तक की प्रक्रिया तेजी से चली है। 26 जनवरी से आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

उन्हाेंने छह जनवरी की हिंसा को न भूलने वाली घटना बताया और कहा कि इससे उबरने के लिए महाभियोग का कदम उठाया जा रहा है। इससे सच सामने आएगा और जवाबदेही तय होगी। ट्रंप अब राष्ट्रपति भले ही नहीं हैं, लेकिन इस महाभियोग के जरिए उन्हें फिर कभी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोका जा सकेगा।

घरेलू चरमपंथियों की जांच करेंगी एजेंसियां
राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन ने घरेलू चरमपंथियों की पहचान के लिए एजेंसियों को मिली कर जांच की मंजूरी दी है। प्रेस सचिव जीन साकी के अनुसार बाइडन ने 6 जनवरी की हिंसा के पीछे इन्हीं चरमपंथियों को मानते हुए उन्हें देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बढ़ाने वाला बताया। कट्टरपंथी हिंसा को तीन श्रेणियों में जांचने के लिए राष्ट्रीय इंटेलीजेंस निदेशक, एफबीआई और होमलैंड सिक्युरिटी विभाग शामिल होंगे।

अमेरिकन रेस्क्यू प्लान की घोषणा
शासन के तीसरे दिन बाइडडन ने अमेरिकन रेस्क्यू प्लान की घोषणा की, इसके तहत प्रति नागरिक 2 हजार डॉलर (करीब 1.46 लाख रुपये) की मदद योजना पूरी की जाएगी। कोरोना की वजह से अमेरिका में करीब 4 लाख छोटे-बड़े प्रतिष्ठान बंद हुए हैं, जिनसे 1.80 करोड़ लोग बेरोजगारी भत्ते पर आश्रित हो चुके हैं।

पूर्व राष्ट्रपतियों के क्लब का हिस्सा नहीं बनेंगे ट्रंप, क्लब भी उन्हें नहीं चाहता
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों के क्लब का हिस्सा बनने की परंपरा भी ट्रंप बाकी परंपराओं की तरह तोड़ने जा रहे हैं। खास बात है कि खुद क्लब भी उन्हें सदस्य नहीं बनाना चाहता।

क्लब में शामिल तीन पूर्व राष्ट्रपतियों बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बिल क्लिंटन ने बाइडन के पदग्रहण के लिए तीन मिनट का वीडियो बनाया, तो उसमें ट्रंप के नाम का जिक्र तक नहीं किया। चुनावों के बाद से वे ट्रंप के व्यवहार पर नाखुशी जताते रहे हैं।

वहीं 2019 में एक साक्षात्कर में ट्रंप ने कहा था कि उन्हें लगता है कि क्लब उन्हें स्वीकार नहीं करेगा, इसलिए वे इसका हिस्सा नहीं बनना चाहेंगे। क्लब सदस्य अक्सर सरकारी आयोजनों में आमंत्रित कर साथ बैठाए जाते हैं, उन्हें विशेष परियोजनाएं दी जाती हैं, जरूरत होने पर व्हाइट हाउस सलाह भी लेता है।

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arvind007

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