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ट्रंप की टैक्स रिकॉर्ड की जांच रोकने से कोर्ट का इनकार

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)

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न्यूयॉर्क के अभियोजक अब जान सकेंगे कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किस तरह लाखों डॉलर का नुकसान होने के बाद भी अपनी पूंजी बढ़ाई और इसके लिए आयकर भी नहीं देना पड़ा। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को एक बड़ा झटका देते हुए उनके खिलाफ टैक्स रिकॉर्ड मामले की जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

इससे पहले अदालत में इस मामले पर लंबे समय तक सुनवाई चली जिसमें ट्रंप इस बात पर अड़े रहे कि अभियोजन द्वारा की जा रही जांच के कारण उनके कर संबंधी रिकॉर्ड को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। वे काफी लंबे समय से अपने टैक्स रिकॉर्ड को गोपनीय रखने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति के टैक्स रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड इतने अहम नहीं हैं कि अभियोजक इसे हासिल नहीं कर सकें।

इसी के साथ अदालत ने ट्रंप के पिछले आठ वर्ष से संघीय आयकर रिटर्न के रिकॉर्ड लेखा संबंधी अन्य रिकॉर्डों के हासिल करने का रास्ता साफ कर दिया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति स्टीफन ब्रेयर के इस आदेश के साथ ही लंबे समय से चली आ रही इस कानूनी लड़ाई का अंत हो गया।

फैसला राजनीति से प्रेरित, कोर्ट को ऐसा नहीं करना चाहिए : ट्रंप
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क के अभियोजकों को उनके टैक्स रिकॉर्ड हासिल करने से नहीं रोकने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति स्टीफन ब्रेयर ने ट्रंप के पक्ष में एक निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करने को लेकर पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट को ऐसा नहीं करना चाहिए था। यह फैसला पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है और डेमोक्रेट नियंत्रण वाले न्यूयॉर्क में गवर्नर एंड्रयू कुओमो का असर इस पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘इससे पहले कभी भी किसी राष्ट्रपति के साथ ऐसा नहीं हुआ।’

एक और झटका : आव्रजन नीति की समीक्षा पर अदालत सहमत
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप युग की आव्रजन नीति की समीक्षा करने पर भी सहमति व्यक्त की है। यह नीति सरकारी लाभ के इस्तेमाल की संभावना वाले प्रवासियों को स्थायी स्थिति (परमानेंट स्टेटस) से इनकार करती है।

यह मामला अमेरिकी गृह मंत्रालय और न्यूयॉर्क, कनेक्टिकट तथा वर्मोंट राज्यों के साथ साथ अप्रवासियों के अधिकार समूहों के बीच कानूनी विवाद को लेकर था। हालांकि ट्रंप की इस नीति को बाइडन प्रशासन पलटना चाहता है। इसके लिए उसने तैयारी भी कर ली है।

सार

  • अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा, रिकॉर्ड इतने अहम नहीं कि इन्हें गोपनीय रखें।
  • टैक्स रिटर्न दस्तावेज सार्वजनिक करने का आदेश ट्रंप के लिए बड़ा झटका।

विस्तार

न्यूयॉर्क के अभियोजक अब जान सकेंगे कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किस तरह लाखों डॉलर का नुकसान होने के बाद भी अपनी पूंजी बढ़ाई और इसके लिए आयकर भी नहीं देना पड़ा। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को एक बड़ा झटका देते हुए उनके खिलाफ टैक्स रिकॉर्ड मामले की जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

इससे पहले अदालत में इस मामले पर लंबे समय तक सुनवाई चली जिसमें ट्रंप इस बात पर अड़े रहे कि अभियोजन द्वारा की जा रही जांच के कारण उनके कर संबंधी रिकॉर्ड को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। वे काफी लंबे समय से अपने टैक्स रिकॉर्ड को गोपनीय रखने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति के टैक्स रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड इतने अहम नहीं हैं कि अभियोजक इसे हासिल नहीं कर सकें।

इसी के साथ अदालत ने ट्रंप के पिछले आठ वर्ष से संघीय आयकर रिटर्न के रिकॉर्ड लेखा संबंधी अन्य रिकॉर्डों के हासिल करने का रास्ता साफ कर दिया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति स्टीफन ब्रेयर के इस आदेश के साथ ही लंबे समय से चली आ रही इस कानूनी लड़ाई का अंत हो गया।

फैसला राजनीति से प्रेरित, कोर्ट को ऐसा नहीं करना चाहिए : ट्रंप

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क के अभियोजकों को उनके टैक्स रिकॉर्ड हासिल करने से नहीं रोकने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति स्टीफन ब्रेयर ने ट्रंप के पक्ष में एक निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करने को लेकर पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट को ऐसा नहीं करना चाहिए था। यह फैसला पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है और डेमोक्रेट नियंत्रण वाले न्यूयॉर्क में गवर्नर एंड्रयू कुओमो का असर इस पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘इससे पहले कभी भी किसी राष्ट्रपति के साथ ऐसा नहीं हुआ।’

एक और झटका : आव्रजन नीति की समीक्षा पर अदालत सहमत

अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप युग की आव्रजन नीति की समीक्षा करने पर भी सहमति व्यक्त की है। यह नीति सरकारी लाभ के इस्तेमाल की संभावना वाले प्रवासियों को स्थायी स्थिति (परमानेंट स्टेटस) से इनकार करती है।

यह मामला अमेरिकी गृह मंत्रालय और न्यूयॉर्क, कनेक्टिकट तथा वर्मोंट राज्यों के साथ साथ अप्रवासियों के अधिकार समूहों के बीच कानूनी विवाद को लेकर था। हालांकि ट्रंप की इस नीति को बाइडन प्रशासन पलटना चाहता है। इसके लिए उसने तैयारी भी कर ली है।

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