National

जल्द ही 2-18 साल के बच्चों को लगेगी कोरोना वैक्सीन, भारत बायोटेक को सरकार से मंजूरी का इंतजार

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

कोरोना का कहर अभी खत्म नहीं हुआ है, भले ही कोरोना के दैनिक मामलों की संख्या कम हो लेकिन खतरा अभी भी उतना ही बना हुआ है। अब धीरे-धीरे स्कूल खोले जा रहे हैं और छठी से 12वीं के बच्चों को बुलाया जा रहा है लेकिन अभिभावकों के मन में अभी भी डर है कि उनके बच्चे कोरोना से संक्रमित ना हो जाए। 

माता-पिता का ये डर लाजमी है लेकिन भारत बायोटेक, जिसने स्वदेशी कोरोना वायरस टीका कोवैक्सीन बनाया है, ने बताया है कि वो फरवरी अंत या मार्च की शुरुआत में बच्चोंं के लिए वैक्सीन ट्रायल शुरू कर सकती है। सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि नागपुर में बच्चों का एक बड़ा अस्पताल केंद्र के तौर पर चिन्हित किया गया है, जहां दो साल से लेकर 18 साल के बच्चों पर वैक्सीन ट्रायल किया जाएगा। 

जैसे ही भारत सरकार से हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक को बच्चों पर परीक्षण के लिए मंजूरी मिल जाएगी, वैसे ही ये प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जनवरी में कंपनी के प्रबंध निदेशक कृष्णा ईल्ला ने कहा था कि मई 2021 तक बच्चों के लिए वैक्सीन बना दी जाएगी। 

डॉक्टर आशीष तजने का कहना है कि दुनिया में इस तरह का ये पहला परीक्षण हैं, जहां दो साल से लेकर 18 साल तक के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा। डॉक्टर तजने ने कहा कि कोवैक्सीन टीके के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के मानवीय परीक्षण के लिए नागपुर पहली जगह थी। 

डॉक्टर तजने ने कहा कि शहर में अंतर्मुख के जरिए परीक्षण की प्रक्रिया जारी है लेकिन जल्द ही यहां नाक के जरिए भी परीक्षण की शुरुआत की जा रही है। हालांकि बच्चों की परीक्षण प्रक्रिया का अलग महत्व होगा। डॉक्टर तजने के मुताबिक, बच्चों की उम्र को तीन वर्गों में बांटा जाएगा, जिसमें 2-5 साल एक वर्ग, 6-12 साल दूसरा वर्ग और 12-18 साल तीसरा वर्ग होगा। 

भारत बायोटेक ने एलान किया था कि उसने सरकार के समक्ष 2-12 साल के बच्चों को वैक्सीन लगाने का प्रस्ताव भेजा है। एक उच्च अधिकारी ने बताया कि कंपनी की ओर से औपचारिक एलान तभी होगा, जब सरकार की ओर से मंजूरी मिल जाएगी।

कोरोना का कहर अभी खत्म नहीं हुआ है, भले ही कोरोना के दैनिक मामलों की संख्या कम हो लेकिन खतरा अभी भी उतना ही बना हुआ है। अब धीरे-धीरे स्कूल खोले जा रहे हैं और छठी से 12वीं के बच्चों को बुलाया जा रहा है लेकिन अभिभावकों के मन में अभी भी डर है कि उनके बच्चे कोरोना से संक्रमित ना हो जाए। 

माता-पिता का ये डर लाजमी है लेकिन भारत बायोटेक, जिसने स्वदेशी कोरोना वायरस टीका कोवैक्सीन बनाया है, ने बताया है कि वो फरवरी अंत या मार्च की शुरुआत में बच्चोंं के लिए वैक्सीन ट्रायल शुरू कर सकती है। सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि नागपुर में बच्चों का एक बड़ा अस्पताल केंद्र के तौर पर चिन्हित किया गया है, जहां दो साल से लेकर 18 साल के बच्चों पर वैक्सीन ट्रायल किया जाएगा। 

जैसे ही भारत सरकार से हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक को बच्चों पर परीक्षण के लिए मंजूरी मिल जाएगी, वैसे ही ये प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जनवरी में कंपनी के प्रबंध निदेशक कृष्णा ईल्ला ने कहा था कि मई 2021 तक बच्चों के लिए वैक्सीन बना दी जाएगी। 

डॉक्टर आशीष तजने का कहना है कि दुनिया में इस तरह का ये पहला परीक्षण हैं, जहां दो साल से लेकर 18 साल तक के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा। डॉक्टर तजने ने कहा कि कोवैक्सीन टीके के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के मानवीय परीक्षण के लिए नागपुर पहली जगह थी। 

डॉक्टर तजने ने कहा कि शहर में अंतर्मुख के जरिए परीक्षण की प्रक्रिया जारी है लेकिन जल्द ही यहां नाक के जरिए भी परीक्षण की शुरुआत की जा रही है। हालांकि बच्चों की परीक्षण प्रक्रिया का अलग महत्व होगा। डॉक्टर तजने के मुताबिक, बच्चों की उम्र को तीन वर्गों में बांटा जाएगा, जिसमें 2-5 साल एक वर्ग, 6-12 साल दूसरा वर्ग और 12-18 साल तीसरा वर्ग होगा। 

भारत बायोटेक ने एलान किया था कि उसने सरकार के समक्ष 2-12 साल के बच्चों को वैक्सीन लगाने का प्रस्ताव भेजा है। एक उच्च अधिकारी ने बताया कि कंपनी की ओर से औपचारिक एलान तभी होगा, जब सरकार की ओर से मंजूरी मिल जाएगी।

Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: