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चीन में नए कोरोना वायरस स्ट्रेन का पहला मामला सामने आया

कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : iStock

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चीन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का पहला मामला सामने आया है। यह जानकारी रायटर्स के हवाले से दी गई है। बता दें कि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन ब्रिटेन में सबसे पहले सामने आया था, उसके बाद यह स्ट्रेन दुनिया के अन्य देशों में फैल रहा है।

कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने के बाद वैज्ञानिकों और दुनिया के लोगों में खौफ और हड़कंप मचा हुआ है। ब्रिटेन ने भी अपने यहां सख्ती को बढ़ा दिया है।प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसके मद्देनजर ब्रिटेन में अब तक का सबसे सख्त लॉकडाउन लागू किया गया है। गुरुवार (31 दिसंबर) से इंग्लैंड की आबादी के तीन-चौथाई हिस्सों में शीर्ष स्तर का लॉकडाउन लागू कर दिया गया है।

 

वहीं कई देशों में कोरोना के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान के बीच वैक्सीन को लेकर चीन ने भी एक खुशखबरी दे दी है। गुरुवार को चीन ने सरकारी कंपनी ‘सिनोफार्म’ द्वारा विकसित कोरोना की वैक्सीन को सशर्त मंजूरी दे दी। यह चीन की पहली ऐसी वैक्सीन है, जिसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई है।

देश के चिकित्सा उत्पादन प्रशासन के उपायुक्त चेन शिफेई ने गुरुवार को बताया कि यह फैसला बुधवार रात को लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना से बचाव के लिए ‘बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स’ की इस वैक्सीन की दो खुराक लोगों को दी जाएगी। दरअसल, यह सिनोफार्म की सहायक कंपनी है। 

सिनोफार्म कंपनी ने बीते बुधवार को ही कहा था कि यह वैक्सीन जांच के अंतिम चरण के प्रारंभिक नतीजों के मुताबिक संक्रमण से बचाव में 79.34 फीसदी प्रभावी पाई गई है। ‘बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स’ ने खुद अपनी वेबसाइट पर इस बात की जानकारी दी थी कि उसने अपनी वैक्सीन के तीसरे और अंतिम चरण के परीक्षण के बाद इसे मंजूरी देने के लिए आवेदन किया है, जिसे अब मंजूरी मिल गई। 

हालांकि इस वैक्सीन को मंजूरी मिलने से पहले ही चीन में करीब 10 लाख लोगों को इसका टीका लगाया जा चुका है। एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इनमें से किसी में भी गंभीर साइड-इफेक्ट (दुष्प्रभाव) देखने को नहीं मिले हैं। इस वैक्सीन की कीमत क्या होगी, इसका खुलासा अभी तक नहीं किया गया है, लेकिन सिनोफार्म कंपनी के चेयरमैन लिऊ जिंन्गजेन ने अगस्त महीने में ही कहा था कि जब यह वैक्सीन बाजार में उतारी जाएगी तो इसकी दो खुराक की कीमत 1000 चीनी युआन यानी करीब 10 हजार रुपये से कम होगी। 

चीन में अब तक कोरोना की चार वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स/सिनोफार्म की वैक्सीन पहली ऐसी वैक्सीन है, जिसे चीन में आम लोग भी इस्तेमाल कर सकेंगे। अन्य जिन वैक्सीन को चीन में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिली हुई है, उनमें सिनोवैक की वैक्सीन, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स/सिनोफार्म की वैक्सीन और कैनसिनो बायोलॉजिकल इंक की वैक्सीन शामिल हैं। 

बुधवार को ब्रिटेन ने भी ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है। यह ट्रायल के शुरुआती नतीजों में 90 फीसदी तक असरदार पाई गई है। 

चीन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का पहला मामला सामने आया है। यह जानकारी रायटर्स के हवाले से दी गई है। बता दें कि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन ब्रिटेन में सबसे पहले सामने आया था, उसके बाद यह स्ट्रेन दुनिया के अन्य देशों में फैल रहा है।

कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने के बाद वैज्ञानिकों और दुनिया के लोगों में खौफ और हड़कंप मचा हुआ है। ब्रिटेन ने भी अपने यहां सख्ती को बढ़ा दिया है।प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसके मद्देनजर ब्रिटेन में अब तक का सबसे सख्त लॉकडाउन लागू किया गया है। गुरुवार (31 दिसंबर) से इंग्लैंड की आबादी के तीन-चौथाई हिस्सों में शीर्ष स्तर का लॉकडाउन लागू कर दिया गया है।

 

वहीं कई देशों में कोरोना के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान के बीच वैक्सीन को लेकर चीन ने भी एक खुशखबरी दे दी है। गुरुवार को चीन ने सरकारी कंपनी ‘सिनोफार्म’ द्वारा विकसित कोरोना की वैक्सीन को सशर्त मंजूरी दे दी। यह चीन की पहली ऐसी वैक्सीन है, जिसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई है।

देश के चिकित्सा उत्पादन प्रशासन के उपायुक्त चेन शिफेई ने गुरुवार को बताया कि यह फैसला बुधवार रात को लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना से बचाव के लिए ‘बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स’ की इस वैक्सीन की दो खुराक लोगों को दी जाएगी। दरअसल, यह सिनोफार्म की सहायक कंपनी है। 

सिनोफार्म कंपनी ने बीते बुधवार को ही कहा था कि यह वैक्सीन जांच के अंतिम चरण के प्रारंभिक नतीजों के मुताबिक संक्रमण से बचाव में 79.34 फीसदी प्रभावी पाई गई है। ‘बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स’ ने खुद अपनी वेबसाइट पर इस बात की जानकारी दी थी कि उसने अपनी वैक्सीन के तीसरे और अंतिम चरण के परीक्षण के बाद इसे मंजूरी देने के लिए आवेदन किया है, जिसे अब मंजूरी मिल गई। 

हालांकि इस वैक्सीन को मंजूरी मिलने से पहले ही चीन में करीब 10 लाख लोगों को इसका टीका लगाया जा चुका है। एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इनमें से किसी में भी गंभीर साइड-इफेक्ट (दुष्प्रभाव) देखने को नहीं मिले हैं। इस वैक्सीन की कीमत क्या होगी, इसका खुलासा अभी तक नहीं किया गया है, लेकिन सिनोफार्म कंपनी के चेयरमैन लिऊ जिंन्गजेन ने अगस्त महीने में ही कहा था कि जब यह वैक्सीन बाजार में उतारी जाएगी तो इसकी दो खुराक की कीमत 1000 चीनी युआन यानी करीब 10 हजार रुपये से कम होगी। 

चीन में अब तक कोरोना की चार वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स/सिनोफार्म की वैक्सीन पहली ऐसी वैक्सीन है, जिसे चीन में आम लोग भी इस्तेमाल कर सकेंगे। अन्य जिन वैक्सीन को चीन में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिली हुई है, उनमें सिनोवैक की वैक्सीन, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स/सिनोफार्म की वैक्सीन और कैनसिनो बायोलॉजिकल इंक की वैक्सीन शामिल हैं। 

बुधवार को ब्रिटेन ने भी ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है। यह ट्रायल के शुरुआती नतीजों में 90 फीसदी तक असरदार पाई गई है। 




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arvind007

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