Uttar Pradesh

जनवरी की ‘गुलाबी ठंड’ से किसानों को होगा नुकसान, घट सकती है इस फसल की पैदावार

प्रतीकात्मक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला।

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

जनवरी माह में कड़ाके की ठंड नहीं पड़ने से भले ही अधिकतर लोग खुश हैं और गुलाबी ठंड का आनंद ले रहे हैं, लेकिन इससे किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं। पिछले करीब दस दिनों से जिस तरह से मौसम गर्मी का रिकार्ड तोड़ रहा है उससे गेहूं की फसल को काफी नुकसान हो चुका है। जानकार बताते हैं कि यदि कुछ दिन और इसी तरह का मौसम बना रहा तो गेहूं की पैदावार बीस प्रतिशत तक प्रभावित हो सकती है। यही नहीं आलू और दलहन की फसल को भी नुकसान होगा।

बता दें कि पिछले 10 दिनों से अधिकतर तापमान 25 डिग्री के आसपास बना हुआ है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि गेहूं की फसल के लिए न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री के बीच होना चाहिए। ज्यादा तापमान रहने से गेहूं की पौध में शाखाएं नहीं निकल पाती हैं।

वहीं, जो मुख्य शाखा होती है उसमें बालियां जल्दी निकल आती हैं। मौसम गर्म होने की वजह से बालियां समय से पहले पकने भी लगती हैं। इस तरह दाने छोटे हो जाते हैं। इससे गेहूं की पैदावार काफी घट जाती है। वहीं, दलहन और सरसों की फसलों को भी नुकसान हो सकता है, क्योंकि इसी समय फूल आने का समय होता है। तापमान ज्यादा होने की वजह से फूल छोटे-छोटे होंगे। जिसकी वजह से दाने भी छोटे-छोटे होंगे। जानकार आशंका जता रहे हैं कि गेहूं की पैदावार में 20 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।
कृषि विशेषज्ञ अजय सिंह ने बताया कि पिछले करीब 10 दिनों से जिस तरह से तापमान बना हुआ है, उससे गेहूं की फसल को 10 प्रतिशत तक नुकसान हो चुका है। तापमान ज्यादा रहने की वजह से गेहूं की शाखाएं नहीं बन पा रही हैं। अगर 12 जनवरी के बाद तापमान में कमी नहीं आती है तो इस बार गेहूं की खेती करने वाले किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है। दरअसल, इस समय गेहूं की दूसरी बार सिंचाई का समय आ चुका है। इसी समय शाखाएं निकलती हैं। शाखाएं तब निकलती हैं जब तापमान कम रहता है।
 
जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि पिछले दस दिनों से जैसा तापमान बना हुआ है वह गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने वाला है। ऐसे मौसम के कारण पौधों में बालियां समय से पहले आ जाएंगी और दाने कम और छोटे हो जाएंगे। जिन किसानों ने देरी से आलू की बुआई की है, उनको भी नुकसान झेलना पड़ सकता है। आलू छोटे रह जाएंगे।
 
गोभी की फसल के लिए फायदेमंद
अजय सिंह ने बताया कि इस तरह का मौसम गोभी की फसल के लिए फायदेमंद होता है। अगर मौसम साफ रहता है तो गोभी चमकती रहती है। कोहरे या बादल की वजह से आकाश साफ नहीं हो पाता है तो गोभी काली पड़ जाती है। उनकी चमक खत्म हो जाती है।
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि 13 जनवरी से न्यूनतम तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री के आसपास बना रहेगा, लेकिन आकाश साफ रहेगा। वहीं, दिन का तापमान 24-25 डिग्री के आसपास बना रहेगा। गेहूं की फसल के लिए यह स्थिति काफी खराब है। हालात वर्ष 2006 वाले हो रहे हैं। इस तरह के मौसम के कारण गेहूं की पैदावार में 20 प्रतिशत तक की गिरावट की आशंका है।

पिछले दस दिनों का तापमान
1.         21.5    5.4
2.        22.4     5.8
3.       24.0     8.6
4.       20.4    13.4
5.       22.6    15.2
6.      26.8    12.0
7.      26.7    14.6
8.     24.8     14.2
9.     23.2     12.0
10    25.1     15.4

जनवरी माह में कड़ाके की ठंड नहीं पड़ने से भले ही अधिकतर लोग खुश हैं और गुलाबी ठंड का आनंद ले रहे हैं, लेकिन इससे किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं। पिछले करीब दस दिनों से जिस तरह से मौसम गर्मी का रिकार्ड तोड़ रहा है उससे गेहूं की फसल को काफी नुकसान हो चुका है। जानकार बताते हैं कि यदि कुछ दिन और इसी तरह का मौसम बना रहा तो गेहूं की पैदावार बीस प्रतिशत तक प्रभावित हो सकती है। यही नहीं आलू और दलहन की फसल को भी नुकसान होगा।

बता दें कि पिछले 10 दिनों से अधिकतर तापमान 25 डिग्री के आसपास बना हुआ है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि गेहूं की फसल के लिए न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री के बीच होना चाहिए। ज्यादा तापमान रहने से गेहूं की पौध में शाखाएं नहीं निकल पाती हैं।

वहीं, जो मुख्य शाखा होती है उसमें बालियां जल्दी निकल आती हैं। मौसम गर्म होने की वजह से बालियां समय से पहले पकने भी लगती हैं। इस तरह दाने छोटे हो जाते हैं। इससे गेहूं की पैदावार काफी घट जाती है। वहीं, दलहन और सरसों की फसलों को भी नुकसान हो सकता है, क्योंकि इसी समय फूल आने का समय होता है। तापमान ज्यादा होने की वजह से फूल छोटे-छोटे होंगे। जिसकी वजह से दाने भी छोटे-छोटे होंगे। जानकार आशंका जता रहे हैं कि गेहूं की पैदावार में 20 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।


Source link

arvind007

News Media24 is a Professional News Platform. Here we will provide you National, International, Entertainment News, Gadgets updates, etc. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: