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जम्मू-कश्मीरः ऑनलाइन धोखाधड़ी में फेसबुक इंडिया प्रमुख के खिलाफ प्राथमिकी के आदेश

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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में फेसबुक इंडिया के प्रमुख और कई अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं। जम्मू निवासी विवेक सागर ने धोखाधड़ी की याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति धीरज सिंह ठाकुर ने साइबर सेल पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। 

याचिकाकर्ता विवेक सागर ने अपनी याचिका में कहा कि फेसबुक पर जारी एक विज्ञापन के माध्यम से उसके साथ बीस हजार सात सौ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। धोखाधड़ी के लिए इंटरनेट और एसएमएस का भी उपयोग किया गया। याची ने इस बारे में साइबर सेल पुलिस से भी संपर्क किया गया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में फेसबुक, बजाज फाइनेंस,क्वाड्रेंट  टेलिवेंचर्स के प्रमुख और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। उसके साथ 20 हजार 700 रुपये की धोखाधड़ी की गई। 

हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील दीपक शर्मा ने बताया कि चूंकि साइबर पुलिस ने उनके मुवक्किल की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए उन्होंने धारा 156(तीन) सीआरपीसी के तहत स्थानीय अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और एफ आईआर दर्ज करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी। 

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में फेसबुक इंडिया के प्रमुख और कई अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं। जम्मू निवासी विवेक सागर ने धोखाधड़ी की याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति धीरज सिंह ठाकुर ने साइबर सेल पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। 

याचिकाकर्ता विवेक सागर ने अपनी याचिका में कहा कि फेसबुक पर जारी एक विज्ञापन के माध्यम से उसके साथ बीस हजार सात सौ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। धोखाधड़ी के लिए इंटरनेट और एसएमएस का भी उपयोग किया गया। याची ने इस बारे में साइबर सेल पुलिस से भी संपर्क किया गया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में फेसबुक, बजाज फाइनेंस,क्वाड्रेंट  टेलिवेंचर्स के प्रमुख और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। उसके साथ 20 हजार 700 रुपये की धोखाधड़ी की गई। 

हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील दीपक शर्मा ने बताया कि चूंकि साइबर पुलिस ने उनके मुवक्किल की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए उन्होंने धारा 156(तीन) सीआरपीसी के तहत स्थानीय अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और एफ आईआर दर्ज करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी। 

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arvind007

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